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राज्य समारोहों में बेहतरीन एंकर की भूमिका निभाने वाली सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग राजस्थान सरकार पहली महिला अधिकारी वीना करमचन्दाणी की सेवाओं का अभिनंदन किया
जयपुर। हिंदी एवं सिंधी की वरिष्ठ लेखिका श्रीमती वीना करमचन्दाणी सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग राजस्थान सरकार में लगभग 28 वर्षों की सेवाएं देने के बाद 30 जून को सहायक निदेशक के पद से सेवानिवृत हो गईं ।
विभाग की तरफ से उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों आयुक्त श्री महेंद्र सोनी,अतिरिक्त निदेशक श्रीमती अलका सक्सेना तथा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा उनकी उल्लेखनीय सेवाओं का स्मरण किया गया ।अपने इस लम्बे सेवाकाल के दौरान श्रीमती करमचंदाणी ने न केवल विभाग द्वारा सौंपे गए दायित्वों का पूरी दक्षता से निर्वहन किया बल्कि राष्ट्रीय पर्वों पर राज्यस्तरीय राजकीय मुख्य समारोहों में अपनी भावनात्मक उद्घोषणाओं द्वारा अपनी सृजनशील प्रतिभा भी उद्घाटित की। इन समारोहों में ऐसी भूमिका निभाने वाली पहली महिला अधिकारी है।वे हिन्दी और सिंधी दोनों भाषाओं में लंबे अर्से से कविता,कहानी,व्यंग्य तथा फीचर लेखन करती रही हैं।
उन्हें उनके सिंधी काव्य संग्रह के लिये राजस्थान सिंधी अकादमी द्वारा प्रतिष्ठित नारायण श्याम अवार्ड से पुरस्कृत भी किया जा चुका हैं।उन्होंने सिंधी समाज के विभिन्न समारोहों और कार्यक्रमों का भी राष्ट्रीय स्तर पर भी संचालन किया हैं और समाज द्वारा उनकी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए समय समय पर सम्मानित किया गया है । उन्होंने सृजनात्मक लेखन के अलावा पत्रकारिता और जनसम्पर्क के क्षेत्र में भी सराहनीय योगदान दिया है।
जयपुर। हिंदी एवं सिंधी की वरिष्ठ लेखिका श्रीमती वीना करमचन्दाणी सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग राजस्थान सरकार में लगभग 28 वर्षों की सेवाएं देने के बाद 30 जून को सहायक निदेशक के पद से सेवानिवृत हो गईं ।
विभाग की तरफ से उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों आयुक्त श्री महेंद्र सोनी,अतिरिक्त निदेशक श्रीमती अलका सक्सेना तथा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा उनकी उल्लेखनीय सेवायों का स्मरण किया गया ।अपने इस लम्बे सेवाकाल के दौरान श्रीमती करमचंदाणी ने न केवल विभाग द्वारा सौंपे गए दायित्वों का पूरी दक्षता से निर्वहन किया बल्कि राष्ट्रीय पर्वों पर राज्यस्तरीय राजकीय मुख्य समारोहों में अपनी भावनात्मक उद्घोषणाओं द्वारा अपनी सृजनशील प्रतिभा भी उद्घाटित की। इन समारोहों में ऐसी भूमिका निभाने वाली पहली महिला अधिकारी है।वे हिन्दी और सिंधी दोनों भाषाओं में लंबे अर्से से कविता,कहानी,व्यंग्य तथा फीचर लेखन करती रही हैं।
उन्हें उनके सिंधी काव्य संग्रह के लिये राजस्थान सिंधी अकादमी द्वारा प्रतिष्ठित नारायण श्याम अवार्ड से पुरस्कृत भी किया जा चुका हैं।उन्होंने सिंधी समाज के विभिन्न समारोहों और कार्यक्रमों का भी राष्ट्रीय स्तर पर भी संचालन किया हैं और समाज द्वारा उनकी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए समय समय पर सम्मानित किया गया है । उन्होंने सृजनात्मक लेखन के अलावा पत्रकारिता और जनसम्पर्क के क्षेत्र में भी सराहनीय योगदान दिया है।
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