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अंतिम नहीं होगा 'सुप्रीम' फैसला,
आगे भी खुले होंगे ये विकल्प
नई दिल्ली (हिस)। सुप्रीम कोर्ट राम
मंदिर विवाद पर कुछ भी फैसला दे सकता है,
ऐसे में आगे की स्थिति क्या होगी. -
क्या यह
अंतिम फैसला होगा और सभी पक्षों को इस
फैसले पर रजामंदी देनी होगी.
रिव्यू पीटिशन का होगा मौका
कोर्ट के फैसले के बाद हर पक्ष के पास
पुनर्विचार याचिका (रिव्यू पिटीशन) डालने का
मौका रहेगा. कोई भी पक्षकार फैसले को लेकर
सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका दाखिल कर
सकता है जिस पर बेंच सुनवाई कर सकती है.
हालांकि कोर्ट को यह तय करना होगा कि वह
पुनर्विचार याचिका को कोर्ट में सुने या फिर चैंबर
में सुने. बेंच अपने स्तर पर ही इस याचिका को
खारिज कर सकती है या फिर इससे ऊपर के बेंच
को स्थानांतरित कर सकती है. हालांकि कोर्ट के
फैसले के अब तक के इतिहास बताते हैं कि बेंच
अपने स्तर पर ही याचिका पर फैसला ले लेता है.
-
या है -
यूरेटिव पिटीशन
सुप्रीम कोर्ट की ओर से पुनर्विचार
याचिका पर फैसला सुनाए जाने के बाद भी
पक्षकारों के पास एक और विकल्प होगा. कोर्ट
के फैसले के खिलाफ यह दूसरा और अंतिम
विकल्प है जिसे -
यूरेटिव पिटीशन (उपचार
याचिका) कहा जाता है.
हालांकि -
यूरेटिव पिटीशन पुनर्विचार
याचिका से थोड़ा अलग है, इसमें फैसले की
जगह मामले में उन मुद्दों या विषयों को
चिन्हित करना होता है जिसमें उन्हें लगता है
कि इन पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है. इस
-
यूरेटिव पिटीशन पर भी बेंच सुनवाई कर
सकता है या फिर उसे खारिज कर सकता है.
इस स्तर पर फैसला होने के बाद केस खत्म
हो जाता है और जो भी निर्णय आता है वही
सर्वमान्य हो जाता है.
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