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29 दिसंबर 2025 सोमवार
खबरों में बीकानेर
✒️@Mohan Thanvi
प्रभु तुम कण-कण में, मैं तुमको पहचान ना पाया - आचार्य हरिप्रसाद
कृष्ण कथा के दौरान पुस्तक "लाइफ इज ए मैराथन एंड क्विटिंग इज नोट एन ऑप्शन" का विमोचन भी किया
बीकानेर
रानी बाजार होटल पाणिग्रहण में चल रही कृष्ण कथा एवं प्रवचन के अंतर्गत आचार्यों ने अपने उद्बोधन में बताया कि कोई भी कार्य मुश्किल है जब तक उसके लिए पर्याप्त अभ्यास ना किया जाए। योगीराज कृष्णा ने कहा है कि कोई कार्य मुश्किल तो अवश्य हो सकता है पर नामुमकिन नही। वैराग्य के द्वारा मन को वश में किया जा सकता है इसके लिए नमस्ते निरंतरता आवश्यक है।
श्री कृष्ण के अनुसार सात्विक, राजसिक, तामसिक तीन प्रकार के दान होते हैं। दान देते समय व्यक्ति देश, स्थान, काल, पात्र का ध्यान रखना चाहिए तथा दान देने के पश्चात किसी प्रकार की इच्छा नहीं रखनी चाहिए। दान देते समय मन में किसी प्रकार का क्लेश नहीं होना चाहिए। अज्ञानतावश भी किसी को दान नहीं देना चाहिए। अपने सामर्थय अनुसार दान देना अनिवार्य है। देना छोड़ने से व्यक्ति के अंदर का सुख समाप्त हो जाता है।
प्रत्येक व्यक्ति के मन में परिवार, समाज, गुरुओं से प्राप्त संस्कार तो बहुत रहते हैं परंतु अनुकूलता मिलने पर ही उन संस्कारों के बीज अंकुरित होते हैं। आचार्य जी ने कहा कि श्री कृष्ण का संदेश देश के लिए समर्पित होने का प्रेरणा स्रोत है हमें निजी स्वार्थ को किनारे रखकर देश हित को सर्वोपरि रखना चाहिए। चाहे हम किसी भी क्षेत्र में श्रेष्ठता हासिल करें लेकिन समाज के हित को कभी ना भूले। उन्होंने धृतराष्ट्र के पुत्र मोह का उदाहरण देते हुए महाभारत के कारण को स्पष्ट किया।
कार्यक्रम में विजय कुमार की पुस्तक "लाइफ इज ए मैराथन एंड क्विटिंग इज नोट एन ऑप्शन" का विमोचन आचार्य हरिप्रसाद, आचार्य रवि शंकर, आचार्य कुलदीप के कर कमल द्वारा किया गया।





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