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31 दिसंबर 2025 बुधवार
खबरों में बीकानेर
✒️@Mohan Thanvi
पाणिग्रहण रानीबाजार में कृष्ण कथा विवेचना : योगेश्वर कृष्ण के अनुसार मन की मलीनता को दूर करें स्वच्छ विचार स्वतः ही दृष्टिगोचर होने लगेंगे - आचार्य रवि शंकर
बीकानेर
बायलादेवी-सुरजाराम जी की स्मृति में आयोजित कृष्ण कथा एवं प्रवचन के पांचवें दिन होटल पाणिग्रहण इंडस्ट्रियल एरिया में आचार्य रवि शंकर ने बताया कि योगेश्वर कृष्ण के अनुसार मन की मलीनता को दूर करें स्वच्छ विचार स्वतः ही दृष्टिगोचर होने लगेंगे। जिस प्रकार स्वच्छ पानी में गिरी हुई कोई भी चीज स्पष्ट नजर आने लगती है।
प्राणायाम के अभ्यास से मन के विकारों का श्रय होता है।मन पर लगातार नियंत्रण को प्रत्याहार कहा गया है और यदि मन एक स्थान पर टिक गया तो उसे धारणा कहा गया। जब मन किसी स्थान पर स्थिर हो गया तब उसी का चिंतन करने ,विचार करने की इस प्रक्रिया को ही ध्यान कहते हैं।
प्रत्येक प्राणी को बुद्धि एवं ज्ञान की आवश्यकता होती है प्रार्थना के द्वारा हमे परमपिता परमेश्वर से मांगते रहना चाहिए।
पंडित्य या ब्राह्मण को सर्वोच्च पद पर रखा गया है इनका कार्य समाज को आगे बढ़ना तथा मार्गदर्शन करना है। समाज में बढ़ रहे एकाकीपन का कारण स्पष्ट करते हुए आचार्य ने कहा की परिवार एवं समाज का महत्व सदैव रहा है और रहेगा। जब-जब समाज एवं परिवार का पतन हुआ है तभी महाभारत हुआ है। परिवार में जब भी एक दूसरे के प्रति किसी प्रकार का क्रोध या द्वेष उत्पन्न हो तो सबसे अधिक उपयुक्त माफ करना या क्षमा करना ही है। व्यर्थ की कुटिलता, कपट सदैव प्रसन्नता का नाश करती है तथा व्यक्ति को पतन की और अग्रसर करती है। कृष्णा कहते हैं हमें क्या अपनाना है या क्या नहीं अपनाना यह हमारी बुद्धि पर निर्भर करता है। आचार्य कुलदीप ने भजनों के माध्यम से कृष्ण के चरित्र को उपस्थित दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया तथा दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।




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