'पुष्टिकर समाज और रोजगार' विषयक सेमिनार
युवा पुश्तैनी व पुरातन कार्य करने में शर्म न करें, इसे अपना स्वरोजगार चुने:डॉ व्यास
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️
'पुष्टिकर समाज और रोजगार' विषयक सेमिनारयुवा पुश्तैनी व पुरातन कार्य करने में शर्म न करें, इसे अपना स्वरोजगार चुने:डॉ व्यासबीकानेर पुष्करणा दिवस के उपलक्ष्य पर रमक झमक संस्था द्वारा तीन दिवसीय पुष्टिकर महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ आज रमक झमक कार्यालय में हुआ कार्यक्रम के प्रथम दिन 'समाज और रोजगार' विषयक सेमिनार आयोजित की गई। सेमिनार का विषय प्रवर्त्तन रमक झमक के निदेशक प्रहलाद ओझा 'भैरु' ने किया,ओझा ने कहा कि पुष्टिकर ब्राह्मण समाज मे युवा वर्ग को रोजगार न मिलना या न करना बड़ा चिंता का विषय है,समाज को इसपर गम्भीरता से चिंतन करना चाहिये ।मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व प्राचार्य डॉक्टर ओंकारमल व्यास ने कहा कि समाज के युवाओं को पुरातन कार्यों से जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारा पुश्तैनी कार्य पूजा-पाठ व कर्मकांड है आज बड़े बड़े महानगरों में इसकी बहुत डिमांड है। यह किसी की नौकरी नहीं यह स्वयं का रोजगार है या स्वरोजगार में आता है इसमें बिना शर्म शंका किए युवाओं को आगे आना चाहिए। डूंगर कॉलेज प्रोफेसर राजेंद्र पुरोहित ने कहा कि आज के युवा फेसबुक और व्हाट्सएप में अपना अधिकांश समय बर्बाद कर रहे हैं जबकि वे अपना ध्यान सकारात्मक रूप से इंटरनेट व गूगल को दें तो ऑनलाइन जॉब भी उनको मिल सकती है। बहुत से कार्य ऑनलाइन किए जा सकते हैं केवल फेसबुक और व्हाट्सएप पर समय बर्बाद नहीं करना चाहिए।डॉ अजय जोशी ने कहा कि समाज में बहुत से युवा डिग्री धारी हैं लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि उन्हें क्या करना चाहिए उन्हें कैरियर काउंसलर की जरूरत है समाज और युवाओं को चाहिए कि वे अच्छे काउंसलर व काउंसलिंग की व्यवस्था करें। अगर रमक झमक ऐसा कोई प्रयास करती है तो वह नि:शुल्क सेवाएं देने को तैयार हैं।एडवोकेट अजय कुमार व्यास ने कहा कि समाज के युवाओं को रोजगार उन्मुख ई शिक्षा देने की जरूरत है आज बहुत से युवा पढ़े लिखे बेरोजगार हैं और वे तनाव में है।सेमिनार में भैरू रतन किराडू, जुगल पुरोहित, बाबूलाल छंगाणी व आनंद पुरोहित सहित कई लोगों ने अपने विचार रखे । रमक झमक की ओर से मंगलवार को पुष्टिकर काव्य धारा कार्यक्रम होगा।





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