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अगले महीने धरती के करीब से गुजरेगा साल का सबसे विशाल ऐस्टरॉइड 1000 मीटर की चट्टान पर क्यों टिकी हैं नासा की निगाहें?
February 11, 2021
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📝 ✍️अगले महीने धरती के करीब से गुजरेगा साल
का सबसे विशाल ऐस्टरॉइड 1000 मीटर की चट्टान पर क्यों टिकी हैं नासा की निगाहें?
नईदिल्ली। ऐस्टरॉइड्स का धरती
के करीब से गुजरना नई बात नहीं है
लेकिन अगले महीने एक ऐसा ऐस्टरॉइड
यह सफर तय करने वाला है, जिस पर
दुनिया की कई स्पेस एजेंसियों की नजरें
रहेंगी। दरअसल, 231937 इस साल का
सबसे विशाल ऐस्टरॉइड होने वाला है।
अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा के
मुताबिक यह कम से कम 1024 मीटर
चौड़ा है। यूं तो इससे धरती को कोई
खतरा नहीं होगा लेकिन नासा ने इसे
खतरनाक ऐस्टरॉइड की श्रेणी में रखा है।
अभी कितना खतरा
सौरमंडल में 34.4 किलोमीटर प्रतिघंटे
की रतार से सफर कर रहा है। नासा के
मुताबिक 2001 मार्च को धरती से 5.3
लूनर डिस्टेंस दूर से गुजरेगा यानी करीब
20 लाख किलोमीटर दूर से। इस
ऐस्टरॉइड को खतरनाक की श्रेणी में रखा
गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं
है कि इससे अभी कोई खतरा है। इस
श्रेणी के ऐस्टरॉइड्स के भविष्य में धरती
से टकराने की आशंका होती है लेकिन
यह जल्द नहीं होगा।
धरती से टकराएगा?
दरअसल, ऐस्टरॉइड्स के रास्ते पर
बहुत सी चीजों का असर पड़ता है,
जैसे सौर मंडल के ऑजे-
ट्स का
गुरुत्वाकर्षण। इसकी वजह से उनका
रास्ता बदल सकता है। इसके अलावा
सूरज की गर्मी से पिघलने और
फिर ठंडा होने पर रेडिएशन के
उत्सर्जन से भी इनका रास्ता बदल
सकता है। इसे इफेक्ट कहते हैं।
रेडिएशन की वजह से ऐस्टरॉइड पर
फोर्स थ्रस्टर की तरह काम करती है।
भविष्य में ऐसी किसी घटना से रास्ता
बदलने पर यह विशाल ऐस्टरॉइड
धरती से टकरा सकता है।
ऐस्टरॉइड्स से शुरू हुआ जीवन?
ऐस्टरॉइड्स पर वैज्ञानिकों की नजरें न
सिर्फ धरती की तरफ आते संकट को
भांपने के लिए होती हैं, - क्योंकि माना जाता
है कि 4.6 अरब साल पहले सौर मंडल के
बनने के साथ पैदा हुए ये ऑजेक्ट अब
तक बदले नहीं हैं। इससे ब्रह्मांड से जुड़े
सवालों के जवाब खोजने में ऐस्टरॉइड्स
की रिसर्च मददगार साबित हो सकती है।
इसके अलावा यह भी माना जाता है कि
धरती से ऐस्टरॉइड्स की टक्कर की वजह
से ही यहां जीवन का विकास शुरू हुआ।
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