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केंद्रीय शिक्षा बजट आवंटन : वो सब मीडिया में भ्रामक था, ये है सच
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से शिक्षा के लिए बजट आवंटन घटने संबंधी गुमराह करने वाली रिपोर्टों का स्पष्टीकरण
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से शिक्षा के लिए बजट आवंटन घटने संबंधी गुमराह करने वाली रिपोर्टों का स्पष्टीकरण
मीडिया में प्रसारित एक समाचार के संदर्भ में, जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि समय के साथ शिक्षा के लिए आवंटन घटता जा रहा है। सही तस्वीर निम्नलिखित है:
रिपोर्ट में केवल एमएचआरडी (स्कूल शिक्षा और साक्षरता और उच्च शिक्षा विभागों) के तहत शिक्षा के लिए होने वाले आवंटन का उल्लेख है। जबकि अन्य विभागों के बजट के अंतर्गत भी शिक्षा के लिए धन आवंटित किया जाता है। इसके अलावा, राज्यों/संघ शासित प्रदेशों के बजट के अंतर्गत भी शिक्षा के लिए बजट का प्रावधान होता है। शिक्षा के लिए केंद्र द्वारा एमएचआरडी और अन्य विभागों/मंत्रालयों के माध्यम से उपलब्ध कराया गया बजट और राज्यों/संघ शासित प्रदेशों द्वारा शिक्षा के लिए पूर्ण रूप में और सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रतिशत, दोनों की दृष्टि से प्रति वर्ष बढ़ रहा है। इस संबंध में नीचे दी गई तालिका का संदर्भ जा सकता है।
वर्ष
शिक्षा और अन्य विभाग द्वारा शिक्षा पर खर्च (करोड़ रुपये में)
खर्च (जीडीपी के प्रतिशत के अनुसार)
राज्य/संघ शासित प्रदेश
केंद्र
कुल
राज्य/संघ शासित प्रदेश
केंद्र
कुल
2017-18(बीई)
582089.45
174855.55
756945.00
3.41
1.02
4.43
2016-17(आरई)
511589.00
152675.52
664264.52
3.33
0.99
4.32
2015-16(Actual)
435229.54
142562.97
577792.51
3.16
1.04
4.20
2014-15(वास्तविक)
373457.31
133391.82
506849.13
3.00
1.07
4.07
2013-14(वास्तविक)
318249.78
112629.03
430878.81
2.83
1.00
3.84
उपरोक्त विवरण से यह देखा जा सकता है कि पिछले कुछ वर्षों से शिक्षा पर व्यय पूर्ण और जीडीपी के प्रतिशत के संदर्भ, दोनों दृष्टि से बढ़ता जा रहा है।
इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि भारत सरकार ने 2017 में उच्च शिक्षा संस्थानों के अलावा केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय, एम्स में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए उच्चतर शिक्षा वित्त पोषण एजेंसी की स्थापना की। 2017-18 के दौरान, एचईएफए के तहत 2168.26 करोड़ रुपये मूल्य की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई और 2018-19 के दौरान एचईएफए के तहत 29411.99 करोड़ रुपये मूल्य की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
यह कहना भी गलत है कि केंद्र शिक्षा पर 10 प्रतिशत खर्च करता है जबकि राज्य 90 प्रतिशत खर्च करते हैं। शिक्षा पर 2017-18 के बजटीय व्यय के विश्लेषण के अनुसार, केंद्र लगभग 23 प्रतिशत खर्च करता है, जबकि राज्य/ संघशासित प्रदेश अपने कुल राजस्व का 77 प्रतिशत व्यय शिक्षा पर खर्च होता है।
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