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चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पारितोषिक वितरण
अस्मत अमीन हाऊस में झंडारोहण और चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पारितोषिक वितरण
बीकानेर। भारत में गणतंत्र की परंपरा आज विश्व में मिसाल के तौर पर ग्रहण की जाती है, इस गौरव को प्राप्त करने के लिए देश को बेशुमार कुर्बानियां देनी पड़ी है। आज प्रत्येक भारतीय आत्म सम्मान के साथ जी रहा है तो इसके पीछे शहीदों का बलिदान है। यह कहना था प्रमुख समाज सेवी और चार्टर्ड अकाउंटेंट सुधीश शर्मा का जो अस्मत अमीन हाऊस में गणतंत्र दिवस पर आयोजित झंडारोहण कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रूप में विचार व्यक्त कर रहे थे।
स्वागत करते हुए अस्मत अमीन फाउंडेशन के अघ्यक्ष इमरोज नदीम ने संस्था के उद्देश्यों और आगामी कार्यो की जानकारी दी । सचिव अरमान नदीम ने प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा की अठारह साल तक के विद्यार्थियों ने उत्साह के
साथ भाग लिया । विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए साहित्यकार इसरार हसन कादरी ने आयोजन की महत्ता स्वीकार करते हुए कहा कि युवाओं को साहित्य और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना वर्तमान समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्ष साहित्यकार मोनिका गौड़ ने कहा कि निजी स्तर पर बहुउद्देश्यीय कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को परंपरा और मूल्यों से जोड़ने की कवायद अनुकरणीय है। मोनिका गौड़ ने कहा कि अगर किशोरावस्था से ही बच्चे साहित्यिक परंपरा से जुड़ जाते हैं तो सही गलत का फैसला करने में सक्षम हो जाते हैं । मोनिका गौड़ ने बच्चों की रचनात्मक अभिव्यक्ति की भूरि-भूरि प्रशंसा की। विशिष्ट अतिथि सरदार दर्शनसिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर ऐसे कार्यक्रम घर-घर आयोजित होने चाहिए जिससे नई चेतना का उदय होता है।
सहसंयोजक अनिल सुथार ने बताया कि चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार संजना राठौड़ को ग्यारह सौ रुपये, प्रमाण पत्र एवं साहित्य प्रदान किया गया तथा द्वितीय पुरस्कार मुस्कान मालू एवं तृतीय पुरस्कार हर्षिता प्रजापत को नगद राशि एवं प्रमाण पत्र तथा साहित्य प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त अंजली राठौड़, घनिष्ठा, सुमन गोदारा, भुवनेश देवड़ा, कौशल्या, तान्या कौशिक, लावण्या, वंश सोनी, तनिष्का, कुनिका कौशिक, सूर्यप्रकाश स्वामी, नंदिता सिंह रघुवंशी, कांता गोदारा, तस्कीन गौरी एवं अफशीन को सांत्वना पुरस्कार के रूप में सौ रुपये नगद, साहित्य एवं सम्मान पत्र भेंट किया गया।
कार्यक्रम संयोजक अब्दुल रऊफ राठौड़ ने कहा की कार्यक्रम कोविड गाइडलाइन की पूर्ण पालना करते हुए चुनौतिपूर्ण समय मे आयोजित किया गया ताकि युवा वर्ग से सार्थक और रचनात्मक संवाद हो सके। आभार मुफ्ती सद्दाम हुसैन कासमी ने व्यक्त किया तथा कार्यक्रम का संचालन अब्दुल रऊफ राठौड़ ने किया ।
कार्यक्रम में तस्नीम बानों, मीतू ढल्ला, साहित्यकार संजय जनागल, दीपक शर्मा, इन्द्रजीत कौशिक, मकसूद हसन कादरी, शहाना कादरी, फुरकान, वेदप्रकाश ढल्ला, अशोक कुमार राठौड़, भोजराज प्रजापत, हर्षिता प्रजापत, समीरा परवीन, सोनू बीलवान, पृथ्वी सिंह, सनोबर फातिमा, घनिष्ठा बीलवान, यश राठौड़, रियाज अहमद, अब्दुल मुगनी गौरी, शिव देवड़ा, भुवनेश देवड़ा, गुरलीन कौर, अनिल सुथार, जय सुथार आदि की गरिमामय उपस्थिति रही।
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