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✒️@Mohan Thanvi
नृसिंह सत्संग उद्यान में श्री नवाह्न परायण पाठ की विधि विधान से पूर्णाहुति हुई
नृसिंह सत्संग उद्यान में श्री नवाह्न परायण पाठ की विधि विधान से पूर्णाहुति हुई
बीकानेर। मानस प्रचार समिति लखोटिया चौक के बैनर तले स्थानीय नृसिंह सत्संग उद्यान में चल रहे श्री नवाह्न परायण पाठ की सोमवार को विधि विधान से पूर्णाहुति हुई। जिसमें कथा वाचक जोधपुर के पं गिरधर गोपाल और सुशील आसोपा ने रावण वध के पश्चात् 'राम-विभीषण राज्याभिषेक,पुष्पक विमान द्वारा अयोध्या प्रस्थान के प्रसंग सुनाएं और राम राज्याभिषेक कर आरती की गई। इस मौके पर पधारे शशि मोहन मून्दड़ा ने कहा कि मनुष्य के जीवन में सुख शांति समृद्धि तभी आती है, जब उनका मन को शांति मिलती है और यह शांति मानस के स्वाध्याय से ही संभव है। रामचरितमानस के संदेशों को पढ़कर और समझ कर ही अपना मन के सभी विकारों एवं अनावश्यक विकृतियों पर विराम लगाया जा सकता है। इअ अवसर पर महाराजश्री ने मानस की कथा में राम राज्याभिषेक की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन को सफल व सार्थक बनाने के लिए रामचरितमानस का दर्शन जरूरी है।रामचरितमानस की एक-एक चौपाई मनुष्य के जीवन में ऊर्जा का संचार करने वाली है एवं समाज एवं राष्ट्र के लिए सकारात्मक संदेश देने वाली। उन्होंने कहा कि हर मनुष्य यह ठान ले कि मुझे या तो राम की सेवा करनी है या राष्ट्र की। राम की सेवा करने से भी उतना ही पुण्य मिलेगा जितना राष्ट्र की सेवा में। समापन अवसर पर श्री नवाह्न परायण पाठ के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाने वाले सेवादारों का सम्मान भी किया गया। वहीं प्रसाद का वितरण किया गया। कथा का वाचक शशि मोहन मून्दड़ा,राजेन्द्र पुरोहित,राजेश चूरा,बलभद्र व्यास,नरेश पुरोहित,विक्रम पुरोहित,चन्द्रशेखर श्रीमाली सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।






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