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यहांं जुटे 108 युगल, किया महापूजन
दादा गुरुदेव का 108 जोड़ों ने किया भक्ति भाव से महापूजन
बीकानेर, 02 अक्टूबर। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ के गच्छाधिपति आचार्यश्री जिन मणिप्रभ सूरिश्वरजी की आज्ञानुवर्ती प्रवर्तिनी साध्वीश्री शशि प्रभा म.सा. के सान्निध्य में पांच दिवसीय ’’ पंचाहिन्का महोत्सव के तहत बुधवार को बागड़ी मोहल्ले की ढढ्ढा कोटड़ी में 108 जोड़ों ने भक्ति गीतों व श्लोकों के साथ दादा गुरुदेव का महापूजन किया। पर्युषण पर्व के दौरान विभिन्न तपस्याएं करने वाले श्रावक-श्राविकाओं व विविध प्रतियोगिता में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। महोत्सव के तहत गुरुवार को ढढ्ढा कोटड़ी में तपस्वियों का अभिनंदन तथा विभिन्न प्रतियोगिता में विजेताओं को चिंतामणि जैन मंदिर प्रन्यास के अध्यक्ष निर्मल धारीवाल, खरतरगच्छ महिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती चारू नाहटा, सामयिक महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती संतोष नाहटा ने पुरस्कृृत किया।
साध्वीश्री शशि प्रभा म.सा. ने प्रवचन में कहा कि परमात्मा व दादा गुरुदेव श्रद्धा व विश्वास के साथ स्मरण करने से भक्त की करते है। देव, गुरु व धर्म से बढ़कर कुछ भी नहीं है। परमात्मा की वाणी को रग-रग में रमा ले, उनके प्रति समर्पण रखें। प्रभु हर परिस्थिति में भक्तिों की मदद करते है। उन्होंने कहा कि नवंकार महामंत्र महा चमत्कारी है। इस मंत्र की सिद्धि विशिष्टता में कोई शंका नहीं करें, इसका अधिकाधिक जाप करें। उन्होंने कहा दादा गुरुदेव दयालु, कृृपालु है, इस समय में भी वे अपने चमत्कार से भक्तों की रक्षा करते है। उन्होंने अपनी रक्षा दादा गुरुदेव द्वारा करने के संस्मरण सुनाएं। साध्वीश्री संयमगुणा ने कहा कि दादा गुरुदेव की पूर्णिमा व अमवस्या को विशेष पूजा की जाती है। अमावस्या के उनके स्वर्गारोहण की तिथि है वहीं पूर्णिमा के दिन दादा ने मालपुरा में उदयराज को दर्शन दिए। पूर्णिमा तिथि वैसे भी सनातन व जैन धर्म में अनुकरणीय है।
पूजा विधिकारक यशवंत गोलेछा व संजय के साथ साध्वीश्री सौम्यगुणा ने श्लोकों का वांचन किया वहीं वरिष्ठ कलाकार सुनील पारख, नेहा पारख और अरिहंत नाहटा ने ’’ बावन वीर किये अपने वश, चैसठ योगिनी पाए लगाई’’ ’’दादो- दादो जगत जस गायो रे’’ ’’महरौली में हम सब का नवाब है, क्या लिखु ये तो पूरी किताब है, सारी दुनियां में सबसे लाजबाब है’’, ’’ जिस दिन गुरुजी तेरा दर्शन होगा, उस दिन जीवन सफल होगा’’, ’’ श्री गुरुदेव दयाल को, मन में ध्यान लगाय, अष्ट सिद्धि नवनिधि मिले, मन वांछित फल पाय’’ सहित अनेक भक्ति गीत व दोहे गाकर माहौल को करीब 5 घंटें तक भक्तिमय बनाएं रखा। के गाए भक्ति गीतों ’’पाश्र्वनाथ करुणा निधान, महिमा महान, मंगलकारी’’ आदि भजनों में स्वर मिलाएं । गुरुवार को ढढ्ढा कोटड़ी में सुबह साढ़े आठ बजे 48 जोड़ों के साथ भक्तामर महापूजन होगा।
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