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20वां विश्व दृष्टि दिवस -::- आप चाहते हैं कि आपके जाने
के बाद भी आपकी आंखों से कोई दृष्टिहीन
दुनियां देख सके, तो आज ही नेत्रदान का
संकल्प लेवें।
-✍️ डॉ. विक्रम सिंह यादव
के बाद भी आपकी आंखों से कोई दृष्टिहीन
दुनियां देख सके, तो आज ही नेत्रदान का
संकल्प लेवें।
-✍️ डॉ. विक्रम सिंह यादव
दृष्टि क्षीणता, अंधापन एवं नेत्र स्वास्थ्य
के प्रति आम जन के बीच जागरूकता बढ़ाने
हेतु प्रतिवर्ष अटूबर माह के दूसरे गुरूवार को
विश्व दृष्टि दिवस मनाया जाता है। हर वर्ष की
भांति इस वर्ष 10 अटूबर को विजन फर्स्ट
विषय पर 20वां विश्व दृष्टि दिवस मनाया जा
रहा है। अंधापन रोकथाम के लिए अन्तर्राष्ट्रीय
संस्थान के अनुसार विश्वभर में लगभग 253
मिलियन लोग दृष्टिहीनता से पीडि़त हैं। इनमें से 36 मिलियन लोग दृष्टिहीन और
217 मिलियन लोग मध्यम या गंभीर दृष्टि
दोष वाले हैं। दृष्टि दोष के कारणों में निकट
एवं दूर दृष्टि दोष (43 प्रतिशत),
मोतियाबिंद (33 प्रतिशत), कॉर्नियल
ऑपेसिटी, ग्लूकोमा, डायबिटिक रेटिनोपैथी
आदि मुय कारण है। भारत में विश्व का सबसे ज्यादा दृष्टि दोष पाया जाता है। यहां 62 मिलियन लोग दृष्टि दोष
से पीडि़त हैं, इनमें से 8 मिलियन अंधेपन से
पीडि़त हैं। हालांकि भारत सरकार ने इसकी
रोकथाम और निवारण के लिये लगातार प्रयास
किये हैं। विजन 2020 हो या फिर राष्ट्रीय अंधता
नियन्त्रण कार्यक्रम सबसे महत्वपूर्ण प्रयासों में
से है। सरकार, विभिन्न गैर सरकारी संस्थान,
स्वयंसेवी संस्थानों की मदद से सुदूर दूरस्थ,
दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों में कैप लगाकर किये गये
प्रयासों का परिणाम है कि नेत्रहीनता का प्रसार
4.58 प्रतिशत (1990) से घटकर 3.37
प्रतिशत (2015) हुआ है। आज हम तकनीकी क्षेत्र में इतने आगे
बढ़ चुके हैं, इसकी तुलना में दृष्टिहीनता का
बोझ कम नहीं हुआ। दृष्टिहीनता निवारण के क्षेत्र
में हमें और प्रयास करने की जरूरत है। आज
भी भारत में मात्र 14 नेत्र रोग विशेषज्ञ प्रति
मिलियन है जो कि विकसित देशों अमेरिका से
एक चैथाई है। हमें प्रशिक्षित मानव संस्थानों के
साथ-साथ इन्फ्रास्ट्रचर और आमजन
जागरूकता पर और ध्यान देने की जरूरत है।
विभिन्न नेत्र संस्थानों, अस्पतालों और
एजेंसियों द्वारा नेत्रहीन लोगों को बेहतर अवसर
प्रदान करने के लिये अभियान चलाये जा रहे
हैं। 1 अप्रेल से 7 अप्रेल 2019 को अंधेपन
रोकथाम सप्ताह मनाया गया, उसी क्रम में आज
विश्व दृष्टि दिवस पर विभिु होल्डिंग, पोस्टर,
पेटिंग, लेखन, सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया,
टेलीविजन के माध्यम से जन जागरूकता के
प्रयास जारी हैं।
आंखें कुदरत का दिया अनमोल तोहफा है।
उन्हीं की बदौलत आप इस संसार के खूबसूरत
नजारे देख पाते हैं, आंखों को स्वस्थ रखने के
लिये -
1. पौष्टिक आहार जिनमें हरी पत्तेदार सब्जियां,
मौसमी फलों का सेवन, पपीता, नींबू, आम
आदि का सेवन करें।
2. वेल्डिंग, ड्रिलिंग जैसे काम करते समय
बचाव के लिये चश्मा पहनें।
3. आंखों को गंदे हाथों से छुऐं या मसलें नहीं।
4. आंखों में संक्रमण होने पर किसी नीम-
हकीम या झोलाछाप के बजाये नेत्र विशेषज्ञ
चिकित्सक की सलाह लेवें।
5. अपर्वतक दृष्टि दोष के लिये चश्मा पहनें।
6. मोतियाबिंद के लिए कृ़त्रिम लैंस प्रत्यारोपण
करवायें।
7. ध्यान रहे 80 प्रतिशत अंधापन टालने योग्य
(रोके जाने, उपचार योग्य) होता है।
या आप भागदौड़ भरी जिंदगी में दृष्टि को प्राथमिकता देते हैं? यदि हां तो आज ही
अपने नजदीकी नेत्र विशेषज्ञ से नेत्र जांच
करवायें। या आप चाहते हैं कि आपके जाने
के बाद भी आपकी आंखों से कोई दृष्टिहीन
दुनियां देख सके, तो आज ही नेत्रदान का
संकल्प लेवें।
■ डॉ. विक्रम सिंह यादव
प्रथम वर्ष रेजीडेंट डॉटर, नेत्र रोग विभाग,
सरदार पटेल आयुर्विज्ञान महाविद्यालय,
बीकानेर
( युगपक्ष से साभार )
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