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खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
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दिव्यांग सेवा संस्थान और माली
समाज भवन गोगागेट में पुण्यतिथि पर महात्मा फुले को श्रद्धासुमन अर्पित
बीकानेर । सामाजिक क्रान्ति के अग्रदूत एवं महिला शिक्षा के जनक
महात्मा ज्योतिबा फुले की 129वीं पुण्यतिथि पर गुरुवार को 11:30 बजे माली
समाज भवन गोगागेट पर पुष्पांजलि कार्यक्रम रखा गया। जिसमें समाज के प्रबुद्धजन,
शिक्षाविद, वरिष्ठ नागरिक, युवा संगठन, राजनैतिक पार्टियों के नेतागण आदि शामिल
हुए। कार्यक्रम आयोजक विकास तंवर ने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले और मां
सावित्री बाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई उसके बाद
उपस्थित गणमान्य जनों ने ज्योतिबा फुले जी के जीवनी के बारे में बताया की महात्मा
फुले जी ने छूआछूत, जातिप्रथा एवं पर्दाप्रथा जैसी कुरीतियों के विरूद्ध संगठित एवं
शिक्षित समाज की स्थापना की अभिनव पहल की थी। पुष्पांजलि कार्यक्रम में
नवनिर्वाचित उप महापौर राजेन्द्र पंवार, माली समाज भवन गोगागेट अध्यक्ष तेजरतन
भाटी, देवकिशन गहलोत, निर्मल गहलोत, दीपक गहलोत, सांगीलाल गहलोत, मनोज
गहलोत, विकास तंवर, करण गहलोत, राजेश गहलोत, राजेश कच्छावा, हिमांशु टाक
एवं समाज के अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।
महात्मा ज्योतिबा फुले के जीवन से प्रेरणा लें
बीकानेर । दिव्यांग सेवा संस्थान में महात्मा ज्योतिबा फूले की पुण्य
तिथि पर मूक बधिर व मानसिक मंद बच्चों ने उनका श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
संस्था प्रधान जेठाराम ने मूक बधिर एवं मानसिक मंद बच्चों को संकेतों की भाषा
में बताया कि महात्मा ज्योतिबा फूले की जीवनी से हमें ये प्रेरणा लेनी होगी कि
सोच धर्म, अंधविश्वास, पांखड़ और मूर्खता की और नहीं जाना। मूक बधिर सुमन
शर्मा ने मानव में जागृति की ज्योति जाने वाले महान क्रांतिकारी ज्योतिबा फूले के
जीवन से हमें प्रेरणा लेने को कहा। मोनिका जीनगर, उतमाराम, राजेश कुमार, संतोष
देवी, देवाराम आदि ने भी विचार रखे।
सैनी प्रतिभा प्रोत्साहन संस्थान गोगागेट हॉल में आज शाम 4:00 बजे महात्मा ज्योतिबा फुले की 129 वी पुण्यतिथि पर महात्मा फुले जागृति मिशन की ओर से पुष्पांजलि व सभा का कार्यक्रम रखा गया था और श्रद्धांजलि कार्यक्रम का स्वागत भाषण राजेंद्र जी तवर ने शुरुआत की उन्होंने महात्मा फुले के पूरे जीवन काल पर अपनी बात कही राजेंद्र जी ने बताया महात्मा फुले ने उस जमाने में कितनी मुश्किलों के अंदर शिक्षा का प्रचार भारत देश के अंदर फैलाया उसी के कारण आज देश प्रगति की ओर निरंतर बढ़ रहा है उसके बाद आर ए एस अधिकारी शक्ति सिंह कच्छावा ने भी महात्मा फुले के जीवन पर अपना वक्तव्य दिया और युवाओं को महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा शिक्षा पर ध्यान देने उन के लिए सुविधा मोया कैसे करवाई जा सकती है और सुविधाएं कैसे की जा सकती है इस पर प्रकाश डाला मिलन गहलोत ने अपने वक्तव्य में बोलते हुए बताया कि जिस जमाने में शिक्षा देना अपराध की श्रेणी में आता था शूद्रों को महिलाओं को पढ़ना बिल्कुल वर्जित था और पाप की श्रेणी में मानते थे उस जमाने के अंदर एक संपन्न परिवार में जन्मे हुए महात्मा फुले को समाज से बाहर कर दिया गया उसके बावजूद भी उन्होंने निरंतर संघर्ष जारी रखा और पूरे देशभर में इसका प्रचार-प्रसार किया उन्होंने अपनी धर्मपत्नी को अखंड भारत की प्रथम अध्यापिका बना करके एक अलग कीर्तिमान स्थापित किया और अपने जीवन काल के अंदर कई स्कूल खोलें जिसमें गरीब दलित महिलाएं को पढ़ाया गया गहलोत ने बताया कि हमारे पिछड़ों के लिए 4 बड़े महापुरुष हैं जिसमें महात्मा फुले,माता सावित्रीबाई फुले,शाहूजी महाराज और भीमराव अंबेडकर इनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता इस कार्यक्रम के अंदर आनंदसिंह गहलोत,संतोष परिहार, लक्ष्य सोलंकी, सौरभ सोलंकी, राजेश गहलोत ,नंदकिशोर सांखला, मोनिका खडगावत, हिमांशी परिहार, विजय शंकर गहलोत ,यशवंत गहलोत, कार्यक्रम का संचालन राजकुमार खडगावत ने किया।
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