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खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️
बीकानेर । केन्द्रीय कृषि
एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री
कैलाश चौधरी ने कहा कि हमारे कृषि
प्रधान देश में विश्व गुरू बनने की
संभावना है। उन्होंने कृषकों का आह्वान
किया कि अपनी आय को दुगुना करने
के लिए नए वैज्ञानिक उपाय करने होंगे।
वे भेड़ व ऊन संस्थान में कृषि
वैज्ञानिकों व किसानों के सम्मेलन को
सम्बोधित कर रहे थे। मरूस्थलीय क्षेत्र
में खेजड़ी और बेर सहित खेतों में
वृक्षारोपण से पशुओं को वर्ष पर्यन्त चारा
सुलभ करवाया जा सकता है। उन्होंने
कृषि उपज का उचित मूल्य लेने के लिए
कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के
गठन और प्रचार प्रसार कार्यो की
आवश्यकता जताई।
अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय
संसदीय कार्य और भारी उद्योग
राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा
कि पूरे देश में 10 हजार एफपीओ
बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि बीकानेर
ऊन उत्पादक और कताई-बुनाई का
प्रमुख केन्द्र है। एफपीओ की संकल्पना
के लिए किसानों और पशुपालकों को
जागरूक करने की जरूरत है। जम्मू
कश्मीर, लेह और लद्दाख में भी ऊन
उत्पादों का अच्छा व्यापार है। अत:
इससे समन्वय की आवश्यकता है।
केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री ने प्रगतिशील
पशुपालकों और कृषकों को मारवाड़ी
और मगरा नस्ल की भेड़ों के 45 उन्नत
मेंढो का वितरण किया। अतिथियों ने
संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार
पशुपालक उपयेागी तीन पुस्तिकाओं का
लोकार्पण किया। केन्द्रीय भेड़ व ऊन
अनुसंधान संस्थान अविकानगर के
निदेशक डॉ. ए साहू ने बताया कि
संस्थान द्वारा भेड़ों की मगरा, मारवाड़ी
और चोकला नस्ल का श्रेष्ठ जर्म प्लाज्म
भेड़ पालकों को मुहैया करवाया जा रहा
है। जिसकी ऊन गलीचा निर्माण के लिए
विश्व वि यात है। सिरोही नस्ल के जर्म
प्लाज्मा पर भी काम हो रहा है। संस्थान,
भेड़ों से ऊन, मीट, दूध का अधिक
उत्पादन और बेकार ऊन से खाद बनाने
जैसे कार्य कर रहा है। केन्द्रीय भेड़ व
ऊन अनुसंधान संस्थान मरूक्षेत्र परिसर
के प्रमुख डॉ. एच के नरूला ने सभी
अतिथियों का स्वागत किया। कृषि राज्य
मंत्री श्री चौधरी ने बाड़मेर के प्रगतिशील
पशुपालक बाबूलाल दंपती को खेजड़ी
की कलम लगाकर जिले में विस्तार
कार्य के लिए सम्मानित किया।



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