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मीजल्स-रुबैला टीकाकरण महाअभियान : टीके लगवाकर बच्चे हुए प्रतिरक्षित
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मीजल्स-रुबैला टीकाकरण महाअभियान : टीके लगवाकर बच्चे हुए प्रतिरक्षित
चेचक-पोलियो के बाद अब ओरी की बारी
समारोहपूर्वक हुआ मीजल्स-रुबैला टीकाकरण महाअभियान का शुभारम्भ
बीकानेर। 2020 तक खसरे को जड़ से समाप्त करने और रुबैला को नियंत्रित करने के उद्देश्य से मीजल्स-रुबैला टीकाकरण महाअभियान का शुभारम्भ समारोहपूर्वक हुआ। जिला व खण्ड स्तर पर जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यक्रमों में शिरकत की। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ बिना डरे बढ़-चढ़ कर टीके लगवाए। अभियान को गुणवत्ता मानदंडों अनुसार संचालित किया गया। टीकाकर्मी अपनी आवंटित स्कूलों में प्रातः ही पहुँच गए और चिकित्साधिकारियों ने भी मोर्चा संभाले रखा। उपखण्ड अधिकारियों ने ना केवल अभियान के उदघाटन में हिस्सा लिया बल्कि अभियान की मोनिटरिंग व समीक्षा भी की। सीएमएचओ डॉ देवेन्द्र चौधरी, आरसीएचओ डॉ रमेश गुप्ता सहित जिला व खण्ड स्तरीय अधिकारियों ने आवंटित क्षेत्रों में अभियान को मॉनिटर किया व जिला कलेक्टर को रिपोर्ट प्रस्तुत की। डॉ चौधरी ने बताया कि जिले में 6 सप्ताह में 9 माह से 15 साल तक के 7,84,448 बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। बारी-बारी से पहले 3 सप्ताह मुख्यतः विद्यालयों व मदरसों में जबकि चैथे और पांचवे सप्ताह आउटरीच व मोबाइल सत्रों में टीके लगाए जाएंगे। ये टीके घर-घर जाकर नहीं लगाए जाएंगे। अभियान के दौरान जिले में सिर्फ पीबीएम अस्पताल व सेटेलाईट अस्पताल में ही ये टीके लगाए जाएंगे। कुल 3,312 सत्र स्कूलों में होंगे जबकि 1,451 आउटरीच व 167 मोबाइल सत्र आयोजित होंगे।
राजकीय महारानी बालिका उच्च माध्यामिक विद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय उद्घाटन कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) ए.एच. गौरी व अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) शैलेन्द्र देवड़ा ने टीकाकृत बालिकाओं को प्रतिरक्षा प्रमाण पत्र देकर अभियान को शुभकामनाएं दी। एडीएम गौरी ने अभियान के सफल संचालन के लिए चिकित्सा, शिक्षा और आईसीडीएस विभाग की महती भूमिका रेखांकित की और पूर्ण समन्वय से कार्य को अंजाम देने का आह्वान किया। संयुक्त निदेशक डॉ एचएस बराड़ ने कहा कि जिस तरह टीकाकरण के बल पर चेचक और पोलियो को मिटाया वैसे ही अब मीजल्स यानिकी ओरी को खत्म करना है ताकि वो इस रोग से बच सकें व आने वाली पीढ़ी को ये टीके लगवाने ही ना पड़े जैसे आज हमें चेचक के लगाने की जरूरत नहीं है। सीएमएचओ डॉ देवेन्द्र चैधरी ने खसरा रुबैला रोगों से बचाव में टीके के महत्व को बताया और शत प्रतिशत बच्चों के टीकाकरण का आह्वान किया। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सुनील बोड़ा, आरसीएचओ डॉ रमेश गुप्ता, डॉ नवल किशोर गुप्ता, डॉ मनीषा मंडल, प्राचार्या मीना शर्मा व अध्यापिका बिंदु गुप्ता ने भी छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन आई.ई.सी. समन्वयक मालकोश आचार्य ने किया। इस अवसर पर डिप्टी सीएमएचओ डॉ योगेन्द्र तनेजा, डीपीएम सुशील कुमार, डॉ ओ. पी. चाहर, यूनिसेफ से फिरोज खान, नेहा शेखावत, रेणु बिस्सा, डॉ मनुश्री सिंह के आलावा आईसीडीएस विभाग के प्रतिनिधि व विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।
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मीजल्स-रुबैला टीकाकरण महाअभियान : टीके लगवाकर बच्चे हुए प्रतिरक्षित
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मीजल्स-रुबैला टीकाकरण महाअभियान : टीके लगवाकर बच्चे हुए प्रतिरक्षित
चेचक-पोलियो के बाद अब ओरी की बारी
समारोहपूर्वक हुआ मीजल्स-रुबैला टीकाकरण महाअभियान का शुभारम्भ
बीकानेर। 2020 तक खसरे को जड़ से समाप्त करने और रुबैला को नियंत्रित करने के उद्देश्य से मीजल्स-रुबैला टीकाकरण महाअभियान का शुभारम्भ समारोहपूर्वक हुआ। जिला व खण्ड स्तर पर जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यक्रमों में शिरकत की। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ बिना डरे बढ़-चढ़ कर टीके लगवाए। अभियान को गुणवत्ता मानदंडों अनुसार संचालित किया गया। टीकाकर्मी अपनी आवंटित स्कूलों में प्रातः ही पहुँच गए और चिकित्साधिकारियों ने भी मोर्चा संभाले रखा। उपखण्ड अधिकारियों ने ना केवल अभियान के उदघाटन में हिस्सा लिया बल्कि अभियान की मोनिटरिंग व समीक्षा भी की। सीएमएचओ डॉ देवेन्द्र चौधरी, आरसीएचओ डॉ रमेश गुप्ता सहित जिला व खण्ड स्तरीय अधिकारियों ने आवंटित क्षेत्रों में अभियान को मॉनिटर किया व जिला कलेक्टर को रिपोर्ट प्रस्तुत की। डॉ चौधरी ने बताया कि जिले में 6 सप्ताह में 9 माह से 15 साल तक के 7,84,448 बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। बारी-बारी से पहले 3 सप्ताह मुख्यतः विद्यालयों व मदरसों में जबकि चैथे और पांचवे सप्ताह आउटरीच व मोबाइल सत्रों में टीके लगाए जाएंगे। ये टीके घर-घर जाकर नहीं लगाए जाएंगे। अभियान के दौरान जिले में सिर्फ पीबीएम अस्पताल व सेटेलाईट अस्पताल में ही ये टीके लगाए जाएंगे। कुल 3,312 सत्र स्कूलों में होंगे जबकि 1,451 आउटरीच व 167 मोबाइल सत्र आयोजित होंगे।
राजकीय महारानी बालिका उच्च माध्यामिक विद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय उद्घाटन कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) ए.एच. गौरी व अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) शैलेन्द्र देवड़ा ने टीकाकृत बालिकाओं को प्रतिरक्षा प्रमाण पत्र देकर अभियान को शुभकामनाएं दी। एडीएम गौरी ने अभियान के सफल संचालन के लिए चिकित्सा, शिक्षा और आईसीडीएस विभाग की महती भूमिका रेखांकित की और पूर्ण समन्वय से कार्य को अंजाम देने का आह्वान किया। संयुक्त निदेशक डॉ एचएस बराड़ ने कहा कि जिस तरह टीकाकरण के बल पर चेचक और पोलियो को मिटाया वैसे ही अब मीजल्स यानिकी ओरी को खत्म करना है ताकि वो इस रोग से बच सकें व आने वाली पीढ़ी को ये टीके लगवाने ही ना पड़े जैसे आज हमें चेचक के लगाने की जरूरत नहीं है। सीएमएचओ डॉ देवेन्द्र चैधरी ने खसरा रुबैला रोगों से बचाव में टीके के महत्व को बताया और शत प्रतिशत बच्चों के टीकाकरण का आह्वान किया। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सुनील बोड़ा, आरसीएचओ डॉ रमेश गुप्ता, डॉ नवल किशोर गुप्ता, डॉ मनीषा मंडल, प्राचार्या मीना शर्मा व अध्यापिका बिंदु गुप्ता ने भी छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन आई.ई.सी. समन्वयक मालकोश आचार्य ने किया। इस अवसर पर डिप्टी सीएमएचओ डॉ योगेन्द्र तनेजा, डीपीएम सुशील कुमार, डॉ ओ. पी. चाहर, यूनिसेफ से फिरोज खान, नेहा शेखावत, रेणु बिस्सा, डॉ मनुश्री सिंह के आलावा आईसीडीएस विभाग के प्रतिनिधि व विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।
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