खबरों में बीकानेर...
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बीकानेर में गर्मी से पिघला रिकॉर्ड !
दोपहर : बाजारों में भी गिनती के ग्राहक
बीकानेर में मार्च के अंतिम 2 दिन भीषण गर्मी के रहे। इतनी अधिक गर्मी की दोपहर में गली मोहल्लों में और बाजारों में गिनती के लोग ही दिखाई दिए। हालांकि मौसम चाहे कोई भी हो लोग बाग आवश्यक कार्यों से ही घर से बाहर निकलते हैं। किंतु भीषण गर्मी के इस दौर में आवश्यक कार्यों को भी शाम ढलने तक के लिए टालना बेहतर समझा। हां, अनिवार्यता पर लोग अवश्य आवाजाही करते दिखे। तापमापी के चढ़ते पारे को देखते रिकॉर्ड तोड़ गर्मी दर्ज की गई है।
जयपुर । राजस्थान, गुजरात समेत पश्चिमी भारत में बने एंटी साइलोनिक सर्कुलेशन के कारण प्रदेश में भीषण गर्मी पडऩे लगी है। पिछले दिनों गंगानगर में गर्मी का नया रिकॉर्ड बनने के बाद अब बीकानेर में भी रिकॉर्ड टूट
गया। बीकानेर में बीते दिन पारा 42.5 डिग्री
सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 11 साल में मार्च में अब तक का सबसे ज्यादा तापमान रहा है। इससे पहले मार्च तक तापमान 42.3 तक ही पहुंचा था। वहीं बुधवार को भी 20 से ज्यादा शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा।
जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक एंटी
साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम का असर आज से कम होने लगेगा, जिससे तापमान में मामूली गिरावट होने की उम्मीद है। राजधानी जयपुर समेत 20 शहरों में तेज गर्मी और लू से लोग
परेशान हैं। पिलानी, गंगानगर, चूरू, बीकानेर समेत कई शहरों में तापमान औसत से 9 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर रहने लगा है। बाड़मेर, कोटा, पाली शहरों में दिन के साथ ही रात भी अब तपने लगी है। यहां बीती रात न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ही रहा, जो अमूमन अप्रैल-मई के महीने में रहता है।
मौसम विशेषज्ञों की मानें तो इस बार समय से पहले गर्मी आने के पीछे बड़ा कारण मार्च में वेर्स्टन डिस्टरबेंस का कम होना है।
जयपुर मौसम केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान में 2 अप्रैल तक राज्य के पश्चिमी क्षेत्र के बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, पाली और पूर्वी राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, करौली, धौलपुर, कोटा और बूंदी एरिया में गर्म
हवाएं चल सकती है। 5 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। हालांकि दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होने की संभावना है।
अप्रैल में क्या होगा हाल,
मौसम विभाग ने दी ये चेतावनी
देशभर में इसबार अप्रैल में ही लोगों को मई-जून की गर्मी का अहसास होने वाला है। उत्तर भारत में इसका असर अगले 5 दिनों में ही देखने को मिल सकता है। मार्च में ही पारा 40 के पार जा चुका है जिसके चलते तापमान में काफी इजाफे की संभावना है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है। मौसम विभाग की माने तो अगले 4-5 दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत में तेज लू भी चल सकती है। भारत मौसम विज्ञान
विभाग ने इसी के साथ एक अलर्ट भी जारी कर दिया है, जिसमें लोगों से जितना हो सके धूप में न निकलने की हिदायत दी गई है। विभाग ने इसके लिए श्रम मंत्रालय, बिजली मंत्रालय,
अग्निशमन विभागों को भी पहले ही अलर्ट कर दिया है।




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