✒️खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
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खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
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साभार दैनिक युगपक्ष
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खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
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बीकानेर। ऊर्जा ,जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री और जिला कलेक्टर ने महाशिवरात्रि
पर्व पर स्थानीय रंगोलाई महादेव मंदिर में अभिषेक किया और जिले और प्रदेश सहित देश में
अमन चैन के लिए भगवान शिव से प्रार्थना की। ऊर्जा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने अभिषेक से
पहले भगवान महादेव सहित पार्वती, गणेश और कार्तिकेय के चित्र को कुमकुम ,केसर से
सजावट की । इसके बाद जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम और ऊर्जा मंत्री ने पंचामृत से
शिव का अभिषेक किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन
किए और ऊर्जा मंत्री और जिला कलक्टर के साथ मिलकर अभिषेक में भाग लिया।
बीकानेर। महाशिवरात्रि का महापर्व
धर्मनगरी में धार्मिक उल्लास के साथ मनाया
गया। इस मौके पर शहरभर के शिवालयों में
उपासना, अभिषेक की धूम रही। जगह-जगह
शिव मंदिरों में हर-हर महादेव की गूंज सुनाई देती
रही । दिनभर मेले जैसा माहौल रहा। मंदिरों में
श्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना के लिये होड़ सी
मची हुई थी। शिवालयों में सुबह पहले प्रहर
की महाआरती में भक्तों की जबरदस्त भीड़
रही। जग के पालनहार महादेव को रिझाने के
लिये फूलों का शृंगार कर अनुष्ठान किए गये।
श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का दूध, गन्ने का
रस, घी, शहद और अन्य सामग्री से अभिषेक
किया। महाशिवरात्री पर से श्रद्धा से सरोबार
श्रद्धालू भोले बाबा का सहस्त्रधारा, पंचामृत
आदि से अभिषेक कर रिझाने में जुटे रहै।
शिवालयों में महादेव का फलों, मेवों और फूलों
से विशेष श्रृंगार कर शिव स्त्रोत, शिव महि न,
शिव पंचाक्षर आदि के सामूहिक पाठ किये ।
इस मौके पर शिवबाड़ी के लालेश्वर महादेव
मंदिर, शिवबाड़ी, मानेश्वर महादेव, गोपेश्वर
महादेव, कसौटीनाथ महादेव, मार्कडेश्वर
महादेव, रत्नेश्वर, ब्रह्मसागर महादेव, भूतेश्वर,
बारह महादेव मंदिर, अचलेश्वर, ओमकारेश्वर
महादेव, सोमेश्वर महादेव सहित शहर के सभी
शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि महोत्सव की धूम
रही। भक्तों ने इस बार ब्रह्मसागर महादेव
बीकानेरी साफे से श्रृंगार कर किया । सायं
शिव मंदिरों में विशेष पूजन, महाअभिषेक और
जागरण आदि के आयोजन हुए। महाशिवरात्रि
के अवसर पर लालेश्वर महादेव मंदिर,
शिवबाड़ी में स्वामी संवित सोमगिरि महाराज के
सान्निध्य में सुबह 6.30 बजे नित्य आरती, व्रत
संकल्प ग्रहण, शिवपूजन, रात्रि में चार्तुयाम
पूजन किया गया ।
ममलेश्वर महादेव में बही श्रद्धा की सरिता
मुरलीधर व्यास कॉलोनी में अग्निशमन केन्द्र के पास स्थित ममलेश्वर महादेव मंदिर
में शुक्रवार को महाशिवरात्रि महोत्सव
धूमधाम से मनाया गया। पुजारी लालजी के
सान्निध्य में मंदिर की रंगीन-रोशनी, गु बारों
आदि से मनोहर सजावट की गई। सुबह से
मंदिर में भ तों का दर्शन के लिए तांता लगा
रहा। 'हर-हर महादेवÓ उद्घोष के साथ
भ तों ने दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं
मांगी। मंदिर में श्रद्धा की सरिता बहती दिखाई
दी।
महाशिवरात्रि पर हुसंगसर के मस्कीन फार्म हाऊस परिसर में ग्रामीण क्षेत्रीय योग
प्रशिक्षण शिविर एवं कौशल विकास केन्द्र का
उद्घाटन प्रदीप कुमार चौधरी ने किया। इस
अवसर पर वृक्षारोपण भी किया गया।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विवि में
ध्वजारोहण, प्रवचन
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के
क्षेत्रीय केन्द्र सार्दुल गंज में शुक्रवार महाशिवरात्रि
को त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव के तहत ध्वजा
रोहण व प्रवचन हुए। जैन कॉलेज की पूर्व प्राचार्या
डॉ.शु ला बाला पुरोहित सहित गणमान्य लोगों ने
हिस्सा लिया। केन्द्र की प्रभारी बी.के.कमल ने
शिवरात्रि के आध्यात्मिक महोत्सव को उजागर
करते हुए कहा कि महाशिवरात्रि सहित प्रचलित
पुनित पर्वों का आध्यात्मिकता से आलोकित एवं
अनुपम गठबंधन है। दुखहर्ता सुखकर्ता शिव को
अपने में व्याप्त बुराइयों, विकारों को समर्पित करें
तथा सत्यम, शिव -सुन्दरम् के ध्येय वा य के
अनुसार अपने को पवित्र,निर्मल बनावें। बीकानेर से 23 किमी दूर सालासर गांव में प्राचीन सालासर भूतनाथ महादेव का विशेष श्रृंगार
कर महाआरती की गई। मु य यजमान पूनमचंद
बोहरा, ताऊ महाराज, लीलाधर बोहरा, उदय
व्यास,अशोक बोहरा, ज्ञानप्रकाश आदि शामिल
हुए।
चित्र की नहीं चरित्र की पूजा करे . ____आचार्य केसर मल शास्त्री
आज गंगाशहर रोड स्थित आर्य समाज मन्दिर मे शिवरात्रि ऋषि बोधोत्सव के रुप मे मनाते हुवे मुख्यअतिथि आचार्य श्री केसरमल शास्त्री ने कहा कि चित्र/मूर्ति की नही चरित्र की पूजा करनी चाहिये । शिव, शंकर और महादेव की विवेचना करते हुवे आचार्य ने कहा कि शिव शब्द शिवू कल्याणे धातु से बना हे अत: कल्याण स्वरुप और कल्याण करने वाला होने से "शिव"परमेश्वर का नाम हें । शंकर इसी का पर्याय शब्द हे ।
"यो महता देव: स महादेव" जो महान देवो का देव अर्थात विद्वानो का भी विद्वान,सूर्यादि पदार्थो का प्रकाशक होने से परमेश्वर का नाम "महादेव" हे ।परमात्मा निराकार हें ।
यजुर्वेद का मंत्र 32/3
"न तस्य प्रतिमास्ति यस्य नाम महध्य्श:"अर्थात महान यश वाले परमात्मा की कोई प्रतिमा, मूर्ति और उसकी बराबरी की कोई वस्तु नही हे जिससे उसकी तुलना की जा सके ।
वह अनुपम हे। किसी उपमा के द्वारा भी उसे व्यक्त नही किया जा सकता ।
श्री धर्मवीर ने कहा कि महऋषि दयानंद को आज ही के दिन बोध हुवा था कि मूर्ति परमात्मा नही हो सकती क्योकि परमात्मा तो निराकार हे ।
डा मनोज गुप्ता ने कहा कि स्वामी जी मनुष्यता को सही रुप से परिभाषित करते हुवे "मनुर्भव" का संदेश दिया।
सुश्री सूबोधबाला ने कहा कि उन्नीसवी सदी मे जब अन्धविश्वास, पाखंड, छुवाछूत, नारी व दलितो पर आत्यचार हो रहे थे उस समय महऋषि दयानंद ने नव जागरण
का कार्य किया ।
प्रधान महेध आर्य ने कहा कि कांग्रेस की स्थापना से भी पूर्व 1875 मे आर्यसमाज की स्थापना स्वामी जी ने कर समाजिक,धार्मिक,सांस्कृतिक जागरण व स्वंतंत्रता की क्रांति का सूत्रपात किया ।
डा संजय गर्ग ने महऋषि के व्यक्तित्व व कृतित्व पर भजन के माध्यम से प्रकाश डाला । श्री नवलारामजी,(गजनेर), श्री नर्सिंघ जी बंगला जी, अमिता जी आदि ने भी अपने विचार रखे ।
कार्यक्रम की शुरुआत यज्ञ से हूई ।जिसमे श्रधालुवो ने वेदमंत्रौ से आहुतियां दी तथा श्रीमती रुपदेवी,उषा देवी, कंचन देवी,सुनीता देवी आदि ने
दयानंद सा ऋषिवर सागर
धन्य हो गई वसुंधरा ,,,,,,,,मधुर स्वर से गाकर श्रोताओ की वाहि वाहि बटॉरी ।
कार्यक्रम का समापन वेदिक घोष पश्चात अल्पाहार से हुवा ।कार्यक्रम का सञ्चालन मंत्री भगवती प्रसाद सोनी ने किया ।
र-
चित्र की नहीं चरित्र की पूजा करे . ____आचार्य केसर मल शास्त्री
आज गंगाशहर रोड स्थित आर्य समाज मन्दिर मे शिवरात्रि ऋषि बोधोत्सव के रुप मे मनाते हुवे मुख्यअतिथि आचार्य श्री केसरमल शास्त्री ने कहा कि चित्र/मूर्ति की नही चरित्र की पूजा करनी चाहिये । शिव, शंकर और महादेव की विवेचना करते हुवे आचार्य ने कहा कि शिव शब्द शिवू कल्याणे धातु से बना हे अत: कल्याण स्वरुप और कल्याण करने वाला होने से "शिव"परमेश्वर का नाम हें । शंकर इसी का पर्याय शब्द हे ।
"यो महता देव: स महादेव" जो महान देवो का देव अर्थात विद्वानो का भी विद्वान,सूर्यादि पदार्थो का प्रकाशक होने से परमेश्वर का नाम "महादेव" हे ।परमात्मा निराकार हें ।
यजुर्वेद का मंत्र 32/3
"न तस्य प्रतिमास्ति यस्य नाम महध्य्श:"अर्थात महान यश वाले परमात्मा की कोई प्रतिमा, मूर्ति और उसकी बराबरी की कोई वस्तु नही हे जिससे उसकी तुलना की जा सके ।
वह अनुपम हे। किसी उपमा के द्वारा भी उसे व्यक्त नही किया जा सकता ।
श्री धर्मवीर ने कहा कि महऋषि दयानंद को आज ही के दिन बोध हुवा था कि मूर्ति परमात्मा नही हो सकती क्योकि परमात्मा तो निराकार हे ।
डा मनोज गुप्ता ने कहा कि स्वामी जी मनुष्यता को सही रुप से परिभाषित करते हुवे "मनुर्भव" का संदेश दिया।
सुश्री सूबोधबाला ने कहा कि उन्नीसवी सदी मे जब अन्धविश्वास, पाखंड, छुवाछूत, नारी व दलितो पर आत्यचार हो रहे थे उस समय महऋषि दयानंद ने नव जागरण
का कार्य किया ।
प्रधान महेध आर्य ने कहा कि कांग्रेस की स्थापना से भी पूर्व 1875 मे आर्यसमाज की स्थापना स्वामी जी ने कर समाजिक,धार्मिक,सांस्कृतिक जागरण व स्वंतंत्रता की क्रांति का सूत्रपात किया ।
डा संजय गर्ग ने महऋषि के व्यक्तित्व व कृतित्व पर भजन के माध्यम से प्रकाश डाला । श्री नवलारामजी,(गजनेर), श्री नर्सिंघ जी बंगला जी, अमिता जी आदि ने भी अपने विचार रखे ।
कार्यक्रम की शुरुआत यज्ञ से हूई ।जिसमे श्रधालुवो ने वेदमंत्रौ से आहुतियां दी तथा श्रीमती रुपदेवी,उषा देवी, कंचन देवी,सुनीता देवी आदि ने
दयानंद सा ऋषिवर सागर
धन्य हो गई वसुंधरा ,,,,,,,,मधुर स्वर से गाकर श्रोताओ की वाहि वाहि बटॉरी ।
कार्यक्रम का समापन वेदिक घोष पश्चात अल्पाहार से हुवा ।कार्यक्रम का सञ्चालन मंत्री भगवती प्रसाद सोनी ने किया ।
र-
ााणी व्यासों की बगेची में रतनेश्वर महादेव
मंदिर में शिव कुमार व्यास'भाईया महाराजÓ के
सानिध्य में चार प्रहर की पूजा की गई। इस मौके
पर किसन पुरोहित, दीनदयाल व्यास, बजरंग
स्वामी, मुकुन्दलाल व्यास आदि उपस्थित थे।
महाशिवरात्रि पर गली-गली हुई शिवार्चना
नापासर संवाददाता के अनुसार धर्म
प्रवण कस्बे में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर
शिवार्चना की धूम रही। कस्बे के प्रमुख शिवालयों
में सवेरे से ही शिव भ तों का तांता लगा रहा।
श्रद्धालु नर नारियों ने उपवास रखा और
भ ितभाव से शिव पूजन किया। यहां के संस्कृत
पाठशाला स्थित शिव मंदिर में सामूहिक शिव
पूजन व अभिषेक का विशेष आकर्षण रहता है।
इस वर्ष आयोजन न होने से भ तों में निराशा
रही। उसके स्थान पर हनुमान वाटिका में विद्वान
पंडितों ने सामूहिक शिव पूजन व अभिषेक
कराया। चार प्रहर की पूजा सायं निशीय काल से
प्रारंभ होकर तक चली। आसोपा धर्मशाला में भी
विद्वान पंडित नंदकिशोर ने सामूहिक पूजा कराई।
निर्मल आसोपा ने भ तों में बिल्व पत्र, आक,
पुष्प, धतूरा आदि अर्पित किए। वरिष्ठ पत्रकार
सीताराम तोसनीवाल, श्याम सुन्दर के यहां भी
रमक-झमक पद्धति से शिव पूजन हुआ। जिसमें
परिवार के सदस्य शामिल रहे। मु य बाजार में
पातालेश्वर महादेव शिव मंदिर में पूजन करते हुए
पंडित शिव शास्त्री ने कहा कि शिव ध्यान से
निरन्तर प्रणव, साधना व पंचाक्षर 'ऊं नम:
शिवायÓ का जाप करने वाला भ त शिव योगी
होता है। शिव परिवार की कल्पना शिवलिंग में
रखते हुए अर्चना करने से भ तों को भोग व मोक्ष
अवश्य प्राप्त होता है।
शिवालयों में हुए अभिषेक छ ारगढ़ संवाददाता के अनुसार महाशिवरात्रि के पर्व पर छ-
ारगढ़ मु यालय एवं
ग्रामीण क्षेत्रों के शिव मंदिरों में अभिषेक-पूजन के
दौर दिन भर चले। प्राचीन शिवमेडी में दिन भर
मेले सा माहौल रहा। इस वर्ष भी मालपुआ-भांग
की रबड़ी का प्रसाद चढ़ाकर वितरण किया गया।
रात्रि में विशाल जागरण हुआ। जिसमें गायक
कलाकारों ने भोलेनाथ, मां पार्वती व भगवान
गणेश का गुणगान किया।
महाजन में शिवालयों में गूंजे बम-बम
बोले के जयकारे
महाजन संवाददाता के अनुसार कस्बे
में स्थित शिव मंदिर में महाशिवरात्रि की पूजा
आराधना, श्रद्धा व आस्था के साथ मनाई गई।
मानेश्वर व रामेश्वर शिवालय में सुबह से ही
जलाभिषेक के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़
रही है। शिवालयों में हर हर महादेव, बम बम
भोले के जयकारे गुंजायमान हो रहे हैं।
शिवभक्तों ने भगवान को बिल्वपत्र, आक, धतूरे
आदि का अर्पण किया। मन्दिर पुजारी पन्नालाल
तिवाड़ी ने बताया कि मानेश्वर शिवालय में रात्रि
के समय भगवान शंकर की चार पहर की पूजा
व रुद्राभिषेक का आयोजन रखा गया है। पूजा
व रुद्राभिषेक पंडित श्यामलाल तिवाड़ी के
सान्निध्य में जगदीश देरासरी व धीरज गौड़ द्वारा
किया गया । महाशिवरात्री पर मानेश्वर महादेव
मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया। श्रद्धालु
साल भर भगवान को जलाभिषेक भले ही ना
करे लेकिन महाशिवरात्रि पर हर धार्मिक व्यक्ति
भगवान का अभिषेक अर्पित करता है। रात्रि के
समय रुद्राभिषेक व पूजा के अवसर पर वैध
सोहनलाल शर्मा,राधाकिशन स्वामी, महावीर
प्रसाद गौड़,राहुल पारीक आदि भक्तो के साथ
काफी सं या में भक्त उपस्थित रहे।
साभार दैनिक युगपक्ष
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