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हजार शब्दों के बराबर होता है एक चित्र-प्रो. सिंह
हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर ‘बदलाव की गाथा गाते चित्र’ पुस्तिका का विमोचन
हजार शब्दों के बराबर होता है एक चित्र - प्रो. सिंह
बीकानेर, 30 मई। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने शनिवार को ‘बदलाव की गाथा गाते चित्र’ पुस्तिका और इसके ई-संस्करण का विमोचन किया। पुस्तिका में प्रो. सिंह के कार्यभार संभालने से लेकर विश्वविद्यालय की अब तक की उपलिब्धयों, नवाचारों, कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार क्षेत्र में किए गए प्रमुख कार्यों के लगभग 150 चित्र संकलित किए गए हैं।
इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि एक चित्र हजार शब्दों के बराबर होता है। इन्हें समझना अधिक आसान होता है। पुस्तिका में अब तक के कार्यों के चित्रों का संकलन कर इसे संग्रहणीय बनाया गया है। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर यह पहल सराहनीय है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय सदैव कृषि एवं कृषक कल्याण के प्रति संकल्पबद्ध रहा है। पिछले नौ महीनों में विश्वविद्यालय के एक्रीडेशन, कृषि विज्ञान केन्द्रों के कार्यों की पंचवर्षीय समीक्षा, प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्र पर समन्वित खेती इकाई प्रणाली स्थापित करने, विश्वविद्यालय को सोलर हब के रूप में विकसित करने, रूफ टाॅप वाटर हार्वेस्टिंग, कृषि संग्रहालय प्रारम्भ करने सहित अनेक नवाचार किए गए हैं।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा गत समय में कृषि शोध, शिक्षा एवं प्रसार क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। लाॅकडाउन के दौरान भी यह गतिविधियां अनवरत जारी हैं। विद्यार्थियों के लिए ई-लर्निंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसानों से भी डिजिटल प्लेटफाॅर्म के माध्यम से संवाद स्थापित किया गया है। इसके लिए प्रत्येक यूनिट के कार्मिकों को प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा आगामी समय में किए जाने वाले कार्यों का रोडमैप तैयार किया गया है। सामूहिक प्रयासों में इस दिशा में अच्छे परिणाम हासिल किए जा सकंेगे।
इस अवसर पर पुस्तिका के संपादक तथा सहायक निदेशक (जनसंपर्क) हरि शंकर आचार्य एवं सहायक आचार्य डाॅ. नरेन्द्र पारीक मौजूद रहे।
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