स्वास्थ्य : राजस्थान में हैरान करने वाला मामला वर्षों से फेफड़ों में फंसी सुपारी से तकलीफ सह रही थी महिला डॉक्टर्स ने Treatment via bronchoscopy से फेफड़े से निकाली एक इंच की सुपारी


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स्वास्थ्य : राजस्थान में हैरान करने वाला मामला 
वर्षों से फेफड़ों में फंसी सुपारी से तकलीफ सह रही थी महिला
डॉक्टर्स ने Treatment via bronchoscopy से फेफड़े से निकाली एक इंच की सुपारी


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स्वास्थ्य : राजस्थान में हैरान करने वाला मामला 
वर्षों से फेफड़ों में फंसी सुपारी से तकलीफ सह रही थी महिला
डॉक्टर्स ने Treatment via bronchoscopy से फेफड़े से निकाली एक इंच की सुपारी


16 जून, 2026 मंगलवार 

राजस्थान में स्वास्थ्य से जुड़ा एक हैरान कर देने वाला मामला  सामने आया है। प्रदेश के रामदेवरा में एक अधेड़ महिला बीते 7 वर्षों से सीने में तकलीफ के कारण विभिन्न जगहों उपचाराधीन रही । जांचों में टीवी होने तक की संभावना पर विचार किया गया । अंततः पीबीएम अस्पताल के श्वसन रोग विभाग में उपचार के लिए पहुंची 58 वर्षीय महिला के फेफड़ों से Treatment via bronchoscopy के जरिए करीब एक इंच लंबा सुपारी का टुकड़ा निकाल कर उसे राहत प्रदान की गई। यह हैल्थ-केस यहां एसपी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पीबीएम अस्पताल के श्वसन रोग विभाग में सॉल्व किया गया। 

ऐसे हुआ निदान 

सीने में तकलीफ लिए महिला श्वसन रोग विभाग पहुंची, जहां विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. गुंजन सोनी ने महिला के स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की। महिला के फेफड़े में करीब एक इंच लंबी सुपारी फंसी हुई मिली।

डॉ सोनी ने अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ Treatment via bronchoscopy (दूरबीन) से करीब डेढ़ घंटे तक चले जटिल प्रोसीजर से फेफड़े में फंसी सुपारी को क्रश कर बाहर निकाला । 

ये थी तकलीफ 

 महिला को लंबे समय से श्वास संबंधी तकलीफ, खांसी, निमोनिया, सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी थी। महिला के पति की जानकारी के मुताबिक महिला ने जोधपुर, फलोदी सहित विभिन्न स्थानों पर चिकित्सकों से परामर्श लिया और सीटी स्कैन की रिपोर्ट मुंबई भी भेजी गई, जहां चिकित्सकों ने टीबी होने की संभावना जताई थी।

 मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना बनी सहारा 

महिला का संपूर्ण उपचार मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत निःशुल्क किया गया। उपचार में डॉ. गुंजन सोनी के साथ डॉ. अंकित, डॉ. वसुंधरा, डॉ. मनुदेव, डॉ. प्रवेश, डॉ. दिनेश, डॉ. विजय, नर्सिंग स्टाफ मंजू तथा हेल्पर विनोद का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

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