लौह पुरूष एवं आयरन लेडी का स्मरण किया गया महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एकता दिवस पर
*BAHUBHASHI*
twitter, Podcast, YouTube, साहित्य-सभागार के साथ-साथ Facebook, Pinterest, LinkedIn और Instagram पर भी आपकी खबरें Khabron Me Bikaner 🎤
🔊 लौह पुरूष एवं आयरन लेडी का स्मरण किया गया महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एकता दिवस पर लौह पुरूष एवं आयरन लेडी का स्मरण किया गया।
महाराजा गंगा सिंह विष्वविद्यालय, बीकानेर के इतिहास एवं भूगोल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती तथा पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्य तिथि पर सादर नमन किया। कुलपति प्रो. सिंह ने लोह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन वृत्त पर प्रकाष डालते हुए कहा कि उन्होंने 565 रियासतों का विलय कर भारत को एक सूत्र में पिरोया। प्रो. सिंह ने कहा कि भारत जैसा देष जिसमें विविधताओं के रूप में जाति, धर्म, भाषा, सभ्यता व संस्कृतियाँ विद्यमान है फिर भी इनमें एकता की भावना प्रवाहमान है। प्रो. सिंह के अनुसार राष्ट्रीय एकता दिवस पर हमें भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार पटेल के संघर्षों और बलिदानों को याद करके आज की युवा पीढी को प्रेरणा लेनी चाहिए। राष्ट्र की एकता को अक्षुण बनाये रखने के लिए 2014 से भारत सरकार इस दिवस को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मना रही है। प्रो. सिंह ने कहा कि हमारे देष की एकता का एक बड़ा आधार दर्षन और साहित्य है जो कि विभिन्नताओं व असमानताओं को समाप्त करके सर्वसमन्वय की भावना को पोषित करता है।
कार्यक्रम के आरम्भ में इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष एवं भूगोल विभाग प्रभारी डॉ. अम्बिका ढाका ने स्वागत भाषण दिया। डॉ. ढाका ने राष्ट्रीय एकता की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत विभिन्नताओं के होते हुए भी एक है तथा इसकी निर्माण सीमा ऐतिहासिक है। डॉ. ढाका ने कहा कि इतिहास गवाह है कि विदेषी आक्रांताओं ने समय-समय को भारत को गुलामी में जकड़ने का प्रयास किया किन्तु उन्हें भारतीयों की जड़ों में बसी एकता की भावना के कारण सफलता नहीं मिल सकी। चाहे युनानी हो या फिर तुर्की, मुगल या अंग्रेज। डॉ. ढाका ने कवि दिनकर के शब्दों को उद्घाटित करते हुए कहा कि विचारों की एकता जाति की सबसे बड़ी एकता होती है। हमारे देष की परम्पराओं, मान्यताओं, आस्थाये और जीवन मूल्य हमारी राष्ट्रीय एकता के पोषक है। तथा राष्ट्रीय अवचेतना से ही हमें वर्षों की दासता से मुक्ति मिल सकी। इस अवसर पर उप कुलसचिव डॉ. बिट्ठल बिस्सा ने विचार रखते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने राष्ट्र की एकता व अखण्डता को बनाये रखने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। कार्यक्रम में संकाय षिक्षकगण डॉ. सुधीर छींपा, डॉ. राजेन्द्र कुमार, सुनिता स्वामी, डॉ. रितेष व्यास ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर विभाग के विद्यार्थियों हरिष चौधरी, देव सारस्वत, जूली ओझा, सोनल सारण आदि ने अपने विचार साझा किये। इस कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सुनिता स्वामी ने किया। कार्यक्रम के अंत में विभागाध्यक्ष डॉ अम्बिका ढाका ने पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी व पूर्व उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल तथा को नमन करते हुए सभी का धन्यवाद किया।
📒 CP MEDIA 🙏 मोहन थानवी 🙏
*खबरों में बीकानेर*🎤 🌐
कोरोना : न भूलें बचाव ही उपचार 😷
पहले मास्क लगाएं फिर खबर पढ़ें 🙏
क्लिक करें हैडिंग सुनें 👉
🔊
📰
🙏 मोहन थानवी 🙏
🇮🇳
सच्चाई पढ़ें । सकारात्मक रहें । संभावनाएं तलाशें ।
क्लिक करें खबर सुनें 👉
✍️
📒 CP MEDIA 🙏 मोहन थानवी 🙏
🙏
< 📰 📑 पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚 📖 📓
*BAHUBHASHI*
*खबरों में बीकानेर 🎤📺*
🌹📻😆
व्हाट्सअप पर आपकी भेजी सूचना न्यूज सेक्शन तक समय पर नहीं मिलती इसलिए हम उसकी खबर नहीं लिख पाते । विज्ञप्ति ईमेल से हिंदी क्रुतिदेव या यूनिकोड में लैटरपैड /एम एस वर्ड फाइल में भेजें mohanthanvi@gmail.com
अपनी टिप्पणी /कमेंट लिखें 👇🏽

Comments
Post a Comment
कमेंट कीजिए - खबर आपकी नजर में...