सच्चाई पढ़ें । सकारात्मक रहें । संभावनाएं तलाशें ।
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
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हिंदी दिवस : एकबार फिर गूंजा... अ आ इ ई हिंदी...
बीकानेर । एक बार फिर सभी ने हिंदी दिवस मना लिया। कतिपय वक्ताओं ने अंग्रेजी को कोसा और अपने संभाषणों में हिंगलिश बोल कर हिंदी को बढ़ावा देने की हिमायत की। पब्लिक स्कूलों पर कुछ बोलने से कतराए भी... शायद उनके लाड़ले लाड़लियां वहीं पढ़ने जाते हों। कुछ वक्ताओं के तो स्वयं के अंग्रेजी स्कूल संचालित होने की फुसफुसाहट भी श्रोताओं में हुई। बावजूद ऐसी विडम्बनाओं के, काफी जगह सार्थक आयोजन भी हुए। हिंदी के प्रति विश्वास रखने वालों ने औरों की भी हौसलाअफजाई की, उन्हें साधुवाद।
हिन्दी दिवस पर शहर में अनेक आयोजन हुए। आयोजनों से हिंदी का महत्व बताया गया। वताओं ने जहां हिन्दी को सरल एवं वैज्ञानिक भाषा बताया वहीं पुस्तक-अध्ययन प्रवृत्ति में कमी को इंगित करते हुए युवा पीढ़ी को आगे आकर लेखन कार्य में भी रुचि लेने का आह्वान किया । वक्ताओं का मत रहा कि हिंदी में बोलना, लिखना समान होने से सप्रेषणीयता
आसान है। दयानंद पब्लिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका
श्रीमती आशिमा गांधी ने कहा हिन्दी सप्ताह के दौरान
पाठन-पठन, त्वरित लेखन व आशुभाषण
प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विजेताओं को
पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देकर समानित किया गया। इस
अवसर पर मुख्य अतिथि ईंजी. भरत कुमार ठोलिया ने
कहा कि हिन्दी हमारी राज भाषा है। हिन्दी एक वैज्ञानिक
भाषा है इसमें जैसा बोला जाता है वैसे ही लिखा जाता
है। प्रतिभा के लिए भाषा कोई मायने नहीं रखती। बोर्ड
की कक्षा में हिन्दी विषय में सर्वाधिक अंक 99 लाने
पर चल वैजयन्ती दयानन्द स्कूल की छात्रा
तनिष्का राठौड़ को मुख्य अतिथि द्वारा प्रदान की गई।
मातृ सेवा सदन की छात्रा दिव्या जाटोदिया को बोर्ड की
दसवीं परीक्षा में व दयानंद उमावि की प्रतिशा हेमब्रह्म
को 12 वीं कक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर
पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर श्रीमती श्रेया
मोहता, सुनीता गुर्जर, ज्योति मित्र आचार्य, श्रीमती
किरण शर्मा ने विचार रखे। आर्य समाज महर्षि दयानन्द मार्ग में हिन्दी
दिवस समारोह को सबोधित करते हुए प्रधान महेश आर्य
ने कहा कि हिन्दी के माध्यम से ही पूरे भारत को एक
सूत्र में पिरोया जा सकता है। आर्य समाज के प्रवर्तक
महर्षि दयानंद सरस्वती ने स्वयं गुजराती भाषी व संस्कृत
के जानकार होते हुए भी हिन्दी में सत्यार्थ प्रकाश की
रचना 1875 में की थी। आर्य समाज में हिन्दी के लिए
बलिदान भी दिये। 1955 से 1966 तक पृथक पंजाबी
सूबा हिंसक आन्दोलन भाषा को लेकर चला था। उस
समय हजारों आर्य समाजियों ने शहादत भी जेल की
यातनाएं भोगी। फलत: 1966 में भाषा के आधार पर
पृथक हरियाणा और पंजाब राज्यों का गठन हुआ था।
श्रीमती रूपा देवी ने यज्ञ किया, उषा देवी, पुष्पा देवी,
लक्ष्मी आदि ने भजन व गीत प्रस्तुत किये। कांग्रेस विचार मंच में हिन्दी दिवस पर रखी गई
संगोष्ठी में संचालक सरदार भाई कोचर ने कहा कि एक
राष्ट्र एक भाषा के आधार पर हिन्दी को पूरे देश को
अपनाना चाहिए तभी राष्ट्र की एकता सुदृढ़ होगी। वरिष्ठ नागरिक समिति
साहित्यकार भवानी शंकर व्यास विनोद ने कहा कि हिन्दी
एक सतत माध्यम है जो पूरे देश को जोड़ सकती है। डॉ.
एस एन हर्ष ने आगन्तुकों का स्वागत किया। शिवनाम
सिंह ने श्री भवानी शंकर जी और सुरेन्द्रप्रकाश ने डॉ.
मदन केवलिया का परिचय दिया। कार्यक्रम इन्द्रा मिश्रा,
डॉ. प्रकाश वर्मा, डॉ. शंकरलाल स्वामी, सुषमा गुप्ता ने
भारतीय संस्कृति और हिन्दी का महत्व बताया। डॉ.
फारूख, नरपतसिंह, गौरीशंकर मधुकर, मधुरिमा सिंह,
कृष्णा वर्मा आदि ने कविताएं प्रस्तुत की। भगवती प्रसाद
ने आभार व्यक्त किया। दिव्यांग सेवा संस्थान
संस्था प्रधान जेठाराम ने साइन लैंग्वेज में कहा कि हिंदी
भाषा भारत में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है। हम
सभी को हिंदी भाषा का प्रचार प्रसार करना हमारा कर्तव्य
हैं मुख्य अतिथि राजस्थान शिक्षक संघ (अंबेडकर) के
जिला अध्यक्ष रोहिताश कांटिया ने कहा कि हिंदी भाषा
का ज्यादा से ज्यादा सरकारी कार्यालयो में उपयोग होना
चाहिए। मूक बधिर सुमन सनवाल, मोनिका जीनगर,
साहिल अबासी, कंचन शर्मा, मुस्कान, अइसा बानो, नेहा
चोरडिया, संतोष देवी आदि मौजूद रहे। शिवम् पब्लिक स्कूल संस्थान
शाला के विद्यार्थियों ने हिन्दी पर अनेक भाषण व
कविताएं सुनाई। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष सोहन
लाल भादाणी ने कहा कि हिन्दी हमारी राष्ट्र भाषा है और
इसका प्रयोग ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए। बच्चों ने इस
अवसर पर संस्था में दो कुर्सी भेंट की। वहीं शाला की
शिक्षिकाओं ने भी अपने अपने विचार रखे ज्योति जैन ने
कहा कि आमतौर पर हिंदी बोलने वाले को पिछड़ा और
अंग्रेजी में अपनी बात कहने वाले को आधुनिक कहा
जाता है. इसे हिंदी का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि इतनी
समृद्ध भाषा कोष होने के बावजूद आज हिंदी लिखते
और बोलते वक्त ज्यादातर अंग्रेजी भाषा के शदों का
इस्तेमाल किया जाता है। और तो और हिंदी के कई शब्द
चलन से ही हट गए। ऐसे में हिंदी दिवस को मनाना
जरूरी है ताकि लोगों को यह याद रहे कि हिंदी उनकी
राजभाषा है और उसका सम्मान व प्रचार-प्रसार करना
उनका कर्तव्य है। नंदा भादाणी ने कहा कि भारत सालों
तक अंग्रेजों का गुलाम रहा. इसी वजह से उस गुलामी
का असर लंबे समय तक देखने को मिला. यहां तक कि
इसका प्रभाव भाषा में भी पड़ा. वैसे तो हिंदी दुनिया की
तीसरी ऐसी भाषा है जिसे सबसे ज्यादा लोग बोलते हैं
लेकिन इसके बावजूद हिंदी को अपने ही देश में हीन
भावना से देखा जाता है। शाला प्राचार्य लक्ष्मी भादाणी,
प्रिया ओझा, सरस्वती भादाणी, राकेश भादाणी,विजय
लक्ष्मी भादाणी,संगीता मंडल, डिपल जैन, पूनम जैन
उपस्थित थे। महिला पॉलिटेिनक कॉलेज
हिन्दी दिवस पर राजकीय महिला पॉलिटेिनक
महाविद्यालय में विचार गोष्ठी व निबंध प्रतियोगिता
आयोजित की गई। छात्राओं ने हिन्दी भाषा को आगे
बढ़ाने का संकल्प लिया। शाखा प्रभारी नीलम
राजपुरोहित, विभागाध्यक्ष निशि कौशिक, दीप्ती कश्यप,
सेल्विना सेबेस्टियन, अनिता राजौरिया, मंजु सुथार ने
हिन्दी की महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ उमाकांत व्यास के
अनुसार छात्राओं कृष्णा व्यास, सपना तिवाडी, शशिकला
गुप्ता, प्राची प्रजापत, जसमीत अरोडा ने अपनी प्रस्तुति
दी। हिंदी से हिंद है : डॉ अर्पिता
एम.जी.डी गल्र्स कॉलेज, घड़सीसर मे बालिकाओं ने
सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, कविता, गायन व लघु
नाटिका के माध्यम से हिंदी भाषा का महत्व समझाया।
मुख्य अतिथि डॉ.अर्पिता गुप्ता ने कहा हिंदी देश को जोडऩे
वाली भाषा है, हिंदी से हिंद है इसीलिए केवल हिंदी दिवस
पर ही नहीं हर दिन हमें उत्साह से हिंदी बोलनी चाहिए।
संचालन डॉ. भारती तलदार ने किया। रामावि लाखनसर में भाषण प्रतियोगिता और
चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम
प्रभारी जयपाल सोनी ने बताया कि भाषण प्रतियोगिता में
छात्रा कविता, मोनिका शिवलाल ने क्रमश: प्रथम द्वितीय
तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में छात्रा
नीतू, उर्मिला व गायत्री ने क्रमश: प्रथम द्वितीय तृतीय
स्थान प्राप्त किया। बिन्नाणी कन्या महाविद्यालय
हिन्दी दिवस पर आयोजित परिचर्चा के दौरान मुय वक्ता
डॉ. घनश्याम व्यास ने कहा कि हिन्दी हमारी अस्मिता
का प्रतीक है । कंप्युटर विभागाध्यक्ष रामकुमार व्यास,
डॉ अरूणा आचार्य, डॉ. अनीता भारद्वाज, डॉ. अशोक
व्यास सहित अनेक प्रवक्ताओं ने विचार रखेा केन्द्री य शुष्क बागवानी संस्थान
14 से 28 सित. तक हिंदी पखवाड़े की जानकारी देते
हुए संस्थोन के निदेशक प्रो. (डॉ) पी. एल. सरोज ने
बताया कि पखवाड़े के दौरान कुल सात प्रकार की
प्रतियोगिताएं एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे
राजभाषा अधिकारी प्रेम प्रकाश पारीक इन कार्यक्रमों के
आयोजन सचिव होंगे। गीता चिल्ड्रन सेकेण्डरी स्कूल
गीता चिल्ड्रन सेकेंडरी स्कूल में हिंदी दिवस पर लेखन
प्रतियोगिता आयोजित की गई 'हिंदी की प्रासंगिकता आज
के संदर्भ में कैसी होनी चाहिएÓ विषय पर संस्था सचिव
सुरेंद्र शर्मा ने बच्चों को विस्तार से बताया। शर्मा ने कहा
कि वर्तमान समय में लोगों का अंग्रेजी माध्यम के
विद्यालय में प्रवेश दिलाना एकमात्र उद्देश्य रह गया है ।
विद्यालय प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने हिंदी को
जन-जन की भाषा बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने
की आवश्यकता जताई हिंदी सप्ताह शुरू : विभिन्न प्रति.
कृषि शिक्षा व्यवसाय प्रबंधन संस्थान द्वारा शनिवार को
हिंदी सप्ताह की शुरूआत हुई। पहले दिन अनुवाद व वाद
विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। निदेशक प्रो. एन.
के. शर्मा ने बताया कि हिंदी सप्ताह के दौरान 21 सितबर
तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें निबंध, लघु
कहानी, कविता एवं पोस्टर प्रतियोगिताएं प्रमुख हैं। छारगढ़ में हिन्दी दिवस मनाया
छारगढ़ संवाददाता के अनुसार वेदान्त
कॉलेज में हिन्दी दिवस समारोह पर प्रतियोगिताएं रखी
गई। साज सज्जा में महाराणा प्रताप समूह, रंगोली
प्रतियोगिता में लक्ष्मीबाई समूह प्रथम रहे। निबन्ध
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रितू सारस्वत, स्लोगन
प्रतियोगिता में महेन्द्र कुमार, भाषण प्रतियोगिता में
राकेश कुमार, कविता, कहानी व गीत लेखन में
अनुरोध कुहार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
महाविद्यालय के निदेशक डॉ. विजय कुमार चौधरी व
छोटूराम सोलंकी ने पुरस्कार प्रदान किये। इस अवसर
पर व्याख्याता गण उपस्थित थे।
हीसो रामपुरिया उमावि में हिन्दी दिवस पर
राजस्थान गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति राजस्थान इकाई
की सेमिनार में मुय वता लक्ष्मीनारायण मोदी द्वारा
भ्रूण हत्या से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दूओं पर प्रकाश
डाला। इकाई के अध्यक्ष श्री योगेन्द्र कुमार भाटी द्वारा
सभी बच्चों से संकल्प कराया कि हम कभी भी जीवन
में न तो भू्रण हत्या करेंगे और न करायेंगे। मंत्री सुरेश
शर्मा एवं सुशील शर्मा द्वारा बच्चों से संकल्प पत्र
भरवाये गये। अंत में संस्था प्रधान श्रीमती अनुराधा जैन
द्वारा आगन्तुकों का आभार व्यत करते हुए इतने गंभीर
विषय पर बच्चों एवं बच्चियों तथा स्टाफ को अवगत
करवाने हेतु धन्यवाद देते हुए सभी छात्र-छात्राओं को
जीवन में इसका पालन करने हेतु प्रेरित किया। इस
अवसर पर विद्यालय की छात्रायें प्रिया संचेती, जसिका
ओझा, वैजयन्ती बिश्नोई, पूजा सोनी, कोमल पंवार एवं
ऐश्वर्या अरोड़ा ने भ्रूण हत्या के सबन्ध में स्वरचित
कविताओं का सुन्दर वाचन किया। इनमें से प्रिया
संचेती प्रथम, वैजयन्ती बिश्नोई द्वितीय एवं जसिका
ओझा तृतीय रही।
आसान है। दयानंद पब्लिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका
श्रीमती आशिमा गांधी ने कहा हिन्दी सप्ताह के दौरान
पाठन-पठन, त्वरित लेखन व आशुभाषण
प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विजेताओं को
पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देकर समानित किया गया। इस
अवसर पर मुख्य अतिथि ईंजी. भरत कुमार ठोलिया ने
कहा कि हिन्दी हमारी राज भाषा है। हिन्दी एक वैज्ञानिक
भाषा है इसमें जैसा बोला जाता है वैसे ही लिखा जाता
है। प्रतिभा के लिए भाषा कोई मायने नहीं रखती। बोर्ड
की कक्षा में हिन्दी विषय में सर्वाधिक अंक 99 लाने
पर चल वैजयन्ती दयानन्द स्कूल की छात्रा
तनिष्का राठौड़ को मुख्य अतिथि द्वारा प्रदान की गई।
मातृ सेवा सदन की छात्रा दिव्या जाटोदिया को बोर्ड की
दसवीं परीक्षा में व दयानंद उमावि की प्रतिशा हेमब्रह्म
को 12 वीं कक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर
पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर श्रीमती श्रेया
मोहता, सुनीता गुर्जर, ज्योति मित्र आचार्य, श्रीमती
किरण शर्मा ने विचार रखे। आर्य समाज महर्षि दयानन्द मार्ग में हिन्दी
दिवस समारोह को सबोधित करते हुए प्रधान महेश आर्य
ने कहा कि हिन्दी के माध्यम से ही पूरे भारत को एक
सूत्र में पिरोया जा सकता है। आर्य समाज के प्रवर्तक
महर्षि दयानंद सरस्वती ने स्वयं गुजराती भाषी व संस्कृत
के जानकार होते हुए भी हिन्दी में सत्यार्थ प्रकाश की
रचना 1875 में की थी। आर्य समाज में हिन्दी के लिए
बलिदान भी दिये। 1955 से 1966 तक पृथक पंजाबी
सूबा हिंसक आन्दोलन भाषा को लेकर चला था। उस
समय हजारों आर्य समाजियों ने शहादत भी जेल की
यातनाएं भोगी। फलत: 1966 में भाषा के आधार पर
पृथक हरियाणा और पंजाब राज्यों का गठन हुआ था।
श्रीमती रूपा देवी ने यज्ञ किया, उषा देवी, पुष्पा देवी,
लक्ष्मी आदि ने भजन व गीत प्रस्तुत किये। कांग्रेस विचार मंच में हिन्दी दिवस पर रखी गई
संगोष्ठी में संचालक सरदार भाई कोचर ने कहा कि एक
राष्ट्र एक भाषा के आधार पर हिन्दी को पूरे देश को
अपनाना चाहिए तभी राष्ट्र की एकता सुदृढ़ होगी। वरिष्ठ नागरिक समिति
साहित्यकार भवानी शंकर व्यास विनोद ने कहा कि हिन्दी
एक सतत माध्यम है जो पूरे देश को जोड़ सकती है। डॉ.
एस एन हर्ष ने आगन्तुकों का स्वागत किया। शिवनाम
सिंह ने श्री भवानी शंकर जी और सुरेन्द्रप्रकाश ने डॉ.
मदन केवलिया का परिचय दिया। कार्यक्रम इन्द्रा मिश्रा,
डॉ. प्रकाश वर्मा, डॉ. शंकरलाल स्वामी, सुषमा गुप्ता ने
भारतीय संस्कृति और हिन्दी का महत्व बताया। डॉ.
फारूख, नरपतसिंह, गौरीशंकर मधुकर, मधुरिमा सिंह,
कृष्णा वर्मा आदि ने कविताएं प्रस्तुत की। भगवती प्रसाद
ने आभार व्यक्त किया। दिव्यांग सेवा संस्थान
संस्था प्रधान जेठाराम ने साइन लैंग्वेज में कहा कि हिंदी
भाषा भारत में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है। हम
सभी को हिंदी भाषा का प्रचार प्रसार करना हमारा कर्तव्य
हैं मुख्य अतिथि राजस्थान शिक्षक संघ (अंबेडकर) के
जिला अध्यक्ष रोहिताश कांटिया ने कहा कि हिंदी भाषा
का ज्यादा से ज्यादा सरकारी कार्यालयो में उपयोग होना
चाहिए। मूक बधिर सुमन सनवाल, मोनिका जीनगर,
साहिल अबासी, कंचन शर्मा, मुस्कान, अइसा बानो, नेहा
चोरडिया, संतोष देवी आदि मौजूद रहे। शिवम् पब्लिक स्कूल संस्थान
शाला के विद्यार्थियों ने हिन्दी पर अनेक भाषण व
कविताएं सुनाई। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष सोहन
लाल भादाणी ने कहा कि हिन्दी हमारी राष्ट्र भाषा है और
इसका प्रयोग ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए। बच्चों ने इस
अवसर पर संस्था में दो कुर्सी भेंट की। वहीं शाला की
शिक्षिकाओं ने भी अपने अपने विचार रखे ज्योति जैन ने
कहा कि आमतौर पर हिंदी बोलने वाले को पिछड़ा और
अंग्रेजी में अपनी बात कहने वाले को आधुनिक कहा
जाता है. इसे हिंदी का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि इतनी
समृद्ध भाषा कोष होने के बावजूद आज हिंदी लिखते
और बोलते वक्त ज्यादातर अंग्रेजी भाषा के शदों का
इस्तेमाल किया जाता है। और तो और हिंदी के कई शब्द
चलन से ही हट गए। ऐसे में हिंदी दिवस को मनाना
जरूरी है ताकि लोगों को यह याद रहे कि हिंदी उनकी
राजभाषा है और उसका सम्मान व प्रचार-प्रसार करना
उनका कर्तव्य है। नंदा भादाणी ने कहा कि भारत सालों
तक अंग्रेजों का गुलाम रहा. इसी वजह से उस गुलामी
का असर लंबे समय तक देखने को मिला. यहां तक कि
इसका प्रभाव भाषा में भी पड़ा. वैसे तो हिंदी दुनिया की
तीसरी ऐसी भाषा है जिसे सबसे ज्यादा लोग बोलते हैं
लेकिन इसके बावजूद हिंदी को अपने ही देश में हीन
भावना से देखा जाता है। शाला प्राचार्य लक्ष्मी भादाणी,
प्रिया ओझा, सरस्वती भादाणी, राकेश भादाणी,विजय
लक्ष्मी भादाणी,संगीता मंडल, डिपल जैन, पूनम जैन
उपस्थित थे। महिला पॉलिटेिनक कॉलेज
हिन्दी दिवस पर राजकीय महिला पॉलिटेिनक
महाविद्यालय में विचार गोष्ठी व निबंध प्रतियोगिता
आयोजित की गई। छात्राओं ने हिन्दी भाषा को आगे
बढ़ाने का संकल्प लिया। शाखा प्रभारी नीलम
राजपुरोहित, विभागाध्यक्ष निशि कौशिक, दीप्ती कश्यप,
सेल्विना सेबेस्टियन, अनिता राजौरिया, मंजु सुथार ने
हिन्दी की महत्ता पर प्रकाश डाला। डॉ उमाकांत व्यास के
अनुसार छात्राओं कृष्णा व्यास, सपना तिवाडी, शशिकला
गुप्ता, प्राची प्रजापत, जसमीत अरोडा ने अपनी प्रस्तुति
दी। हिंदी से हिंद है : डॉ अर्पिता
एम.जी.डी गल्र्स कॉलेज, घड़सीसर मे बालिकाओं ने
सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, कविता, गायन व लघु
नाटिका के माध्यम से हिंदी भाषा का महत्व समझाया।
मुख्य अतिथि डॉ.अर्पिता गुप्ता ने कहा हिंदी देश को जोडऩे
वाली भाषा है, हिंदी से हिंद है इसीलिए केवल हिंदी दिवस
पर ही नहीं हर दिन हमें उत्साह से हिंदी बोलनी चाहिए।
संचालन डॉ. भारती तलदार ने किया। रामावि लाखनसर में भाषण प्रतियोगिता और
चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम
प्रभारी जयपाल सोनी ने बताया कि भाषण प्रतियोगिता में
छात्रा कविता, मोनिका शिवलाल ने क्रमश: प्रथम द्वितीय
तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में छात्रा
नीतू, उर्मिला व गायत्री ने क्रमश: प्रथम द्वितीय तृतीय
स्थान प्राप्त किया। बिन्नाणी कन्या महाविद्यालय
हिन्दी दिवस पर आयोजित परिचर्चा के दौरान मुय वक्ता
डॉ. घनश्याम व्यास ने कहा कि हिन्दी हमारी अस्मिता
का प्रतीक है । कंप्युटर विभागाध्यक्ष रामकुमार व्यास,
डॉ अरूणा आचार्य, डॉ. अनीता भारद्वाज, डॉ. अशोक
व्यास सहित अनेक प्रवक्ताओं ने विचार रखेा केन्द्री य शुष्क बागवानी संस्थान
14 से 28 सित. तक हिंदी पखवाड़े की जानकारी देते
हुए संस्थोन के निदेशक प्रो. (डॉ) पी. एल. सरोज ने
बताया कि पखवाड़े के दौरान कुल सात प्रकार की
प्रतियोगिताएं एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे
राजभाषा अधिकारी प्रेम प्रकाश पारीक इन कार्यक्रमों के
आयोजन सचिव होंगे। गीता चिल्ड्रन सेकेण्डरी स्कूल
गीता चिल्ड्रन सेकेंडरी स्कूल में हिंदी दिवस पर लेखन
प्रतियोगिता आयोजित की गई 'हिंदी की प्रासंगिकता आज
के संदर्भ में कैसी होनी चाहिएÓ विषय पर संस्था सचिव
सुरेंद्र शर्मा ने बच्चों को विस्तार से बताया। शर्मा ने कहा
कि वर्तमान समय में लोगों का अंग्रेजी माध्यम के
विद्यालय में प्रवेश दिलाना एकमात्र उद्देश्य रह गया है ।
विद्यालय प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने हिंदी को
जन-जन की भाषा बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने
की आवश्यकता जताई हिंदी सप्ताह शुरू : विभिन्न प्रति.
कृषि शिक्षा व्यवसाय प्रबंधन संस्थान द्वारा शनिवार को
हिंदी सप्ताह की शुरूआत हुई। पहले दिन अनुवाद व वाद
विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। निदेशक प्रो. एन.
के. शर्मा ने बताया कि हिंदी सप्ताह के दौरान 21 सितबर
तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें निबंध, लघु
कहानी, कविता एवं पोस्टर प्रतियोगिताएं प्रमुख हैं। छारगढ़ में हिन्दी दिवस मनाया
छारगढ़ संवाददाता के अनुसार वेदान्त
कॉलेज में हिन्दी दिवस समारोह पर प्रतियोगिताएं रखी
गई। साज सज्जा में महाराणा प्रताप समूह, रंगोली
प्रतियोगिता में लक्ष्मीबाई समूह प्रथम रहे। निबन्ध
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रितू सारस्वत, स्लोगन
प्रतियोगिता में महेन्द्र कुमार, भाषण प्रतियोगिता में
राकेश कुमार, कविता, कहानी व गीत लेखन में
अनुरोध कुहार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
महाविद्यालय के निदेशक डॉ. विजय कुमार चौधरी व
छोटूराम सोलंकी ने पुरस्कार प्रदान किये। इस अवसर
पर व्याख्याता गण उपस्थित थे।
हीसो रामपुरिया उमावि में हिन्दी दिवस पर
राजस्थान गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति राजस्थान इकाई
की सेमिनार में मुय वता लक्ष्मीनारायण मोदी द्वारा
भ्रूण हत्या से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दूओं पर प्रकाश
डाला। इकाई के अध्यक्ष श्री योगेन्द्र कुमार भाटी द्वारा
सभी बच्चों से संकल्प कराया कि हम कभी भी जीवन
में न तो भू्रण हत्या करेंगे और न करायेंगे। मंत्री सुरेश
शर्मा एवं सुशील शर्मा द्वारा बच्चों से संकल्प पत्र
भरवाये गये। अंत में संस्था प्रधान श्रीमती अनुराधा जैन
द्वारा आगन्तुकों का आभार व्यत करते हुए इतने गंभीर
विषय पर बच्चों एवं बच्चियों तथा स्टाफ को अवगत
करवाने हेतु धन्यवाद देते हुए सभी छात्र-छात्राओं को
जीवन में इसका पालन करने हेतु प्रेरित किया। इस
अवसर पर विद्यालय की छात्रायें प्रिया संचेती, जसिका
ओझा, वैजयन्ती बिश्नोई, पूजा सोनी, कोमल पंवार एवं
ऐश्वर्या अरोड़ा ने भ्रूण हत्या के सबन्ध में स्वरचित
कविताओं का सुन्दर वाचन किया। इनमें से प्रिया
संचेती प्रथम, वैजयन्ती बिश्नोई द्वितीय एवं जसिका
ओझा तृतीय रही।
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