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जप में बहुत बड़ी शक्ति: मुनिश्री सुमतिकुमारजी
पर्युषण पर्व के छठे दिन जप दिवस मनाया
गंगाशहर। पर्युषण महापर्व के छठे दिन गंगाशहर स्थित तेरापंथ भवन में जप दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मुनिश्री सुमति कुमार जी ने कहा कि जप में बहुत बड़ी शक्ति होती है। निर्जरा के 12 प्रकारों में एक प्रकार जप भी है, लेकिन जप हमारे जीवन में तभी लाभप्रद हो सकता है जब हम जप करते हुए कुछ बिन्दुओं का ध्यान रखें जैसे किसी भी मंत्र का जप करे तो उसके साथ हमारी आत्म शक्ति जुड़ जाती है। हम मंत्र का उच्चारण शुद्ध करें, हमें मंत्र का अर्थ पता होना चाहिए। उस मंत्र के साथ हमारी आस्था जुड़ी होनी चाहिए और पूरी तन्मयता व एकाग्रता होनी चाहिए। मुनिश्री ने कहा कि ऐसा न हो कि हाथ में माला और मन घूम रहा है। दिमाग योजना बना.... 👇👇
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...... रहा है या फिर किसी कामना के लिए किया जाने वाला जप काम नहीं करता। मन को एकाग्र करके पूरी तन्मयता के साथ जप का प्रयोग करना चाहिए। मुनिश्री ने कहा कि मंत्र विविध शक्तियों का खजाना है। मनोयोगपूर्वक जाप करने से वे शारी शक्तियां जपकर्ता में धीरे-धीरे प्रगट होने लगती है। उन्होंने मंत्र जप के लाभ बताते हुए कहा कि इससे दुर्बल मन सबल बनता है।, रोगी मन स्वस्थ होता है, तेजस शरीर सक्रिय बनता है, चित्त की अन्तर्मुखता को बढ़ाता है तथा विराट शक्तियों का नियोजन और दुष्ट शक्तियों का निग्रह करने का कार्य करता है। मुनिश्री ने कहा कि जब तक मंत्र जीवन से नहीं जुड़ता तब तक वह जीवंत मंत्र नहीं बनता है। नमस्कार महामंत्र की महिमा बताते हुए कहा कि यह आकार में छोटा होता है परन्तु उपलब्धियों का खजाना है। आचार्य महाप्रज्ञ के जीवन से जुड़ी जानकारियां देवार्य मुनि ने करवायी तथा आदित्य मुनि ने प्रवचन का शुभारम्भ प्रेरणादायक व्यक्तव्य से किया। कन्या मंडल की एकता व कोमल पुगलिया ने पुर्यषण पर्व की महिमा पर एक मधुर गीत का संगान किया।



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