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विद्यार्थियों का समग्र विकास व चरित्र निर्माण मानवीय मूल्यों की शिक्षा बिना अधूरा - प्रो. डी.पी. सिंह
बीकानेर, 05 जून। बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा “उच्च शिक्षा में मानवीय मूल्यों का समावेश” विषयक एक सप्ताह की ऑनलाइन कार्यशाला का विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नईदिल्ली के अध्यक्ष प्रो. डी. पी. सिंह के मुख्य आतिथ्य में हुआ समापन
बिना सुगंध गुलाब का कोई महत्त्व व मौलिकता नहीं है उसी तरह कोई व्यक्ति कितना ही बड़ा प्रसाशक हो, राजनेता हो, डॉक्टर हो या इंजिनियर हो बिना मानवीय मूल्यों के समावेश के समाज व राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका अदा नहीं कर सकता। विद्यार्थियों का समग्र विकास व चरित्र निर्माण मानवीय मूल्यों की शिक्षा बिना अधुरा है। ये विचार विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रो. डी. पी. सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन माध्यम से आयोजित एक सप्ताह की “उच्च शिक्षा में मानवीय मूल्यों का समावेश” विषयक कार्यशाला के समापन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा जगत् की समस्याओं ने समाज के हर वर्ग को न्यूनाधिक रूप से प्रभावित किया है। व्यावसायिक विषयों के साथ साथ मानवीय मूल्यों की शिक्षा की प्रासंगिता बढ़ जाती है जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा से जोड़ना है। प्रो. सिंह ने पंडित मदन मोहन मालवीय, महात्मा गाँधी व विवेकानंद के उदाहरण देते हुए बताया की अन्तर्निहित शक्तियों का विकास ही शिक्षा का मूल है। मानवीय मूल्य हमारे व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन दोनों को सकारात्मक दिशा देने में मदद करते हैं। हमारे चरित्र और समग्र व्यक्तित्व को हमारे जीवन के शुरुआती वर्षों के दौरान हम जिस तरह के मूल्यों से प्रेरित करते हैं, उससे काफी हद तक निर्धारित होता है। वर्तमान में अन्तरराष्ट्रीय परिवेश में तीव्र प्रतिस्पर्दा है। अतः एक प्रशासनिक के लिए यह आवश्यक है कि वह उत्कृष्ट एवं व्यापक प्रबंध कौशल के साथ साथ मानवीय मूल्यों की शिक्षा प्राप्त कर समग्र व्यक्तित्व का निर्माण करे ।
अपने उद्बोधन के अंत में उन्होंने बताया की यूजीसी द्वारा विद्यार्थियों के लिए चलाये जा रहे “जीवन कौशल” इंडक्शन कार्यक्रम तथा “गुरु दक्षता” फैकल्टी इंडक्शन कार्यक्रम में भी मानवीय मूल्यों को समाहित किया गया है।
समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए बीटीयु के कुलपति प्रो. एच. डी. चारण ने कहा कि मानवीय मूल्य हमारे व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन दोनों को सकारात्मक दिशा देने में मदद करते हैं। मानवीय मूल्यों में ईमानदारी, समर्पण, प्रतिबद्धता, आशावाद, शिष्टाचार, धैर्य, करुणा, क्षमा, सहयोग, एकता, आत्म नियंत्रण, सम्मान, प्रेम और देखभाल शामिल हैं। ये सभी मूल्य एक मजबूत चरित्र का निर्माण करते हैं।
समारोह के अंत में अतिथियों, विशषज्ञों तथा प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन बीटीयु के अकादमिक निदेशक डॉ. यदुनाथ सिंह ने किया।
संचालन डॉ. सरोज लखावत ने किया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ अलका स्वामी ने बताया कि इस वर्कशॉप में राजस्थान के लगभग 800 विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक इत्यादि ने लाभार्जन लिया। कार्यशाला को राष्ट्रीय स्तर के मानवीय मूल्यों के शिक्षाविदों ने संबोधित किया। इस अवसर पर बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय तथा एफिलिएटेड महाविद्यालयों के विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित थे।
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