बीकानेर : कृष्णगिरी पद्मावती मंदिर की अलग ही छटा, लाखों वर्गफीट पांडालों में आकर्षण का केंद्र हैं भव्य 24 अस्थाई मंदिर जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज के सान्निध्य में हो रहा विराट चैत्र नवरात्रि महोत्सव
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22 मार्च 2026 रविवार
खबरों में बीकानेर
✒️@Mohan Thanvi
बीकानेर : कृष्णगिरी पद्मावती मंदिर की अलग ही छटा, लाखों वर्गफीट पांडालों में आकर्षण का केंद्र हैं भव्य 24 अस्थाई मंदिर
जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज के सान्निध्य में हो रहा विराट चैत्र नवरात्रि महोत्सव
बीकानेर : कृष्णगिरी पद्मावती मंदिर की अलग ही छटा, लाखों वर्गफीट पांडालों में आकर्षण का केंद्र हैं भव्य 24 अस्थाई मंदिर
जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज के सान्निध्य में हो रहा विराट चैत्र नवरात्रि महोत्सव
कृष्णगिरी पद्मावती मंदिर का विवरण नीचे पढ़ें
- मोहन थानवी
बीकानेर 22 मार्च 2026 रविवार
अग्रवाल भवन, शिव वैली के पास गंगाशहर में लाखों वर्गफीट के परिसर में अलग-अलग निर्मित पांडालों में जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज के सान्निध्य में हो रहे इस विशाल अनुष्ठान विराट चैत्र नवरात्रि महोत्सव के चौथे दिन रविवार को 30-40 फीट ऊंचे भव्य अस्थाई मंदिर भक्तों के आकर्षण का केंद्र बने रहे । इन पांडालों का निर्माण सुमेरपुर पाली के अंबिका टैंट एंड इवेंट द्वारा किया गया है। प्रतिष्ठान के दिनेश वैष्णव के मुताबिक़ कुल 24 विशाल भव्य मंदिरों का निर्माण 24 हजार वर्गफीट क्षेत्र में हुआ है। जबकि यज्ञ कुटिर 22500 वर्गफीट में बना है। इसी प्रकार कथा, शिविर और प्रसाद पांडाल भी हजारों-हजारों वर्गफीट में निर्मित हैं। शिव वैली की ओर से भवन परिसर में प्रवेश करते ही गणेश जी और भैरव जी के मंदिर बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करते हैं। विशाल पांडाल परिसर में कृष्णगिरी पद्मावती मंदिर की अलग ही छटा प्रदर्शित होती है। इसके अलावा यहां स्थापित दिव्य शिवलिंग भी आकर्षण का केंद्र है। आयोजकों के अनुसार इस प्रकार के भव्य मंदिरों का एक साथ निर्माण सम्पूर्ण भारत में केवल बीकानेर में ही देखने को मिल रहा है। जो कि चैत्र नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इसके साथ ही देवी भागवत कथा और शास्त्रोक्त विराट यज्ञ किया जा रहा है।
ये हैं भव्य मंदिर
गणपति मंदिर, भैरव मंदिर, शिव-पार्वती मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, कृष्णगिरी पद्मावती मंदिर, धनदेश्वरी मंदिर, दुर्गा मंदिर, सिद्धिदात्री मंदिर, महागौरी मंदिर, करणी माता मंदिर, ललिता महा त्रिपुर सुंदरी मंदिर, सरस्वती मंदिर, श्रीराम परिवार मंदिर और हनुमान मंदिर
तमिलनाडु के कृष्णगिरी में स्थित श्री पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम एक प्रसिद्ध जैन तीर्थस्थल है, जो 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ और माता पद्मावती को समर्पित है। यह स्थान अपनी चमत्कारिक मान्यताओं, कुमकुम वर्षा की कथा और आध्यात्मिक शांति के लिए जाना जाता है, जहाँ लाखों श्रद्धालु मन्नत मांगने आते हैं।
प्रमुख विवरण:
स्थान: यह मंदिर साधनपल्ली (Sudhamapalli), कृष्णागिरी, तमिलनाडु में स्थित है, जो बैंगलोर से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर है।
मुख्य देवी-देवता: भगवान पार्श्वनाथ (मूलनायक) और माता पद्मावती (अधिष्ठायिका देवी)।
विशेषता: इसे माता पद्मावती का एक अत्यंत शक्तिशाली शक्तिपीठ माना जाता है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से प्रार्थना करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
स्थापना: इस पावन तीर्थ की स्थापना परम पूज्य श्री वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज द्वारा की गई थी।
वातावरण: यह मंदिर अपने शांत वातावरण, आध्यात्मिक ऊर्जा और स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है।
दर्शनीय स्थल: यहाँ मुख्य मंदिर के अलावा अन्य जिनालय, ध्यान केंद्र और भव्य परिसर है।
कैसे पहुँचें: कृष्णागिरी जिला मुख्यालय से यहाँ आसानी से सड़क मार्ग (टैक्सी या बस) द्वारा पहुँचा जा सकता है, जो मुख्य राजमार्ग के पास है।
महत्वपूर्ण जानकारी:
यह स्थान विशेष रूप से शुक्रवार को की जाने वाली विशेष पूजा के लिए जाना जाता है। मंदिर में भव्य आयोजन और महोत्सव भी आयोजित किए जाते हैं






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