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जब हम किसी बदलाव के अनुसार स्वयं को नही ढाल पाते तो वह बदलाव तनाव का रूप ले लेता है - डॅा0 लियाकत अली गौरी
बीकानेर 10.10.2019 । मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग, दम्माणी अस्पताल, पी.बी.एम. में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अर्न्तगत अतिरिक्त प्राचार्य डॅा0 लियाकत अली गौरी ने बताया कि लगभग 80 प्रतिशत बीमारिया तनाव की वजह से होती है जब हम किसी बदलाव के अनुसार स्वयं को नही ढाल पाते तो वह बदलाव तनाव का रूप ले लेता है। अतः हमे प्रतिक्षण स्वंय को बदलाव के लिए तैयार रखना चाहिए। इसी श्रंखला में अधीक्षक महोदय डॉ पी0 के0 बैरवाल जी ने बताया कि मानसिक रोग एवं नशामुक्ति विभाग द्वारा समय - समय पर सामाजिक जागरूकता से सम्बन्धित कार्यक्रम किये जातें हैं और आज की इस संगोष्ठी की वर्तमान परिवेश में अत्यन्त आवश्यकता हैं। साथ ही मानसिक रोगां कि भयावहता के बारे में बताया।
इसके साथ ही डॉ. श्री गोपाल गोयल ने बताया कि नशे कि वजह से एक व्यक्ति ही नहीं एक परिवार ही नहीं बल्की पूरा समाज एक गलत दिशा की ओर चला जाता हैं। नशे से कई प्रकार की शारिरीक समस्याओं से जुझना पड़ता हैं। उन्होने बच्चों व महिलाओं में होने वाले विभिन्न मानसिक रोगों के लक्ष्ण एंव उपचार पर भी विस्तार से बातचीत की।
डॉ. हरफूल सिंह बिश्नोई, सह आचार्य ने कहा की वर्तमान परिवेश में जिस प्रकार आधुनिकता का रंग हम सब पर चढ रहा है और कई बार हम बदलाव की अंधी दौड में शामिल हो जाते है विशेषकर युवा वर्ग जब इस बदलाव के अनुरूप स्वंय को नही ढाल पाता, तो वह मानसिक तौर पर परेशान हो जाता है और वह अवसाद जैसी गम्भीर समस्याओं का शिकार हो जाता है। साथ ही मानसिक रोगियों के अधिकारों तथा मानसिक स्वास्थ्य अधीनियम के बारे में बताया।
डॉ0 राकेश गढवाल ने बताया कि पूरा विश्व नशे के अंधकार में डूबता जा रहा हैं। साथ ही इसके अवैध कारोबार से जो धन कमाया जाता हैं। उसका ज्यादातर हिस्सा असामाजिक गतिविधियों के संचालन में उपयोग किया जाता हैं। अतः हम सभी को जिम्मेदारी के साथ इसे रोकना हैं।
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह के अन्तर्गत, मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विभाग, दम्माणी अस्पताल, पी.बी.एम. द्वारा आज शान्ति निवास वृद्धाश्रम, बीकानेर में रह रहे वृद्धजनों को डॅा0 श्री गोपाल गोयल, सह आचार्य एंव डॉ0 राकेश गढवाल, सहायक आचार्य ने मानसिक रोगों के बारे में विस्तार से बताया तथा उपचार व परामर्श दिया।
इस कार्यक्रम के तहत डॉ0 मुरलीधर स्वामी, डॉ0 देवानन्द खरोलिया, डॉ0 संदीप, डॉ0 प्रेम, डॉ0 प्रीतम,डॉ0 लक्ष्मी, डॉ0 दिव्या, डॉ0 कैलाश, डॉ0 मन्जू, डॉ0 हरप्रीत ने भी हिस्सा लिया।
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