खबरों में बीकानेर
'बे-खौफ आजाद जीना है मुझे' कविता पर गूंजी तालियां
नाल के इस कॉलेज में छात्राओं - अध्यापिकाओं ने पौधारोपण किया, खेल-कूद और नारी सशक्तीकरण की महत्ता बताई

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— Mohan Thanvi / खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 (@Mohanthanvi) February 23, 2025
'बे-खौफ आजाद जीना है मुझे' कविता पर गूंजी तालियां
नाल के इस कॉलेज में छात्राओं - अध्यापिकाओं ने पौधारोपण किया, खेल-कूद और नारी सशक्तीकरण की महत्ता बताई
*महिला दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित*
बीकानेर, 9 मार्च । महिला दिवस के अवसर पर शनिवार को नाल स्थित माँ करणी महिला बीएड एवं डीएलएड महाविद्यालय मे कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बीएड की छात्राध्यपिका मोनिका उपाध्याय ने 'बे-खौफ आजाद जीना है मुझे' कविता का वाचन किया। इस दौरान विभिन्न गतिविधियों का भी संचालन किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम, कविता वाचन, खेलकुद प्रतियोगिता तथा वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं तथा अध्यापिकाओं ने कार्यक्रम में बढ-चढ़ कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम मे महाविद्यालय के व्याख्याता पंकज आचार्य ने वर्तमान समय में महिलाओं की स्थिति पर बात करते हुए "नारी सशक्तिकरण की आवश्यकता" पर बल देते हुए नारी शक्ति को अपने लिए एक विशिष्ट पहचान स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
बीएसटीसी की सलोनी राजपुरोहित ने अपनी कविता 'नारी हूँ मैं' तथा कंचन कंवर ने 'वो एक औरत ही है' कविता का वाचन किया। कार्यक्रम में शोभा तंवर ने महिलाओं की स्थिति पर उद्गार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन सरिता पुरोहित और रेखा वर्मा ने किया। कार्यक्रम मे महाविद्यालय के व्याख्याता राकेश व्यास, मनस्वी, शिव प्रकाश छंगाणी एवं माणक व्यास उपस्थित रहे।







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