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एसकेआरएयूः राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के नेशनल काॅर्डिनेटर से मिले कुलपति
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परियोजना के तहत आनलाइन आयोजनों की संभावनाओं पर हुई चर्चा
बीकानेर, 9 जुलाई। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना (नाहेप) के राष्ट्रीय समन्वयक डाॅ. आर. बी. शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान डाॅ. सिंह ने कहा कि कोविड-19 की वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर नाहेप के तहत आॅनलाइन प्रशिक्षण, संगोष्ठियां, कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिनसे कृषि विद्यार्थियों, किसानों और शिक्षकों को घर बैठे ही दुनिया भर के कृषि विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिल सके। उन्होंने कहा कि नाहेप का मुख्य उद्देश्य ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से ‘स्किल डवलपमेंट’ करना है, जिससे किसान और कृषि विद्यार्थी आत्मनिर्भर और जाॅब प्रोवाइडर बन सके। इसी उद्देश्य के साथ विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2018-19 से इस परियोजना के तहत विभिन्न गतिविधियां संचालित हो रही हैं। यह क्रम मार्च 2021 तक अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों और कृषि विद्यार्थियों को इनसे लाभ हुआ है। इनके साथ ही शैक्षणिक संसाधनों को बढ़ावा देने के लिए भी परियोजना के तहत राशि व्यय की गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में कृषि विद्यार्थियों, किसानों अथवा विषय विशेषज्ञों का एक से दूसरे स्थान पर आवागमन मुश्किल है। इन परिस्थितियों में भी इन वर्गों को नाहेप का भरपूर लाभ मिले, इसके मद्देनजर विश्वविद्यालय द्वारा निकट भविष्य में वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में देश सहित दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को मार्गदर्शन हेतु आमंत्रित किया जाएगा। जिससे दुनिया की कृषि क्षेत्र की नई तकनीकों से किसान और विद्यार्थी रूबरू हो सकें और एग्रीप्रिन्योर के रूप में आगे आएं। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी इसका भरपूर लाभ मिले, इसके लिए भी समन्वित एवं और बेहतर प्रयास होंगे। कुलपति ने डाॅ. शर्मा को नाहेप के तहत अब तक किए गए कार्यों एवं आयोजनों की जानकारी दी। इस दौरान वित्तीय अनुदान पर भी चर्चा की गई।
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