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खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
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*संविधान निर्माण में बीकानेर की रही भागीदारी:- विधायक बिश्नोई*
नोखा । नोखा विधायक एवं जिलाध्यक्ष भाजपा बीकानेर देहात बिहारीलाल बिश्नोई ने विधानसभा के विशेष सत्र में ‘‘भारत के संविधान तथा मूल कर्तव्यों पर विचार‘‘ चर्चा में भाग लिया । इस चर्चा में भाग लेते हुए विधायक बिश्नोई ने कहा कि 26 नवम्बर 1949 को हमारा संविधान बन कर तैयार हुआ, 26 जनवरी 1950 को गणतंत्र दिवस पर संविधान लागू हुआ । संविधान निर्माताओं डाॅ. भीमराव अम्बेडकर, डाॅ. राजेन्द्रप्रसाद व उनकी ड्राफ्ट कमेटी व संविधान सभा का धन्यवाद । जिन्होने लग्न, अथक प्रयासों से व कितनी दूरदृष्टि सोच रही होगी जिसकी आज कल्पना करे तो भी अचरज होता है । आज 70 वर्ष बाद भी 12 धर्माें को मानने वाला देश, 122 भाषाओं को बोलने वाला देश, 1600 से अधिक क्षेत्रीय बोलियों वाला देश , इतनी विविधताओं से भरा देश, को ऐसा संविधान मिलेगा । ऐसी अनूठी सोच हमारे संविधान निर्माताओं की रही थी । इतना बड़ा संविधान जो दुनिया का सबसे बड़ा हस्तलिप संविधान है बनाने में कितनी मेहनत की होगी ये हमारे लिए आज भी मार्गदर्शन का काम करता है ।
श्री बिश्नोई ने कहा कि देश के संविधान निर्माण में बीकानेर की भी भागीदारी रही है । बीकानेर रियासत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जसवंतसिंह तंवर भी संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य थे । उनकी भी संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका रही है । इस मौके पर उन्हे याद नहीं करे ऐसा उचित नहीं होगा ।
श्री बिश्नोई ने कहा कि संविधान दिवस पर चर्चा लोकसभा व विधानसभा तक ही सिमित ना रहे, बाल सभा, जन सभा में संविधान पर पूरा देश चर्चा करें ।
श्री बिश्नोई ने कहा कि संविधान में हमें अभिव्यक्ति का अधिकार, धार्मिक स्वतन्त्रता का अधिकार, जीवन का अधिकार है ऐसे अमूल्य अधिकार हमारे संविधान में मिले है । आज महत्वपूर्ण बात ये है कि हम हमारे कर्तव्यों के प्रति कितने सजग है । हमारा कर्तव्य पर्यावरण बचाना, जीव जन्तु बचाना भी हमारा कर्तव्य, भाईचारा बढाना हमारा कर्तव्य है ।
श्री बिश्नोई ने कहा कि मैं-मैं हूं, तुम-तुम हो तो क्या बड़ी बात है... मैं और तुम मिल जाये तो हम बन जाये तो ये बड़ी बात है । संविधान की मूल भावना "We The People of India " के साथ हमें संविधान को आगे ले जाना है ।
श्री बिश्नोई ने कहा कि संविधान का मूल उद्देश्य था कि देश जातियों में ना बन्टे ये भावना डॉ अम्बेडकर की थी ये ही भावना हमारे दुनिया के सबसे बड़े सामाजिक, सांस्कृतिक संगठन विचार परिवार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की है । इसलिए सब मिल-जूल कर आगे समाज का निर्माण करें इस संविधान को आम जन तक लेके जाये । प्रत्येक व्यक्ति संविधान के प्रति जागरूक हो व उसमें आस्था रखे । अपने अधिकार व कर्तव्यों को समझे ।
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