आत्म दर्शन और सत्य दर्शन की सतत प्रक्रिया का नाम है : प्रेक्षा ध्यान
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11 जून 2025 बुधवार
खबरों में बीकानेर
@Mohan Thanvi
बीकानेर 10 जून 2025
आत्म दर्शन और सत्य दर्शन की सतत प्रक्रिया का नाम है : प्रेक्षा ध्यान
गणाधिपति गुरुदेव तुलसी के 29 वें महाप्रयाण के अवसर पर सप्त दिवसीय कार्यक्रमों के अंतर्गत त्रिदिवसीय प्रेक्षाध्यान शिविर का आयोजन आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान एवं प्रेक्षा फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में आशीर्वाद भवन के प्रांगण में आयोजित हुआ। दिनांक 9 से 11 जून तक आयोजित इस त्रि दिवसीय आवासीय शिविर का शुभारंभ शासनश्री साध्वी श्री बसंत प्रभा जी के सान्निध्य में प्रातः 5.30 बजे प्रारंभ हुआ। शिविर का संचालन समणी नियोजिका मधुरप्रज्ञाजी, मनन प्रज्ञा जी, प्रेक्षा ध्यान प्रशिक्षिका सविता जी जैन एवं राज जी गुनेचा द्वारा किया जा रहा है ।
साध्वी श्री बसंत प्रभा जी ने फरमाया कि आत्म दर्शन और सत्य दर्शन की निरंतर प्रक्रिया का नाम ही प्रेक्षा ध्यान है । अपने भीतर तक गहराई में झांकना और जागरूक रहना इसका लक्ष्य है । समणी नियोजिका मधुर प्रज्ञा जी ने बताया कि आचार्य तुलसी ने प्रेक्षाध्यान के 5 सूत्र बताएं है। पहला भावक क्रिया (मन की एकाग्रता का प्रयास), दूसरा श्रुतिक्रिया (सुनने-समझने में जागरूक रहे), तीसरा मैत्री भाव (सब प्राणियों के प्रति मैत्री की भावना), चौथा भोजन का संयम व पांचवा वाणी का संयम। जीवन शैली के भी 5 सूत्र हैं। आचार्य तुलसीजी ने किसी भी विशेष लक्ष्य की प्राप्ति के लिए चार सूत्रीय योजना निर्मित की है-1. अभिप्रेरणा, 2.एकाग्रता, 3.शिथिलीकरण और 4.द्रष्टाभाव।
तुलसी शांति प्रतिष्ठान संस्थान के अध्यक्ष गणेश जी बोथरा ने बताया कि आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान द्वारा आध्यात्मिक, सामाजिक , सेवार्थ गतिविधि निरंतर संचालित होती है । आचार्य तुलसी के 29 वें " महाप्रयाण के अवसर पर गुरु चरणों में आध्यात्मिक भेंट देना हमारा लक्ष्य है। शिविर में उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनि श्री कमल कुमार जी ने भी पधारकर अपना मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।
मंत्री दीपक आंचलिया ने बताया कि शिविर में ध्यान, आसान, प्रेक्षाध्यान के प्रयोग एवं इसके सैद्धांतिक और वैज्ञानिक रूप को समझने हेतु वक्तव्य और प्रशिक्षण हो रहा है । शिविर के दौरान आहार संयम, वाणी संयम के अनुरूप दिनचर्या चल रही है ।
शिविर प्रभारी मानक चंद जी सामसूखा एवं इंदर चंद जी सेठिया ने बताया कि गंगाशहर, बीकानेर, उदासर, उदयरामसर, भीनासर, देशनोक, पीलीबंगा, सूरतगढ़, संगरिया मंडी, श्रीरामसर, जयपुर, सिंथल, चंडीगढ़ आदि 13 स्थानों से 79 जनों ने सहभागिता की ।
आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान संस्थान के मीडिया एवं प्रचार प्रसार विभाग के संयोजक धर्मेंद्र डाकलिया के अनुसार गुरुदेव तुलसी के 29 वें महाप्रयाण दिवस के अवसर पर आयोजित सप्त दिवसीय सभी कार्यक्रमों में यहां के साधु साध्वियों की विशेष प्रेरणा से श्रद्धालु लोगों में धर्म ध्यान, त्याग तप, जप स्वाध्याय आदि का विशेष जोश दिखाई पड़ रहा है । सभी लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार त्याग मय और अध्यात्म मय जीवन जीने का सलक्ष्य लगे हुए है और तपस्या, जप तप त्याग भाव से गुरुदेव तुलसी को अपनी सच्ची श्रद्धांजलि और भावांजलि दे रहे है ।
प्रेक्षा ध्यान शिविर को सफल बनाने में किशन जी बेद, भंवर लाल सेठिया, अरिहंत नाहटा , मनीष बाफना, राजू पारख और भी काफी लोग अपनी पूरी टीम के साथ लगे हुए है ।

जय जय प्रयागराज 🙏 pic.twitter.com/47uNRNfxKP
— Mohan Thanvi / खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 (@Mohanthanvi) February 23, 2025




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