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विधानसभा में गूंजी नोखा की आवाज : साठिका में पीड़ित दलित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा उठाया नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने
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विधानसभा में गूंजी नोखा की आवाज : साठिका में पीड़ित दलित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा उठाया नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने
नोखा । राज्य विधानसभा में राजस्व, वन, पर्यावरण एवं पर्यटन विभाग से सम्बंधित मांग पर चर्चा में भाग लेते हुए नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने आज सदन के माध्यम से सरकार को क्षेत्र व प्रदेश की महत्वपूर्ण मांगो से अवगत करवाया । बिश्नोई ने सदन को अवगत करवाते हुए कहा कि विधानसभा क्षेत्र, नोखा के राजस्व गांव साठिका में गौचर भूमि में वर्षो से बसे 75 से अधिक घरों को बेरहमी से तोड़ दिया गया, उनमें 42 घर दलित परिवारों के थे । विश्नोई ने मुद्दे को जोरदार ढंग से सदन में रखते हुए पीड़ितों के पुर्नवास हेतु लम्बित भू -आवंटन की कार्यवाही जल्द से जल्द पूरी करने की मांग की ।
श्री बिश्नोई ने विधानसभा क्षेत्र, नोखा में प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय को गिरदावर सर्किल बनाने व प्रत्येक गांव को पटवार सर्किल बनाने की मांग रखी ।
श्री बिश्नोई ने विधानसभा क्षेत्र नोखा में नए राजस्व गांव बनाने की मांग रखी जिनमे केशुपुरा रोड़ा, भोम ढाणी जांगलू, खीचड़ो की ढाणी बँधाला, नाईयो की ढाणी ढिंगसरी, हनुमान नगर सारूण्डा, लोहियो की ढाणी कक्कू, खेतारो की ढाणी रोड़ा, सियागो की ढाणी जांगलू, गोदारों की ढाणी देसलसर, मेघवालो की ढाणी अमलाव तालाब पिथरासर, भाटिया मेघवालो की ढाणी मैनसर शामिल है ।
श्री बिश्नोई ने पांचू पंचायत समिति पर उप तहसील/तहसील कार्यालय खोलने की मांग की । उन्होंने राजस्व गांवों में आबादी भूमि विस्तार के लिए अन्यत्र उपलब्ध अराजीराज व सिवायचक भूमि को गौचर/ओरण की क्षतिपूर्ति के रूप में सेटअप पार्ट के जरिये भू रूपांतरण कर आबादी भूमि का विस्तार करने तथा वर्तमान में अराजीराज व सिवायचक भूमि पर बसे परिवारों को पट्टे जारी करने की बात रखते हुए इस कार्य हेतु जिला कलेक्टर को अधिकृत करने की मांग की ।
आज पूरे रंग में रंगे विधायक बिश्नोई ने वन एवं पर्यावरण की मांग पर भी लंबी चर्चा की तथा कहा कि वनों की रक्षा करते हुए 21 सितम्बर 1730 को अमृतादेवी बिश्नोई के नेतृत्व में 363 लोगो ने अभूतपूर्व बलिदान दिया, पेड़ों के बदले इंसानों के प्राण आहूत करने की यह घटना समूचे विश्व मे दुर्लभतम है, अतः विश्व-पर्यावरण दिवस को भी 5 जून की बजाय 21 सितम्बर को मनाए जाने का प्रस्ताव सदन के माध्यम से केंद्र सरकार को भिजवाने की मांग की । इसके साथ ही शहीदों के स्मृति स्थल खेजड़ली को वैश्विक धरोहर में अधिसूचित करने की मांग की । विधायक बिश्नोई ने पांचू में वन्य जीव के उपचार हेतु रेस्क्यू सेंटर खोलने व नोखा तहसील मुख्यालय पर एम्बुलेंस वाहन मय स्टाफ की व्यवस्था की मांग रखी ।
पर्यटन से जुड़ी चर्चा में शिरकत करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रणेता गुरु जम्भेश्वर भगवान के मुख्य धाम मुकाम को राष्ट्रीय पर्यटन स्थल में अधिसूचित करवाने , नोखा तहसील के सैगाल धोरा, साठिका, सुसवाणी माता मंदिर, मोरखाना को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने , ऐतिहासिक बरिंगर नाडी, जांगलू को ऐतिहासिक धरोहर एवं जल संरक्षण के बड़े स्रोत के तौर पर विकसित करने और नोखा तहसील के गांव उदासर, पांचू, नाथूसर, भादला, साइंसर, साठिका, बँधाला, जांगलू, छिंपा नाडा जेगला से होते हुवे देशनोक तक के रूट में मौजूद आकर्षक रेतीले धोरो में पर्यटको के लिए केमल सफारी के हेतुक नया क्षेत्र चिन्हित करने की मांग की ।
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विधानसभा में गूंजी नोखा की आवाज : साठिका में पीड़ित दलित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा उठाया नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने
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विधानसभा में गूंजी नोखा की आवाज : साठिका में पीड़ित दलित परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा उठाया नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने
नोखा । राज्य विधानसभा में राजस्व, वन, पर्यावरण एवं पर्यटन विभाग से सम्बंधित मांग पर चर्चा में भाग लेते हुए नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने आज सदन के माध्यम से सरकार को क्षेत्र व प्रदेश की महत्वपूर्ण मांगो से अवगत करवाया । बिश्नोई ने सदन को अवगत करवाते हुए कहा कि विधानसभा क्षेत्र, नोखा के राजस्व गांव साठिका में गौचर भूमि में वर्षो से बसे 75 से अधिक घरों को बेरहमी से तोड़ दिया गया, उनमें 42 घर दलित परिवारों के थे । विश्नोई ने मुद्दे को जोरदार ढंग से सदन में रखते हुए पीड़ितों के पुर्नवास हेतु लम्बित भू -आवंटन की कार्यवाही जल्द से जल्द पूरी करने की मांग की ।
श्री बिश्नोई ने विधानसभा क्षेत्र, नोखा में प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय को गिरदावर सर्किल बनाने व प्रत्येक गांव को पटवार सर्किल बनाने की मांग रखी ।
श्री बिश्नोई ने विधानसभा क्षेत्र नोखा में नए राजस्व गांव बनाने की मांग रखी जिनमे केशुपुरा रोड़ा, भोम ढाणी जांगलू, खीचड़ो की ढाणी बँधाला, नाईयो की ढाणी ढिंगसरी, हनुमान नगर सारूण्डा, लोहियो की ढाणी कक्कू, खेतारो की ढाणी रोड़ा, सियागो की ढाणी जांगलू, गोदारों की ढाणी देसलसर, मेघवालो की ढाणी अमलाव तालाब पिथरासर, भाटिया मेघवालो की ढाणी मैनसर शामिल है ।
श्री बिश्नोई ने पांचू पंचायत समिति पर उप तहसील/तहसील कार्यालय खोलने की मांग की । उन्होंने राजस्व गांवों में आबादी भूमि विस्तार के लिए अन्यत्र उपलब्ध अराजीराज व सिवायचक भूमि को गौचर/ओरण की क्षतिपूर्ति के रूप में सेटअप पार्ट के जरिये भू रूपांतरण कर आबादी भूमि का विस्तार करने तथा वर्तमान में अराजीराज व सिवायचक भूमि पर बसे परिवारों को पट्टे जारी करने की बात रखते हुए इस कार्य हेतु जिला कलेक्टर को अधिकृत करने की मांग की ।
आज पूरे रंग में रंगे विधायक बिश्नोई ने वन एवं पर्यावरण की मांग पर भी लंबी चर्चा की तथा कहा कि वनों की रक्षा करते हुए 21 सितम्बर 1730 को अमृतादेवी बिश्नोई के नेतृत्व में 363 लोगो ने अभूतपूर्व बलिदान दिया, पेड़ों के बदले इंसानों के प्राण आहूत करने की यह घटना समूचे विश्व मे दुर्लभतम है, अतः विश्व-पर्यावरण दिवस को भी 5 जून की बजाय 21 सितम्बर को मनाए जाने का प्रस्ताव सदन के माध्यम से केंद्र सरकार को भिजवाने की मांग की । इसके साथ ही शहीदों के स्मृति स्थल खेजड़ली को वैश्विक धरोहर में अधिसूचित करने की मांग की । विधायक बिश्नोई ने पांचू में वन्य जीव के उपचार हेतु रेस्क्यू सेंटर खोलने व नोखा तहसील मुख्यालय पर एम्बुलेंस वाहन मय स्टाफ की व्यवस्था की मांग रखी ।
पर्यटन से जुड़ी चर्चा में शिरकत करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रणेता गुरु जम्भेश्वर भगवान के मुख्य धाम मुकाम को राष्ट्रीय पर्यटन स्थल में अधिसूचित करवाने , नोखा तहसील के सैगाल धोरा, साठिका, सुसवाणी माता मंदिर, मोरखाना को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने , ऐतिहासिक बरिंगर नाडी, जांगलू को ऐतिहासिक धरोहर एवं जल संरक्षण के बड़े स्रोत के तौर पर विकसित करने और नोखा तहसील के गांव उदासर, पांचू, नाथूसर, भादला, साइंसर, साठिका, बँधाला, जांगलू, छिंपा नाडा जेगला से होते हुवे देशनोक तक के रूट में मौजूद आकर्षक रेतीले धोरो में पर्यटको के लिए केमल सफारी के हेतुक नया क्षेत्र चिन्हित करने की मांग की ।
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