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23 जनवरी 2026 शुक्रवार
खबरों में बीकानेर
✒️@Mohan Thanvi
बासंतिक समारोह में गीतों, नृत्यों ने बांधा समां
तीन दिवसीय चित्र प्रदर्शनी सम्पन्न
बासंतिक समारोह में गीतों, नृत्यों ने बांधा समां
तीन दिवसीय चित्र प्रदर्शनी सम्पन्न
श्री जुबली नागरी भंडार का 119 वां स्थापना दिवस
बीकानेर 23 जनवरी। श्री जुबली नागरी भंडार के 119 वें स्थापना दिवस समारोह के तीसरे दिन डॉ. दिनेश शर्मा, डॉ. प्रभा भार्गव, डॉ. पी.आर.भाटी, लियाकत अली, जेठाराम गहलोत के आतिथ्य में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ।
अतिथियों ने नागरी भंडार के विगत 118 वर्षों के इतिहास के बारे में जानकारी दी एवं कलाकारों का हौसला बढ़ाया। आनंद संगीत कला संस्था के विद्यार्थियों ने संगीतज्ञ ज्ञानेश्वर सोनी के निर्देशन में राग बसन्त पर आधारित वंदना गीत प्रस्तुत किया जिसमें गीता सोनी, कोमल, खुशी पंचारिया, शिवानी ने भाग लेते हुए "जय जय जय है भगवती सुर भारती" के बाद “आयो रे बसन्त आयो रे” गीत प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। गौरीशंकर सोनी के निर्देशन में दीपक महात्मा ने बांसुरी पर राग हंसध्वनि की मनमोहक प्रस्तुति दी। तबला संगत राहुल पारीक ने की जबकि हारमोनियम पर ज्ञानेश्वर सोनी थे। अमित सारस्वत के निर्देशन में कथक नृत्य की प्रस्तुति काशवी पण्डित, तन्विका भारद्वाज, ऐश्वर्या ने की तबले पर संगत आदित्यसिंह, पखावज पर संगत युवराजसिंह ने की। एकल गायन प्रस्तुति में गिरिराज बागड़ी, नरेंद्र सोनी और विजयलक्ष्मी स्वामी ने भजनों की सस्वर प्रस्तुतियां दी। धीरज पुरोहित के निर्देशन में धीरज आचार्य, अजय पारीक, आयुष्मान व्यास और परम् मारू ने तबला वादन की शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन अब्दुल शकूर सिसोदिया ने किया। कलाकारों, गणमान्यों का मान सम्मान करते हुए नागरी भंडार के नन्दकिशोर सोलंकी ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया। 119 वें स्थापना दिवस समारोह में शहर के प्रतिष्ठित वर्ग के गणमान्यजन उपस्थित रहे।
*नागरी भंडार का स्थापना दिवस: तीन दिवसीय चित्र प्रदर्शनी सम्पन्न*
बीकानेर, 23 जनवरी। जुबली नागरी भण्डार के बसन्त उत्सव के अवसर पर महारानी सुदर्शना कला दीर्घा में आयोजित तीन दिवसीय चित्रकला प्रदर्शनी शुक्रवार को संपन्न हुई। अध्यक्षता रोटेरियन आनंद आचार्य ने। मुख्य अतिथि शिक्षाविद सुनील कुमार शर्मा थे। प्रदर्शनी में 100 से अधिक चित्रों को प्रदर्शित किया गया। इनमें जल रंग, तेल रंग, एक्रलिक रंग, मिक्स मीडिया, मूर्ति शिल्प के साथ बीकानेर सुनहरी कलम और राजस्थानी साफा पाग का कला प्रदर्शन किया गया। चित्र विषयों में कलाकारों ने दृश्य-चित्र, व्यक्ति चित्र, वस्तु चित्र, आध्यात्मिक चित्रण, राजस्थानी सांस्कृतिक चित्रण, लोककला चित्रण के साथ समसामयिक विषयों के चित्र व मूर्ति शिल्प लगाए गये हैं। प्रदर्शनी में पृथ्वी सिंह राजपुरोहित, कलाश्री, भूरमल सोनी, बरकत अली, धर्मा स्वामी, एस. के. हटीला, डॉ. मोना सरदार डूड़ी, मुकेश जोशी साँचीहर, एस. के. नाथ, योगेंद्र कुमार पुरोहित, कमल किशोर जोशी, राम कुमार भादाणी, प्रिया मारू, अदिती व्यास, राधिका छंगाणी, भावना ओझा, हितेषिका शर्मा, गणेश रंगा, लेखक व्यास, जयश्री सुथार, लाल-चन्द सुथार, यश व्यास, गणेश ओझा, सुनील दत्त रंगा, मुस्कान मालू, मुदित शर्मा, रवि उपाध्याय, अंजली ओझा, सांची अदिती जोशी, विनीता सोनी, वन्दना रंगा, पूजा पेड़ीवाल, मेघा शर्मा, हेतिषका, जयन्त, दीपक कुमावत, लक्षीका, राधिका, आकाश स्वामी, गरिमा, मोक्ष सिंह, अनुराधा, महेश कुमार, अपूर्वा झाला, मनीष सोलंकी, अंजली सुराणा, नीकिता सकरण, देव साधु, महिपाल सोनी, भावना ओझा, समर यादव, नेहा छीपा, आयुषि तंवर, पुलकित हर्ष आदि के चित्र शामिल रहे।
समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र दिए गए। इस दौरान मनोज सोलंकी, डॉ. मोना सरदार दूरी, कमल किशोर जोशी, रामकुमार भादाणी, योगेन्द्र कुमार पुरोहित व प्रिया मारू को सम्मानित किया गया।





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