खबरों में बीकानेर
औरों से हटकर सबसे मिलकर
👇
🙏
✍️
कुलपति निलंबित, राज्यपाल ने दिए आदेश
गहलोत सरकार की फजीहत करवाने वाले एमएलएसयू कुलपति अमेरिका सिंह निलंबित, सरकार की अनुशंसा पर राज्यपाल ने दिए आदेश
जयपुर। लंबे इंतजार के बाद आखिर मोहनलाल
सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह को राज्यपाल कलराज मिश्र ने निलंबित कर दिया है। प्रो. अमेरिका सिंह पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज लगाकर कुलपति का पद हासिल किया था। सीकर के निजी विश्वविद्यालय गुरुकुल यूनिवर्सिटी की फर्जी रिपोर्ट तैयार करके अमेरिका सिंह ने राज्य सरकार की फजीहत कराई थी। इसके बाद ये
दोनों मामले राजस्थान विधानसभा में गूंजे। सरकार ने संभागीय आयुक्त और जिला कलेटर के नेतृत्व में दो अलग- अलग जांच कमेटी का गठन किया।
जांच में दोषी पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने प्रोफेसर अमेरिका सिंह को कितना कार्रवाई करने के लिए राज्यपाल को अनुशंसा भेजी थी। शुक्रवार 15 जुलाई को राज्यपाल कलराज मिश्र ने अमेरिका सिंह को मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय उदयपुर के कुलपति पद से निलंबित कर दिया।
फरवरी में राजस्थान विधानसभा में गूंजा था
अमेरिका सिंह का मामला
फरवरी 2022 में चले विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक निजी विश्वविद्यालय की स्थापना का बिल पेश होना था। सीकर स्थित गुरुकुल विश्वविद्यालय के संदर्भ में बिल पेश होने से 1 दिन पहले बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। वस्तु स्थिति का पता करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉटर सीपी जोशी सीकर जिला कलेटर को मौके पर भेजकर वास्तविक स्थिति पता करने को कहा। मौके पर जाने के बाद जिला
कलेटर ने कहा कि अमुक स्थान पर ना तो कोई इमारत है और ना ही किसी इमारत के निर्माण का कार्य चल रहा है।पता चला कि जिस
विश्वविद्यालय का मौके पर कोई अस्तित्व ही नहीं है। उसकी फर्जी रिपोर्ट बनकर सरकार तक पहुंच गई। इसे मान्यता देने के लिए राज्य
सरकार बिल पेश करने वाली थी।
फर्जीवाड़े का पता चलने पर विपक्ष ने सरकार को घेर लिया। इससे राज्य सरकार की काफी फजीहत हुई। दो जांच कमेटियां बनी, दोनों ने अमेरिका सिंह को माना दोषी गुरुकुल यूनिवर्सिटी से जुड़े फर्जीवाड़े की जांच के लिए राज्य सरकार ने 2 कमेटियों का गठन किया।
दोनों ही जांच कमेटियों ने प्रोफेसर अमेरिका सिंह को दोषी माना। जांच कमेटियों ने ने रिपोर्ट दी कि प्रोफेसर अमेरिका सिंह ने मिलीभगत करके षड्यंत्र पूर्वक फर्जी रिपोर्ट तैयार की थी। मौके पर कुछ नहीं होने के बावजूद भी प्रोफेसर अमेरिका सिंह के नेतृत्व में बनी समिति ने भव्य इमारत होने, 50 से ज्यादा लासरूम और बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल सहित तमाम सुविधाएं उपलध होने की फर्जी रिपोर्ट तैयार करके सरकार को भेजी थी।
जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद सरकार में
अमेरिका सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए
राज्यपाल को पत्र लिखा। 4 महीने बाद अब
राज्यपाल ने अमेरिका सिंह के खिलाफ कार्यवाही की है।
फर्जी दस्तावेजों से कुलपति का पद हासिल
करने का आरोप
अमेरिका सिंह पर आरोप है कि मोहनलाल
सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के कुलपति चयन के
दौरान उनके द्वारा किसी भी विश्वविद्यालय के
प्रमाणिक दस्तावेज पेश नहीं किए हैं। इंस्टीट्यूट
ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेनोलॉजी संस्थान सीतापुर रोड़ लखनऊ द्वारा सादे कागज पर अमेरिका सिंह के बारे में लिखकर दिया है। इस कागज पर ना तो कोई लोगो है और ना ही किसी अधिकृत पदाधिकारी की दस्तखत और मोहर है।





यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...