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सौ दिन में हुए महत्त्वपूर्ण कार्य, भविष्य में करेंगे नवाचार-प्रो. सिंह
कुलपति ने ली समीक्षा बैठक, बताए अब तक के कार्य, भावी रूपरेखा की दी जानकारी
बीकानेर, 2 दिसम्बर। स्वामी केशवांनद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने पदभार संभालने के सौ दिन पूर्ण होने पर सोमवार को बैठक ली। कुलपति सचिवालय सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि इस अवधि में एक्रीडेशन के लिए आइसीएआर टीम के निरीक्षण और नेशनल सेमिनार जैसे आयोजन हुए। भविष्य में विश्वविद्यालय में अनेक नवाचार होंगे, जिनसे किसानों एवं कृषि विद्यार्थियों को लाभ होगा। इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
प्रो. सिंह ने बताया कि उन्होंने 23 अगस्त को कुलपति का कार्यभार संभाला। इस दौरान एक्रीडेशन एक महत्वपूर्ण चुनौती थी। इसके अभाव में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब यह निरीक्षण हो चुका है। उन्होंने कहा कि इंडियन सोसायटी आॅफ एक्सटेंशन एजुकेशन के सहयोग से विश्वविद्यालय में 14 से 16 नवंबर तक नेशनल सेमिनार आयोजित हुआ।
रैंकिंग सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की रैंकिंग में सुधार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में उच्चस्तरीय संस्थानों के साथ एमओयू करने, विश्वविद्यालय के भवनों को रैन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर से जोड़ने, विश्वविद्यालय में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने, वेस्ट डी-कम्पोस्ट इकाई स्थापित करने जैसे कार्य किए जाएंगे। जैविक खेती को प्रोत्साहित करने, काॅरपोरेट सोशल रिसपोसंबलिटी (सीएसआर) के तहत क्षेत्र की बड़ी कंपनियों को ग्रामीण विकास के तहत भागीदारी के तहत प्रेरित करने, गुणवत्तायुक्त बीजों की नई किस्में इजाद करने, कृषि विद्यार्थियों को स्वावलम्बी बनाने की दिशा में पहल, मरुस्थलीय क्षेत्र की विभिन्न एजेंसियों को संगठित करते हुए कृषक हित में कार्य करने जैसे कार्य किए जाएंगे।
विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं
कुलपति प्रो. सिंह विश्वविद्यालय ‘क्वालिटी एजुकेशन’ से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। विद्यार्थियों को शिक्षा के अधिकतम अवसर मिले, इसे ध्यान रखते हुए महाविद्यालयों में अतिरिक्त कक्षाएं लगाने, कौशल प्रबंध एवं व्यक्तित्व निर्माण से संबंधित मार्गदर्शन देने, कॅरियर निर्माण गाइडेंस के साथ रोजगार के अधिकतम अवसर उपलब्ध करवाने के लिए रोजगार मेले और शिविर आयोजित किए जाएंगे। महिला सशक्तीकरण से जुड़े वर्कशाॅप एवं सेमिनार आयोजित करने, बाजरा के मूल्य संवर्धित उत्पादों की मार्केटिंग की संभावनाएं तलाशने तथा इस दिशा में शीघ्र कार्य प्रारम्भ करने को कहा।
एग्री टूरिज्म की संभावनाओं को लेकर मुस्तैद
कुलपति ने कहा कि बीकानेर खासकर विश्वविद्यालय और संबंधित ग्रामीण क्षेत्रों में एग्री टूरिज्म की संभावनाओं के मद्देनजर विश्वविद्यालय एवं नाबार्ड के साझा प्रयासों से इस दिशा में काम किया जाएगा। स्थानीय किसानों को एग्री टूरिज्म के माध्यम से अतिरिक्त आय हो तथा विश्वविद्यालय में राजस्थान का पहला एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित हो, इस दिशा में काम होगा। विश्वविद्यालय परिसर और इसके अधीन समस्त महाविद्यालय एवं कार्यालय साफ एवं स्वच्छ रहें। इसके मद्देनजर प्रत्येक केन्द्र पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
शुरू हुआ संग्रहालय
कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह ने बताया कि पहले सौ दिनों में विश्वविद्यालय परिसर में स्वामी विवेकानंद कृषि संग्रहालय प्रारम्भ करने, विश्वविद्यालयों के कार्मिकों, किसानों और विद्यार्थियों से संवाद करने की परम्परा शुरू करने, समन्वित खेती प्रणाली इकाई में पशुशाला के उद्घाटन तथा विश्वविद्यालय के समस्त कृषि विज्ञान केन्द्रों में ऐसी इकाईयां स्थापित करने जैसी कई शुरुआत की गई हैं। नए कार्मिकों की भर्ती, सेवानिवृत्त कार्मिकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान, पदोन्नतियां आदि का कार्य भी किया जाएगा।
इन बिंदुओं पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान आइसीएआर की क्यूआर टीम के प्रस्तावित विजिट की तैयारियों, राजभवन के आदेशों की अनुपालना, आरटीआई के समयबद्ध जवाब देने, औचक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए जाने कार्मिकों के खिलाफ कार्यवाही करने, शैक्षणिक-प्रसार और अनुसंधान गतिविधियों में और अधिक गति लाने सहित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस दौरान कुलसचिव कपूर शंकर मान सहित डीन-डायरेक्टर एंव अधिकारी मौजूद रहे।
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