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बीकानेर के मास्टर प्लान को लेकर मंथन,दर्ज कराई जा रही आपत्तियां
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🔊 बीकानेर के मास्टर प्लान को लेकर मंथन,दर्ज कराई जा रही आपत्तियां ✍️पन्नालाल नांगलबीकानेर। बीकानेर नगरीय विकास समिति की एक बैठक 06.10.2020 को करणीनगर स्थित कार्यालय में आहूत की गई थी। बीकानेर मास्टर प्लान 2023 में वरिष्ठ नगर नियोजक कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 22.09.2020 से भू-उपयोग परिवर्तन पर आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। इस संदर्भ में बैठक में विस्तृत चर्चा की गई तथा बीकानेर के विभिन्न वर्गों के लोगों से ऑन लाईन वार्ता भी की गई। बीकानेर के प्रबुद्ध जनों द्वारा इस अधिसूचना के संदर्भ में इस बात पर चिन्ता व्यक्त की गई कि वर्ष 2002 में लागू बीकानेर मास्टर प्लान-2023 में वर्ष 2008 में 10 और गांव षामिल करने के बावजूद राज्य सरकार द्वारा बीकानेर के नगरीयकरण योग्य क्षेत्र को नहीं बढाया गया। बीकानेर षहर के विकास के लिए जरुरी मार्ग निर्देषक के रुप में मास्टर प्लान-2023 वर्तमान में प्रभावी है। पूर्व प्रभावी बीकानेर मास्टर प्लान-2006 के स्थान पर बीकानेर मास्टर प्लान-2023 राजस्थान नगर सुधार अधिनियम 1959 की धारा 5;1द्ध के अन्तर्गत बीकानेर प्रारुप मास्टर प्लान-2023 पर जनता की आपत्ति/सुझाव आमंत्रित करने हेतु अधिसूचना दिनांक 22.12.2001 को जारी कर प्रकाशित किया गया व अनुमोदन कर दिनांक 22.10.2002 को लागू किया गया,इसमें 26 राजस्व ग्राम शामिल थे। वर्ष 2008 में 10 राजस्व ग्रामों का क्षेत्र मास्टर प्लान-2023 में और षामिल किया गया। तत्समय राज्य सरकार को बीकानेर के मास्टर प्लान में षामिल किये गये क्षेत्र के हिसाब से नगरीयकरण योग्य क्षेत्र बढाना चाहिए था, जो नहीं बढाया गया। बीकानेर के विकास के लिए वर्तमान व प्रस्तावित रोड़ बाई पास से व अन्दर की सभी लिंक रोड़ के दौनों तरफ एक-एक किलोमीटर मिश्रित तथा अन्दर का क्षेत्र नगरीयकरण भू-उपयोग परिवर्तन के प्रस्ताव भिजवाये गये थे। सरकार ने उन्हें रद्दी की टोकरी में डाल दिया। राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्णय की पालना में नगरीय विकास विभाग द्वारा सभी षहरों के जोनल व सेक्टर प्लान बनाने के आदेष बीकानेर नगर विकास न्यास व वरिष्ठ नगर नियोजक बीकानेर ने रद्दी की टोकरी के हवाले कर दिये। नतीजतन बीकानेर का सुनियोजित विकास होने के स्थान पर चारों ओर खातेदारी/गैरखातेदारी व राजकीय जमीनों पर अनियोजित अवैध आवासीय कॉलोनियों के बनने से बीकानेर का स्वरुप बिगड़ता जा रहा हैं। हाल में कार्यालय वरिष्ठ नगर नियोजक, बीकानेर द्वारा एक व्यक्ति विषेष/बिल्डर की भूमि को रेल बाई के अलाईनमेंट को आड़ बनाकर झूठे तथ्यों के आधार पर ग्रीन बेल्ट से बाहर करने की कवायद की गई है। जबकि बीकानेर षहर के चारों ओर जन सामान्य आवास की समस्या से जूझ रहे हैं। इस बारे में राजस्थान उच्च न्यायालय में दायर याचिका डी.बी. सिविल रिट 1554/2004 गुलाब कोठारी व अन्य बनाम सरकार में माननीय न्यायालय के निर्देष हैं कि मास्टर प्लान लागू होने के बाद स्थानीय निकाय सिर्फ व्यापक जनहित में भू-उपयोग परिवर्तन प्रस्तावित कर सकते हैं या सरकार भी सिर्फ व्यापक जनहित में भू-उपयोग परिवर्तन कर सकती है, किसी भी सूरत में व्यक्ति विषेष के नीजि हित में भू-उपयोग नहीं करेंगे। लेकिन इस अधिसूचना के जरिये व्यापक जनहित में भू-उपयोग परिवर्तन नहीं किया जाकर, व्यक्ति विषेष/एक बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए भू-उपयोग परिवर्तन किया जा रहा है। जो न्यायालय के निर्देषों की अवमानना की श्रेणी में है। रेल फाटकों के सम्बन्ध में दायर रिट याचिका 443/2014 में राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 06.09.2018 को स्थगन आदेष जारी किया हुआ है और रेल बाई पास या ऐलीवेटेड रोड़ किसी के लिए कोई भूमि अवाप्ति नहीं की जा रही है। जबकि नगर नियोजन विभाग की अधिसूचना में रेल बाई पास के लिए रेलवे द्वारा भूमि अवाप्ति को आधार बनाकर भू-उपयोग परिवर्तन की कवायद की जा रही है। बीकानेर के व्यापक जनहित में इस अधिसूचना के विरुद्ध आपत्तियां दर्ज कराने के लिए जन जागरुकता के तहत बीकानेर नगरीय विकास समिति कार्यकर्ताओं द्वारा जिला उद्योग संघ, बीकानेर उद्योग व्यापार मण्डल, बीकानेर बार एसोसियेषन, बीकानेर सर्राफा समिति, बीकानेर महापौर व अनेक पार्षदों, प्रबुद्धजनों व जन सामान्य से सम्पर्क कर नगरीय विकास विभाग द्वारा बीकानेर की जनता से की जा रही अन्यायपूर्ण, भेदभावपूर्ण विधि विरुद्ध कार्यवाही के विरोध में अधिकाधिक आपत्तियां दर्ज कराने का आव्हान किया गया है। इस क्रम में बीकानेर के वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के.दासगुप्ता,वरिष्ठ उद्योगपति कन्हैयालाल बौथरा और वरिष्ठ पत्रकार अशोक माथुर द्वारा मुख्य नगर नियोजक, जयपुर व वरिष्ठ नगर नियोजक, बीकानेर को आपत्तियां भेजी जा चुकी हैं। बीकानेर नगरीय विकास समिति द्वारा हजारों की संख्या में बीकानेर के प्रबुद्ध नागरिकों की आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
कोरोना
पॉजिटिव का नेगेटिव खेल
कुछ शरारती तत्व अनधिकृत लिस्ट जारी कर सनसनी फैलाने की नाकाम कोशिश करने से बाज नहीं आ रहे। आज तो अधिकृत आंकड़ों से कम की एक लिस्ट वायरल की जाने की खबर है। जबकि आज से पहले ऐसी लिस्ट के आंकड़ों से कम आंकड़े अधिकृत घोषित हुए जो कि सवालों के घेरे में भी रहे।
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