खेल डेस्क। टोक्यो ओलंपिक में बजरंग पूनिया ने ब्रॉन्ज मेडल जीता है। उन्होंने तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में कजाकिस्तान के दौलत नियाजबेकोव को 8-0 से हराया। बजरंग का जन्म हरियाणा के झज्जर जिले के खुदन गांव में हुआ था। उनके पिता बलवान सिंह भी पहलवान हैं। बेटे को ओलंपिक भेजने का सपना देखने वाले बलवान सिंह ने बजरंग को 7 साल की उम्र में ही अखाड़े में कुश्ती के दांव-पेंच सीखने के लिए भेजना शुरू कर दिया। बजरंग की जीत के बाद उनके पिता ने कहा कि मैं खुशी बयान नहीं कर सकता। मेरे बेटे ने मेरा सपना पूरा कर दिया।
आपको बता दें कि बजरंग पूनिया ने सोनीपत में मौजूद स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के रीजनल सेंटर से ट्रेनिंग की है। उनका परिवार भी सोनीपत में रहता है। इसी साल मार्च में रोम में हुई माटेओ पेलिकोन रैंकिंग सीरीज में गोल्ड जीतकर बजरंग पूनिया ने यह जता दिया कि वे ओलिंपिक के लिए तैयार हैं। बजरंग वर्ल्ड अंडर-23 चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, एशियन चैंपियनशिप और वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीत चुके हैं। उन्हें पद्मश्री, अर्जुन पुरस्कार और खेल रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।







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