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अर्थी उठाने को पूरे नहीं पड़े लोग,
हाथ लगाने के लिए मांगे पैसे
नई दिल्ली। कोरोना संकट में हालात इस कदर बिगड़े हैं
कि आखिरी समय में कंधा देने को चार लोग नहीं जुट
पा रहे। ऐसा ही वाकया मंगलवार रात ईस्ट दिल्ली के
कृष्णा नगर में घटा। जहां 65 साल की महिला की
लंबी बीमारी के बाद मौत हुई। बेटे के साथ नाते-
रिश्तेदार भी निगमबोध घाट पहुंचे। लेकिन वहां कंधा
देने के लिए एक शख्स कम पड़ गया। कफन लाने
वाले को तैयार किया गया। बाद में उसने भी कंधा देने
के पैसे मांग लिए। घरवालों ने बताया कि बुजुर्ग महिला
तीन-चार साल से किडनी-लिवर की समस्या से जूझ
रही थीं और दो महीने से अस्पताल में थीं। उनकी
मंगलवार शाम 7.30 बजे मौत हुई। परिवार में बेटा
और दो बेटियां हैं। बेटा ऐंबुलेंस से शव को देर शाम
घर लाया। पड़ोसी रात को ही अंतिम संस्कार कराने की
कहने लगे। लेकिन कोई श्मशान घाट जाने को तैयार
नहीं हुआ। बेटा शव को निगमबोध घाट लाया। पता
चलने पर कृष्णा नगर में 'नर सेवा, नारायण सेवा मित्र
मंडलÓ से जुड़े संजय शर्मा भी कुछ लोगों के साथ
पहुंचे। संजय शर्मा ने बताया कि अर्थी उठाने की बारी
आई तो रिश्तेदार नजदीक नहीं आए। महिला के बेटे,
खुद संजय शर्मा और उनके मित्र मिलकर तीन हुए।
आखिर में अर्थी-कफन वाले से गुजारिश की गई।
साभार युगपक्ष
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