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लोक सेवा गारंटी अधिनियम की अनुपालना करें सुनिश्चित-गौतम
बीकानेर, 30 अगस्त। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 तथा राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम 2012 के तहत उल्लेखित प्रावधानों की गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ अनुपालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि दोनों अधिनियमों के अनुरूप कार्य करते हुए आमजन को राहत प्रदान करना संबंधित अधिकारियों का प्राथमिक कर्तव्य है। यदि एक्ट की अनुपालना नहीं की जाती है तो अधिनियम के तहत कानूनी व अनुशासनात्मक कार्यवाही के प्रावधान किए गए हैं।
कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को दोनों अधिनियमों की जानकारी के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते जिला कलक्टर ने कहा कि अधिकारी राज्य सरकार की मंशानुसार पारदर्शी, गुणवत्तापरक सेवाएं निश्चित समय सीमा में प्रदान करें, अधिनियमों की अनुपालना नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यालय निरीक्षण के दौरान कई कार्यालयों में नोटिस बोर्ड पर अधिनियम के तहत विभागीय स्तर पर पदाभिहित पदाधिकारियों के नाम चस्पा नहीं मिले हैं यह स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। सुनवाई का अधिकार अधिनियम में आने वाले परिवादी को तुरंत यूनिक रजिस्ट्रेशन नम्बर की रसीद दी जाए।
प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक इंदीवर दुबे ने बताया कि राजस्थान लोक सेवाओं को प्रदान करने की गारंटी अधिनियम 2011 के तहत 25 विभागों की 221 सेवाएं शामिल हैं। सुशासन लाना राज्य सरकार का ध्येय है, इसी के अनुरूप निश्चित समय सीमा में तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए परिवादियों को राहत दंे, उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों की सेवाओं के लिए अलग-अलग समय सीमा निर्धारित की गई है। पदाभ्ाििहत व सहायक पदाभिहित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जो भी व्यक्ति इन सेवाओं को लेने के लिए आवेदन करें उन्हें निश्चित समय सीमा में सेवाएं उपलब्ध करवाएं।
उन्होंने कहा कि पदाभिहित व सहायक पदाभिहित अधिकारी तथा प्रथम अपीलीय, द्वितीय अपीलीय अधिकारियों के नाम पदनाम के साथ बोर्ड पर अनिवार्य चस्पा करें, साथ ही विभाग द्वारा दी जाने वाली सेवाओं, उनके लिए निर्धारित समय सीमा और आवश्यक दस्तावेजों की सूची भी नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जाए। राजस्थान लोक सेवा गारंटी अधिनियम में ऑनलाइन तथा सादे कागज पर आवेदन करने की सुविधा दी गई है। यदि प्रार्थी सेवा प्राप्त करने से संतुष्ट नहीं है तो प्रथम अपीलीय अधिकारी को निशुल्क आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अधिनियम की अनुपालना नहीं होने पर न्यूनतम 500 तथा अधिकतम 5 हजार रूपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही समय सीमा की अनुपालना नहीं होने पर इसके तहत प्रतिदिन 250 रूपए के हिसाब से जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि आवेदन के तहत आए किसी प्रकरण को निरस्त किया जाता है तो कारण के साथ स्पष्टीकरण दें कि आवेदन निरस्त किये जाने का आधार क्या हैं। बिना किसी ठोस आधार के आवेदन निरस्त ना करें, आवेदन निस्तारण के दौरान गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें।
सहायक निदेशक लोक सेवाएं सबीना बिश्नोई ने कहा कि सभी विभाग दोनों अधिनियमों के अनुरूप कार्य करते हुए नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा करने के साथ-साथ इस अधिनियम से जुड़े समस्त रजिस्टर तथा अन्य रिकाॅर्ड का संधारण करें। उन्होंने कहा कि विभाग नियमित रूप से इन अधिनियमों के तहत की जा रही कार्यवाहियों को पूर्ण विवरण के साथ लोक सेवाएं को भेजना भी सुनिश्चित करें।
क्या है अधिनियम
राजस्थान सुनवाई का अधिकार अधिनियम 1 अगस्त 2012 से प्रभावी हुआ। इसके तहत ग्राम पंचायत, तहसील, उपखंड व जिला स्तर पर प्राप्त जनशिकायत को 15 दिन में अनिवार्यतः निस्तारित करना होगा। साथ ही लिए गए निर्णय पर परिवादी को 7 दिन में सूचना देनी होगी। यदि प्रार्थी सुनवाई नहीं होने या निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो वह 30 दिन में प्रथम स्तर पर अपील कर सकता है। प्रथम अपील से अंसतुष्ट रहने पर 30 दिन में द्वितीय अपील कर सकता है। इस अधिनियम में भी जुर्माने व अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रावधान है।
इसी प्रकार 14 नवम्बर 2011 से प्रभावी हुए राजस्थान लोक सेवा गारंटी प्रदान अधिनियम 2011 में पारदर्शी रूप से निश्चित समय सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराने की गारंटी दी गई है। इसके तहत तहसील, उपखंड तथा जिला स्तर पर पदाभिहित अधिकारी और अपीलीय प्राधिकरण की नियुक्ति का प्रावधान है। नियम समय में सेवा उपलब्ध ना होने पर 30 दिन में प्रथम अपील की जा सकती है। प्रथम अपील के निर्णय में 21 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है। प्रथम अपील से असंतुष्ट रहने पर प्रार्थी 60 दिन में द्वितीय अपीलीय अधिकारी को आवेदन किया जा सकता है। बैठक में उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग शारदा चैधरी सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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पटवारी निलम्बित, विकास अधिकारी को नोटिस
बीकानेर, 30 अगस्त। महात्मा गांधी ग्रामोत्थान शिविर में अनुपस्थित रहने के कारण बीकानेर पंचायत समिति के विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने एक नोटिस जारी कर पंचायत समिति बीकानेर के विकास अधिकारी को सात दिवस में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में बताया गया है कि गुरुवार 29 अगस्त को संभागीय आयुक्त हनुमान सहाय मीणा द्वारा हेमेरा में आयोजित हुए महात्मा गांधी ग्रामोत्थान शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे तो शिविर में विकास अधिकारी को अनुपस्थित पाया गया। कारण बताओ नोटिस में कहा गया है कि विकास अधिकारी का शिविर में बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहना उच्च अधिकारियों के आदेश की अवहेलना एवं राजकीय कार्य के प्रति लापरवाही का द्योतक है, अगर विकास अधिकारी द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो सीसीए नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
पटवारी को किया निलम्बित
जिला कलेक्टर भू अभिलेख गौतम ने एक अन्य आदेश जारी कर पटवार मंडल शेरेरां की पटवारी शारदा कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पटवारी के विरूद्ध विभागीय जांच किया जाना प्रस्तावित है। पटवारी को राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इनका निलंबन किया गया है । निलंबन के दौरान कार्मिक का मुख्यालय उपखंड कार्यालय बीकानेर रहेगा तथा इन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा।
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द्वितीय विश्व युद्ध पेंशनर्स 25 सितम्बर तक दें जीवन प्रमाण पत्र
बीकानेर, 30 अगस्त। द्वितीय विश्व युद्ध के पेंशनर्स को अपनी पेंशन जारी रखने के लिए 25 सितम्बर तक जीवन प्रमाण पत्र जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में जमा करवानी होगी। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल पी एस राठौड़ ने बताया कि जीवन प्रमाण पत्र के अभाव में पेंशन बंद हो सकती है। सभी पेंशनर्स जीवन प्रमाण पत्र के साथ मोबाइल नम्बर, आधार कार्ड व पेन कार्ड की प्रति भी उपलब्ध करवाएं।
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जिला स्तरीय सामाजिक अंकेक्षण प्रशिक्षण सम्पन्न
ब्लाॅक स्तर पर होगा वीआरपी का प्रशिक्षण
बीकानेर, 30 अगस्त। जिला स्तरीय सामाजिक अंकेक्षण प्रशिक्षण शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर कोलायत, पांचू व नोखा से आये बीआरपी प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए लेखाधिकारी ने राजकुमार डाबडा ने बताया कि कहा कि सामाजिक अंकेक्षण का प्रचार-प्रसार अति आवश्यक है। ग्रामीण विकास की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में व इनके लाभ से अवगत करवाने हेतु विभिन्न तरह के प्रचार-प्रसार कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा आयोजित किए जाते हैं जिनके माध्यम से ग्रामीण जन को योजना के विभिन्न बिन्दुओं की जानकारी मिलती है। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एक महत्वपूर्ण घटक है तथा लेखा नियमों की पालना अति आवश्यक है। समन्वयक आईईसी गोपाल जोशी ने सूचना, शिक्षा व सम्प्रेषण व योजना के प्रचार-प्रसार से जुडंे विभिन्न विषयों पर व्यापक जानकारी दी। प्रशिक्षण समन्वयक सुनील कुमार जोशी ने बताया कि 4 सितम्बर तक समस्त ग्राम संसाधन व्यक्तियों का प्रशिक्षण सम्पन्न करवाना राज्य सरकार के निर्देशानुसार पूर्ण करवाया जाना आवश्यक है। इस हेतु पंचायत समितिवार निर्दिष्ट कार्य योजना द्वारा प्रशिक्षण सम्पन्न करवाया जावे।
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इंगानपः गु्रपों का वरीयता समूह के लिए चक्रीय कार्यक्रम जारी
बीकानेर, 30 अगस्त। इंदिरा गांधी मुख्य नहर आर डी 620 पर खरीफ 2019 के दौरान 1 सितम्बर से प्रातः 6 बजे से 5 अक्टूबर प्रातः 6 बजे तक नहरों को 4 में से 2 समूहों में चलाने क लिए अनिवार्य आवश्यकता, समूहों का विवरण तथा चक्रीय कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
अतिरिक्त आयुक्त क्षेत्रीय विकास इंगानप ने बताया कि 1 सितम्बर प्रातः 6 बजे रविवार से 9 सितम्बर सायं 6 बजे तक ग्रुपों का वरीयता समूह अ, स, द, ब रहेगा। इसी प्रकार 9 सितम्बर सायं 6 से 18 सितम्बर प्रातः 6 बजे तक ब, द, अ, स, 18 सितम्बर प्रातः 6 बजे से 26 सितम्बर सायं 6 बजे तक स, अ, ब, द समूहों में तथा 26 सितम्बर सायं 6 बजे से 5 अक्टूबर प्रातः 6 बजे तक द, ब, स, अ की वरीयता क्रम में चलाया जाएगा।
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व्यास का माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में पदस्थापन
बीकानेर, 30 अगस्त। विधि सेवा के उच्चस्थ अधिकारी बद्रीनारायण व्यास को राज्य सरकार ने अपने आदेश क्रमांक प-22 (1) न्याय/19 दिनांक 29 अगस्त 19 को संयुक्त विधि परामर्शी के पद पर पदोन्नत कर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर में पदस्थापित किया है।व्यास विधिक सेवा के 1992 बेंच के विधि अधिकारी हैं।
जिला स्तरीय सामाजिक अंकेक्षण प्रशिक्षण सम्पन्न
ब्लाॅक स्तर पर होगा वीआरपी का प्रशिक्षण
बीकानेर, 30 अगस्त। जिला स्तरीय सामाजिक अंकेक्षण प्रशिक्षण शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर कोलायत, पांचू व नोखा से आये बीआरपी प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए लेखाधिकारी ने राजकुमार डाबडा ने बताया कि कहा कि सामाजिक अंकेक्षण का प्रचार-प्रसार अति आवश्यक है। ग्रामीण विकास की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में व इनके लाभ से अवगत करवाने हेतु विभिन्न तरह के प्रचार-प्रसार कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा आयोजित किए जाते हैं जिनके माध्यम से ग्रामीण जन को योजना के विभिन्न बिन्दुओं की जानकारी मिलती है। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एक महत्वपूर्ण घटक है तथा लेखा नियमों की पालना अति आवश्यक है। समन्वयक आईईसी गोपाल जोशी ने सूचना, शिक्षा व सम्प्रेषण व योजना के प्रचार-प्रसार से जुडंे विभिन्न विषयों पर व्यापक जानकारी दी। प्रशिक्षण समन्वयक सुनील कुमार जोशी ने बताया कि 4 सितम्बर तक समस्त ग्राम संसाधन व्यक्तियों का प्रशिक्षण सम्पन्न करवाना राज्य सरकार के निर्देशानुसार पूर्ण करवाया जाना आवश्यक है। इस हेतु पंचायत समितिवार निर्दिष्ट कार्य योजना द्वारा प्रशिक्षण सम्पन्न करवाया जावे।
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इंगानपः गु्रपों का वरीयता समूह के लिए चक्रीय कार्यक्रम जारी
बीकानेर, 30 अगस्त। इंदिरा गांधी मुख्य नहर आर डी 620 पर खरीफ 2019 के दौरान 1 सितम्बर से प्रातः 6 बजे से 5 अक्टूबर प्रातः 6 बजे तक नहरों को 4 में से 2 समूहों में चलाने क लिए अनिवार्य आवश्यकता, समूहों का विवरण तथा चक्रीय कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
अतिरिक्त आयुक्त क्षेत्रीय विकास इंगानप ने बताया कि 1 सितम्बर प्रातः 6 बजे रविवार से 9 सितम्बर सायं 6 बजे तक ग्रुपों का वरीयता समूह अ, स, द, ब रहेगा। इसी प्रकार 9 सितम्बर सायं 6 से 18 सितम्बर प्रातः 6 बजे तक ब, द, अ, स, 18 सितम्बर प्रातः 6 बजे से 26 सितम्बर सायं 6 बजे तक स, अ, ब, द समूहों में तथा 26 सितम्बर सायं 6 बजे से 5 अक्टूबर प्रातः 6 बजे तक द, ब, स, अ की वरीयता क्रम में चलाया जाएगा।
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व्यास का माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में पदस्थापन
बीकानेर, 30 अगस्त। विधि सेवा के उच्चस्थ अधिकारी बद्रीनारायण व्यास को राज्य सरकार ने अपने आदेश क्रमांक प-22 (1) न्याय/19 दिनांक 29 अगस्त 19 को संयुक्त विधि परामर्शी के पद पर पदोन्नत कर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर में पदस्थापित किया है।व्यास विधिक सेवा के 1992 बेंच के विधि अधिकारी हैं।


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