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चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने की योग गुरु के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की माँग
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रामदेव की कोराना की दवा यहां बिकती दिखाई दी तो बाबा जेल में होगा
जयपुर । राजस्थान के चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री रघु
शर्मा ने बुधवार को बाबा रामदेव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की
मांग की। उन्होंने कहा कि महामारी से लडऩे का काम हम भारत सरकार
के साथ मिलकर कर रहे हैं। पूरा देश इस महामारी से लड़ रहा है। ऐसे
में इस तरह के प्रयोग अपराध की श्रेणी में आते हैं। इन लोगों को अपराध
के दायरे में शामिल करते हुए, इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी
चाहिए। शर्मा ने कहा कि अगर राजस्थान में कहीं यह दवाई बिकती
नजर आई तो उसी दिन बाबा रामदेव जेल में होगा।
मंत्री शर्मा ने कहा- दवा के मामले में मुझसे कोई स्वीकृति नहीं ली गई बाबा रामदेव द्वारा कोरोना की दवा बनाने के मामले पर मंत्री शर्मा
ने कहा कि मुझसे से कोई स्वीकृति नहीं ली गई। अभी आयुष मंत्रालय
ने 21 अप्रैल 2020 को गजट नोटिफिकेशन के जरिए एक अधिसूचना
जारी की है। ड्रग और कॉस्मेटिक एट के तहत उन्होंने 9 पॉइंट दिए हैं।
कोई भी अगर लीनिकल ट्रायल करना चाहता है तो उसे एडवाजरी
कमेटी के मुताबिक या आईसीएमआर की गाइडलाइन को फॉलो करते
हुए करना चाहिए। इसमें कई पॉइंट्स जारी किए गए हैं। मुझे नहीं लगता
कि किसी स्वीकृति के बाद ये क्लीनिकल ट्रायल हुआ है। न भारत
सरकार और न ही राज्य सरकार। जो पूरी तरह से गैरकानूनी है। ये कोई
मार्केटिंग करने का टाइम नहीं है।
शर्मा ने पूछा- कोई मर गया तो कौन जिमेदार होगा?
मंत्री शर्मा ने कहा, ''जिस महामारी से दुनियाभर में लोग प्रभावित
हैं। इलाज नहीं ढूंढ पा रहे हैं। डब्ल्यूएचओ के पास भी वैक्सीन नहीं है।
आईसीएमआर के पास कोई दवा नहीं है। ऐसे में बिना सरकार की
परमिशन और बिना प्रोटोकॉल को फॉलो किए कोई भी लीनिकल
ट्रायल करता है। फिर उस दवा को जारी कर रहे हो, ये अपराध है। भारत
सरकार को इन अपराधियों को इसकी सजा देनी चाहिए। मजाक बना
दिया है। कल अगर कोई मर गया, कौन जिमेदार होगा, जहां तक निस
(जयपुर) का सवाल है, हमने इंस्टीट्यूश्नल क्वारैंटाइन के लिए कुछ
दिन लोगों को रखा था। जिनका पता नहीं था कि वो पॉजिटिव हैं या
नहीं, उनका क्लिनिकल ट्रायल कहां से हो गया। वहां व्यवस्थाएं ठीक
नहीं थी, इसलिए दूसरी जगह शिट कर दिया। हमारे लोग रुटीन में 7
दिन में ठीक हो जाते हैं। ये कहना किदवा से लोग 7 दिन में ठीक हो
जाएंगे, ये सिर्फ मार्केटिंग का काम है। इस तरह के प्रयोग अपराध की
श्रेणी में आते हैं।
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(हिस) युगपक्ष
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