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समान नागरिक संहिता पूरे देश में लागू होगी
» भाजपा वाशिंग मशीन एक मुहावरा, हम किसी को नहीं बचाते » एक देश एक चुनाव राष्ट्रहित में > कांग्रेस को बस ईवीएम पर सवाल उठाना आता है » दो फेज में 100 सीटें जीतेंगे, 400 पार तय
नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, क्रिमिनल लॉ में क्यों पर्सनल लॉ नहीं लिया, क्योंकि वहां हाथ काटने पड़ेंगे और पत्थर मारने पड़ेंगे। एक न्यूज चैनल को दिए खास इंटरव्यू के दौरान उनकी यह टिप्पणी यूसीसी से जुड़े सवाल पर आई। इंटरव्यू के दौरान अमित शाह बोले, कांग्रेस मैनिफेस्टो में कहा गया कि हम पर्सनल लॉ को तवज्जो देंगे। पर्सनल लॉ कौन सा है देश में, एक ही है मुस्लिम पर्सनल लॉ।
वो तो डरते हैं, इसलिए कहते नहीं है कि यूसीसी नहीं लाएंगे। बीजेपी यूसीसी लेकर आई उत्तराखंड में, इसलिए कहते हैं कि पर्सनल लॉ रिस्टोर करेंगे। ये शरिया ही तो है और मैं यहीं समझता हूं, आपके पास कोई अर्थ हो तो समझाएं या फिर कांग्रेस पार्टी समझाए।
धर्म के आधार पर कैसे हो सकता है कानून
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, पर्सनल लॉ से क्या मतलब है और किसी भी पंथनिरपेक्ष देश में कानून धर्म के आधार पर कैसे हो सकता है। हमारी संविधान सभा का यही मँडेट है कि इस देश कि विधानमंडल और संसद में यूनिफॉर्म सिविल कोड लाना चाहिए।
आज कांग्रेस इस बात से मुकर रही है, सिर्फ वोटबैंक की राजनीति के कारण। उनको अल्पसंख्यकों के वोट चाहिए, इसलिए कि वह वोटबैंक की वकालत कर सकें। हमारे संकल्प पत्र में इस बात को स्पष्ट किया गया है कि पूरे देश में यूसीसी लागू किया जाए। अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना
अमित शाह ने कहा- कांग्रेस ने मैनिफेस्टो में पर्सनल लॉ की बात की है। देश की जनता के सामने ये बात रखना हमारा दायित्व है। क्रिमिनल लॉ में इसे क्यों नहीं लाया गया कि बलात्कार करने वाले के हाथ काटने पड़ेंगे और पत्थर मारने पड़ेंगे। ये भी सिर्फ आधा-अधूरा ही लिया गया है। अब समय आ गया है कि संविधान निर्माताओं के सपने को पूरा किया जाए।
युगपक्ष हिस




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