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जवानों ने घर में घुसकर आतंकवादी को मारा !
हेलीबोर्न ऑपरेशन से पहले ड्रोन से दुश्मनों की निगरानी की।

जवानों ने घर में घुसकर आतंकवादी को मारा !
हेलीबोर्न ऑपरेशन से पहले ड्रोन से दुश्मनों की निगरानी की। हालांकि ये हकीकत में नहीं था। ये पूरा घटनाक्रम काल्पनिक था। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना के साथ मिश्र की सेना युद्धाभ्यास कर रही है।
कंचन केसरी
बीकानेर
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में और सेना के हेलिकॉप्टर एक जगह खड़े नजर आए। हेलिकॉप्टर से एक-एक जवान उतरा और मकान पर धवा बोल दिया। जवानों को शक था कि मकान में कोई आतंकी छुपा हुआ है। जवान
घर के अंदर घुसते हैं और गोलियों से दुश्मन को मौत के घाट उतार देते हैं। हेलीबोर्न ऑपरेशन से पहले ड्रोन से दुश्मनों की निगरानी की। हालांकि ये हकीकत में नहीं था। ये पूरा घटनाक्रम काल्पनिक था। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना के साथ मिश्र की सेना युद्धाभ्यास कर रही है। दोनों सेना मिलकर शहरी क्षेत्रों में आतंकियों से निपटने के लिए बनने वाली योजना पर काम कर रही है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने बताया भारत और मिश्र के बीच 14 दिन का युद्धाभ्यास चल रहा है, जो 23 फरवरी तक अनवरत चलेगा। इसके तहत अगले 48 घंटे तक
लगातार अभ्यास होगा। इस दौरान सेना के जवान अपनी सेना की उत्कृष्टता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और युद्ध में तत्परता का प्रदर्शन करेंगे। 48 घंटे का वेलीडेशन फेज शुक्रवार को शुरू हो गया, जो रविवार सुबह तक चलेगा। किसी युद्ध और ऑपरेशन के अंतिम चरण में किस तरह से काम किया जाता है ये इसी 48 घंटे में जवानों को सिखाया जाएगा। इस दौरान आला अधिकारी तकनीक रूप से क्षेत्र का अवलोकन करने के बाद सैन्य टुकड़ियों को निर्देश दे रहे हैं कि किस तरह से दुश्मन को घेरना है और कब हमला बोलना है। कम से कम नुकसान में ज्यादा से ज्यादा दुश्मन को निपटाने की योजना
बनाने से पहले ड्रोन को भेजा जा रहा है। ड्रोन जहां पहुंच रहा है, उसे सेना के आला अधिकारी देख रहे हैं। इसी मौका मुआयना के बाद दुश्मन पर आक्रमण किया जा रहा है। इस फेज के दौरान दोनों देशों के अलग-अलग दल बनाए जाएंगे। ये दोनों दल एंटी टेरेरिस्ट अभियान चलाएंगे। इस दौरान दोनों दल अपनी क्षमता से ज्यादा बेहतर काम करते हुए दुश्मन के ठिकानों पर हमला करेंगे। इस दौरान मॉडर्न हथियारों के साथ ही मॉडर्न तकनीक का भी उपयोग होगा। पिछले दिनों में युद्धाभ्यास में जो कुछ भी सीखा है, उसे काल्पनिक खतरों से निपटने में उपयोग किया जाएगा।
कंचन केसरी जयपुर







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