दस वर्ष तक डिप्रेशन में रही, बाद में लिखी पुस्तक : द वर्डः ए सर्वाइवर गाइड टू डिप्रेशन




सच्चाई पढ़ें । सकारात्मक रहें । संभावनाएं तलाशें । 




🙏 




 twitter, Podcast, YouTube, साहित्य-सभागार के साथ-साथ Facebook, Pinterest, LinkedIn और Instagram पर भी आपकी खबरें Khabron Me Bikaner 🎤





🇮🇳


 खबरों में बीकानेर 🎤 🌐


 ✍️

रविवार को होगा आईएएस एसोसिएशन का साहित्यिक संवाद कार्यक्रम

आईआरएस अधिकारी शुभ्रता प्रकाश की पुस्तक द वर्डः ए सर्वाइवर गाइड टू डिप्रेशन पर होगी चर्चा

दस वर्ष तक अवसाद में रहने के बाद लेखिका ने लिखी है पुस्तक

लोगों को अवसाद से उबारने में हौंसला देती है यह किताब

अतिरिक्त आयकर आयुक्त, नई दिल्ली में पदस्थापित है लेखिका
जयपुर, 30 नवम्बर। आईएएस एसोसिएशन इस बार रविवार को साहित्यिक संवाद कार्यक्रम की कड़ी में भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी शुभ्रता प्रकाश से रूबरू कराने जा रहा है। शुभ्रता प्रकाश वह महिला अधिकारी है जो 10 वर्षो तक डिप्रेशन में रही और डिपे्रेशन से उबरने के बाद लोगों की जिदंगी में आए अवसाद को उबारने के लिए अपने अनुभवों को उन्होेंने एक पुस्तकद वर्डः ए सर्वाइवर गाइड टू डिप्रेशनके रूप में पिरोया है। यह जानकारी आईएएस एसोसिएशन की साहित्यिक सचिव श्रीमती मुग्धा सिन्हा ने दी।
 उन्होंने बताया कि 1 दिसम्बर को टेक्नो हब में प्रातः 11ः00 बजे आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में एसएमएस हॉस्पिटल के मनोवैज्ञानिक हैड डॉ. आर.के. सोलंकी तथा अपेक्स हॉस्पिटल की निदेशक एवं फाउंडर श्रीमती शीनू झवर आईआरएस श्रीमती शुभ्रता प्रकाश से उनकी पुस्तक द वर्डः ए सर्वाइवर गाइड टू डिप्रेशनपरसंवाद करेंगे।
 श्रीमती सिन्हा ने बताया कि लेखिका वर्तमान में अतिरिक्त आयकर आयुक्त, नई दिल्ली में तैनात है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में बहुत अधिक लोग अवसाद से पीड़ित है। इसके बहुत से कारण है तथा परिणामों को खारिज कर दिया जाता है और पीडितों को अक्सर नजरअदांज किया जाता है। जीवन में ऎसे पल बहुत कम आते है जिसमें एक व्यक्ति लडकर सभी को प्रकाश की राह दिखलाता है और पीड़ित लोगों के जीवन में खुशियां लौटाता है। ऎसा ही एक नाम है शुभ्रता प्रकाश का। जिन्होंने एक ऎसी मानसिक अवसाद की सड़क की यात्रा की जो संघर्ष, निकट मृत्यु और उससे उबरने की कहानी को बयां करती है।
 साहित्यिक सचिव ने बताया कि डिप्रेशन एक गंभीर लेकिन आम बीमारी है, इसलिए इसका सही समय पर इलाज होना बहुत जरूरी है और इसे ऎसे ही छोड़ दिया जाए तो जीवन के प्रत्येक पहलू पर बहुत बुरा असर डालती है तथा पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन को नीरस एवं संकट में डाल सकती है। अतः इस कार्यक्रम के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया जाएगा कि बच्चों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में आए अवसाद को किस प्रकार दूर किया जाए और पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन को सरस बनाया जा सके।
 लेखिका शुभ्रता प्रकाश का कहना है कि उनकी पुस्तक के दो महत्वपूर्ण भाग है, जिसमें पहला भाग विकार, संभावित कारण उपचार के विकल्प और स्वयं या किसी प्रियजन की मदद के बारे में जानकारी देती है तथा दूसरे भाग में डिप्रेशन के साथ रहने का मेरा अनुभव है। यह आंशिक रूप से दूसरो की मदद करने से संबंधित है। जब किसी को मेजर डिप्रेसिव डिसआर्डर होता है और यह भी उम्मीद बताती है कि यह बेहतर हो जाएगा।







📒 📰 📑 पढ़ना और पढ़ाना जीवन सफल बनाना 📚 📖 📓

Comments

Popular posts from this blog

पशुपतिनाथ : नेपाल के लिए पहली हवाई तीर्थ यात्रा पर 43 वरिष्ठ नागरिकों पहला दल रवाना पशुपतिनाथ दर्शन का सपना सच बीकानेर व चूरू जिले से 28 जूलाई तक कुल 382 यात्री पशुपति नाथ जी के दर्शन कर सकेंगे

दिल्ली में ट्रेने प्रभावित, हिसार, रेवाड़ी की ये कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी

नवनियुक्त थाना अधिकारी विक्रम तिवारी का अभिनंदन स्वागत- अग्रवाल समाज चेतना समिति द्वारा