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वेटरनरी विश्वविद्यालय
सतत् पशुचिकित्सा शिक्षा में नई पहल
फील्ड पशुचिकित्सकों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण
बीकानेर, 9 जुलाई। राजस्थान पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर ने फील्ड में कार्यरत पशुचिकित्सकों के ज्ञान एवं कौशल विकास हेतु विभिन्न ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किये है। कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने बताया कि सतत् पशुचिकित्सा शिक्षा के तहत विश्वविद्यालय में नये सृजित मानव संसाधन विकास निदेशालय के अर्न्तगत फील्ड पशुचिकित्सकों के लिए ये ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू किये गये हैं। पशुचिकित्सकों को पशुचिकित्सा के क्षेत्र में उपयोग होने वाली आधुनिक तकनीकों व पशुचिकित्सा की विभिन्न विधियों से अवगत कराने की जरूरत को महसूस करते हुए ये ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू किये गये हैं। पशुचिकित्सकों को पशु बांझपन के विभिन्न कारण एवं निवारण, पशु शल्य चिकित्सा में विभिन्न फ्रेक्चरों का प्रबंधन, पशुओं की विभिन्न हड्डियों के आधार पर उनकी प्रजाति की पहचान आदि मुख्य विषय पर प्रशिक्षण दिये जाएगे। ये प्रशिक्षण ना केवल प्रशिक्षणार्थियों के ज्ञान एवं कौशल विकास में सहायक होंगे अपितु फील्ड कन्डीशन में आने वाली कानूनी दिक्कतों के समाधान में भी सहायक होंगे। निदेशक, मानव संसाधन विकास डॉ. ए.के. कटारिया ने बताया कि इन चार ऑनलाइन पाठ्यक्रम के अर्न्तगत पशु शल्यचिकित्सा में विभिन्न डाइग्नॉस्टिक्स तकनीकों का अध्ययन, छोटे व बड़े पशुओं में फ्रेक्चर प्रबन्धन की विभिन्न तकनीक, वेटरोलिगल केस में हड्डियो के आधार पर पशु प्रजाति की पहचान तथा गायों एवं भैंसों में होने वाले बांझपन एवं इसके निवारण विषय पर होगें। सभी प्रशिक्षणो में विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक विषय वक्ता होगे। सभी प्रशिक्षणो का समय सांय 6ः00 बजे से 7ः30 बजे तक रहेगा। इच्छुक प्रशिक्षणार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाईट पर दिये गये निर्देशानुसार अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते है। प्रशिक्षण के उपरान्त सभी प्रशिक्षार्थियों को ई-सर्टीफिकेट प्रदान किये जायेंगे।
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