twitter, Podcast, YouTube, साहित्य-सभागार के साथ-साथ Facebook, Pinterest, LinkedIn और Instagram पर भी आपकी खबरें Khabron Me Bikaner 🎤
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐
✍️
सरकारी अस्पताल में प्रसूता से ली रिश्वत, जिला कलक्टर की लताड़ पर तुरंत लौटाई राशि
बीकानेर, 03 सितम्बर। गरीब आदमी से पैसे लेते हुए दिल नहीं पसीजता। किसी की मदद करने के बजाए उसकी जेब काटते हुए हाथ नहीं कांपते। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने मंगलवार को श्रीडूंगरगढ़ के सरकारी अस्पताल का निरीक्षण करते हुए यह बात कही। अस्पताल की सहायक कर्मचारी द्वारा रिश्वत लेने का वाकया सामने आने पर जिला कलक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल में कोई व्यक्ति शौक से नहीं मजबूरी में आता है। यहां आए गरीब वंचित मरीज के साथ सहानुभूति रखते हुए इलाज करने के बजाए इस तरह का व्यवहार सभ्यता की निशानी नहीं हैं।
दरअसल जिला कलक्टर जब मंगलवार को श्रीडूंगरगढ़ मुख्यालय स्थित सरकारी अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे, तो इसी दौरान अस्पताल के कोरिडोर में बैठे एक व्यक्ति राकेश से बाचतीत की। उस व्यक्ति ने बताया कि वह कालबेलिया जाति से है तथा गांव से अस्पताल आया है, उसकी पत्नी रेखा अस्पताल में भर्ती है। जिला कलक्टर ने उससे पूछा कि क्या अस्पताल की सुविधाओं से वह संतुष्ट है तो राकेश ने कहा कि अस्पताल में डाक्टर ने उससे एक हजार रूपए लिए हैं। इस पर जिला कलक्टर ने डाक्टर को बुला कर पूछा तो डाॅक्टर ने पैसे लेने से इनकार कर दिया और कहा कि पैसे शायद सहायक कर्मी ने लिए हों। इसके बाद जिला कलक्टर ने सहायक कर्मचारी संतोष को बुलवा कर पैसे लेने की बात पूछी। इस पर सहायक कर्मचारी ने 900 रूपए लेने की बात स्वीकारी। पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि कर्मचारी ने उससे दो हजार रूपए मांगे थे पर जब उसने कहा कि उसके पास तो केवल 1 हजार रूपए ही है तो उसने एक हजार रूपए ले लिए। इसके बाद बहुत निवेदन करने पर सहायक कर्मचारी ने राकेश को सौ रूपए ही वापस किए और 900 रूपए रख लिए। इतना सुनते ही जिला कलक्टर ने कर्मचारी को फटकार लगाते हुए पैसे लौटाने के आदेश दिए। इसके बाद सहायक कर्मचारी ने पैसे लौटा दिए। गौतम ने अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक को भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होने देने की सख्त हिदायत दी।
जिला कलक्टर ने उपखंड अधिकारी कार्यालय व तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने हाईवे पर स्थित विवादास्पद भूमि का निरीक्षण किया। जिस पर वर्तमान में स्टे है। जिला कलक्टर ने कहा कि यह जगह अस्पताल के लिए उपयोगी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों से बातचीत की जाएगी और इस मामले का निस्तारण करके अस्पताल के लिए जमीन का उपयोग करने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान जिला कलक्टर ने आमजन की समस्या सुनी और सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर उप खंड अधिकारी सविना विश्नोई, तहसीलदार सुभाषचंद सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।
----
संवेदनशीलता व गंभीरता से कार्य कर परिणाम दें विकास अधिकारी-गौतम
वर्ष 2007-08 से 2017-15 के कार्यों की जांच के लिए कमेटी गठित
बीकानेर, 03 सितम्बर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने सीमान्त क्षेत्र विकास योजना में हुए कार्यों की अभी तक यू.सी.नहीं दिए जाने को गंभीरता से लिया और पूर्ण हो चुके कार्यों का भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
गौतम ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए बीएडीपी में वर्ष 2007-08 से 2014-15 तक के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं प्राथमिकता के साथ उन का भौतिक निरीक्षण करें और इसकी जांच की जाए कि अब तक यूसी क्यों जारी नहीं की गई। इस संबंध में एक कमेटी गठित कर,जांच के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि यह कमेटी इस अवधि में स्वीकृत हुए कार्यों की स्थिति, जारी राशि के समायोजन आदि की जांच करेंगी। साथ ही यह भी देखा जायेगा कि इस अवधि में स्वीकृत कार्य पूर्ण किए गए या नहीं । योजना के तहत खर्च दिखाई गई राशि का योजना के अनुसार उपयोग हुआ या नहीं इसकी जांच भी करें।
गौतम ने कहा कि विकास अधिकारी पंचायती राज विभाग तथा ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं पर गंभीरता से कार्य करते हुए आमजन को राहत दें। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में नियोजित श्रमिकों संख्या को नाकाफी बताया और निर्देश दिए इस योजना में एक कार्य पर कम से कम चार श्रमिक अनिवार्य रूप से नियोजित किए जाएं। ग्राम सेवक, रोजगार सहायक और पीओ को इसके लिए पाबंद करंे। उन्होंने सभी विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वयं श्रमिकों की संख्या की माॅनिटरिंग करें। ज्यादा से ज्यादा भुगतान आधार पर आधारित हो, इसके लिए आधार लिंकेज के कार्य में तेजी लाएं। मनरेगा के कार्यों में भुगतान समय पर होना चाहिए।
श्रमिक संख्या नहीं बढ़ने पर होगी कार्यवाही-जिला कलक्टर ने कहा कि ग्राम सेवक और रोजगार सहायक के सक्रिय नहीं होने से श्रमिक संख्या नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि ग्राम सेवक और रोजगार सहायकों को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए पाबंद किया जाए। जो कार्मिक योजनाओं की क्रियान्विति पर ध्यान नहीं दे रहें हैं, उनके ख्ेिालाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने विकास अधिकारियों से कहा कि सभी ग्राम पंचायतों के राजीव गांधी सेवा केन्द्र नियमित रूप से खुले और यहां आमजन से जुड़े कार्य समय पर हो,यह सुनिश्चित किया जाए।
जिला कलक्टर ने मनरेगा में श्रमिकों को भुगतान के बारे मंे जानकारी ली और कहा कि जो कार्य स्वीकृत हो चुके हैं,उनके मस्टरोल समय पर भरवाएं जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वीकृत कार्यों के मस्टरोल जारी करने में देरी का कारण पूछा और निर्देश दिए कि अगर समय पर कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता है,तो संबंधित के ख्ेिालाफ कार्यवाही करें। साथ ही जिन कार्यों में विवाद है,उन्हें तुरन्त प्रभाव से बंद किया जाए।
उन्होंने जल शक्ति योजना में शुरू हुए कार्यों का पूरा करने और मनरेगा में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के पात्र परिवारों को न्यूनतम 100 दिन का रोजगार देना सुनिश्चित किया जाए। सभी ग्राम पंचायतों में अनिवार्य रूप से मनरेगा के काम हो। विकास अधिकारी मनरेगा कार्यों को प्राथमिकता पर रख कर करवाएं। उन्होंने बीकानेर पंचायत समिति की 9 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य नहीं चलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर वेज रेट कम आ रही है। ऐसे में नियुक्त जेटीए के विरूद्ध कार्यवाही की जाए, साथ ही जांच करें कि कहीं फर्जी लेबर तो नहीं लगी है।
जिला कलक्टर ने 100 दिवसीय कार्य योजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि चारागाह विकास के सभी कार्य पूर्ण किए जाए। 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत जो भी कार्य बकाया है, वे शीघ्र पूरे किए जाएं। अधिकारी ब्लाॅक से अपनी भावनाएं जोड़ कर कार्य करें, तभी वहां स्थिति सुधरेगी। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जन जाति के लोगों को ज्यादा से ज्यादा नियोजित किया जाए। जिन श्रमिकों ने 80 दिन रोजगार प्राप्त किया है,उन श्रमिकों को रोजगार प्राथमिकता से दिया जाए।
जिला कलक्टर ने कहा कि पीएमएवाई के तहत जो मकान पूर्ण नहीं हो सकें है उन्हें पूर्ण करने के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए। सांसद व विधायक निधि कोष के कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण हो यह सुनिश्चित करें, साथ ही जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं उनकी सीसी जारी करें। पात्र को पेंशन मिले इसके लिए राज्य सरकार गंभीर है। विकास अधिकारी पेंशन सत्यापन के प्रकरणों में प्राथमिकता पर रख कर कार्य करें।
स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने माॅडल टाॅयलेट का कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा कचरा प्रबंधन में स्थानीय निवासियों को जोड़ने के निर्देश दिए। गौतम ने कहा कि पंचायत समितियों के द्वारा मोबाइल टाॅयलट क्रय किए जाएं ताकि मेले व अन्य सार्वजनिक आयोजनों में आवश्यकता पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जाए सके और क्षेत्र को साफ-सथुरा बनाए रखने में मदद मिले। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जो आवास बनाए जा रहे हैं उनमें भी शौचालय बनवाना सुनिश्चित करें।
जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि आमजन स्वच्छता के लिए जागरूक हो, जिले में स्वच्छता का वातावरण बने। गंदगी भगाकर बीकानेर स्वच्छ सुंदर बने, पाॅलीथीन मुक्त बने इसके लिए आमजन को प्रयास करना चाहिए। देश में स्वच्छता को लेकर बीकानेर अग्रगामी बने इसके लिए ैैळ2019 ंचच पदेजंससमक कर एक वोट बीकानेर के लिए जरूर दें और स्वच्छ बीकाणा-सुंदर बीकाणा बनाने संकल्प लें।
जिला कलक्टर ने सम्पर्क पोर्टल पर लम्बित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि पोर्टल पर कई प्रकरण 6 माह से अधिक अवधि से लम्बित हैं, इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नियमित रूप से आयोजित होने वाली जनसुनवाई में जो प्रकरण मौके पर ही निस्तारित किए जाते हैं उन्हें पोर्टल पर इन्द्राज करवाएं। जिला कलक्टर ने कहा कि आम जनता जिन मुद्दों से सीधे तौर पर प्रभावित होती हैं वे कार्य रोजना निपटाएं। बैठक में सीईओ जिला परिषद सहित सभी विकास अधिकारी व अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।
------
नारी चैपाल व वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित
बीकानेर, 3 सितम्बर। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनान्तर्गत गांव बदरासर में महिला अधिकारिता विभाग द्वारा नारी चैपाल व वृक्षारोपण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपनिदेशक महिला अधिकारिता मेघा रतन द्वारा नारी चैपाल में महिलाओं को महिलाओं से संबंधी योजनाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर लिंग चयन रोकथाम, बाल विवाह रोकथाम की जानकारी के साथ-साथ स्वरोजगार व इसके लिए स्वयं सहायता समूह से जुड़कर कुछ प्रशिक्षण प्राप्त करने सम्बंधी योजनाओं की जानकारी दी गई। डाॅ गुरजीत कौर द्वारा माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर चर्चा कर उन्हें माहवारी के दौरान स्वच्छता रखने हेतु प्रेरित किया गया।
नारी चैपाल कार्यक्रम मंे महिला सुरक्षा सलाह केन्द्र समन्वयक श्रीमती मंजू नांगल द्वारा घरेलू हिंसा अधिनियम के बारे में जानकारी दी गई। नारी चैपाल में 50 महिलाएं व किशोरियां उपस्थित थी। प्रचेता विजय लक्ष्मी जोशी द्वारा मंच संचालन किया गया। गांव की साथिन मनीषा कंवर द्वारा आभार प्रकट किया गया। इसके बाद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
दरअसल जिला कलक्टर जब मंगलवार को श्रीडूंगरगढ़ मुख्यालय स्थित सरकारी अस्पताल का निरीक्षण कर रहे थे, तो इसी दौरान अस्पताल के कोरिडोर में बैठे एक व्यक्ति राकेश से बाचतीत की। उस व्यक्ति ने बताया कि वह कालबेलिया जाति से है तथा गांव से अस्पताल आया है, उसकी पत्नी रेखा अस्पताल में भर्ती है। जिला कलक्टर ने उससे पूछा कि क्या अस्पताल की सुविधाओं से वह संतुष्ट है तो राकेश ने कहा कि अस्पताल में डाक्टर ने उससे एक हजार रूपए लिए हैं। इस पर जिला कलक्टर ने डाक्टर को बुला कर पूछा तो डाॅक्टर ने पैसे लेने से इनकार कर दिया और कहा कि पैसे शायद सहायक कर्मी ने लिए हों। इसके बाद जिला कलक्टर ने सहायक कर्मचारी संतोष को बुलवा कर पैसे लेने की बात पूछी। इस पर सहायक कर्मचारी ने 900 रूपए लेने की बात स्वीकारी। पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि कर्मचारी ने उससे दो हजार रूपए मांगे थे पर जब उसने कहा कि उसके पास तो केवल 1 हजार रूपए ही है तो उसने एक हजार रूपए ले लिए। इसके बाद बहुत निवेदन करने पर सहायक कर्मचारी ने राकेश को सौ रूपए ही वापस किए और 900 रूपए रख लिए। इतना सुनते ही जिला कलक्टर ने कर्मचारी को फटकार लगाते हुए पैसे लौटाने के आदेश दिए। इसके बाद सहायक कर्मचारी ने पैसे लौटा दिए। गौतम ने अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक को भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होने देने की सख्त हिदायत दी।
जिला कलक्टर ने उपखंड अधिकारी कार्यालय व तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने हाईवे पर स्थित विवादास्पद भूमि का निरीक्षण किया। जिस पर वर्तमान में स्टे है। जिला कलक्टर ने कहा कि यह जगह अस्पताल के लिए उपयोगी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों से बातचीत की जाएगी और इस मामले का निस्तारण करके अस्पताल के लिए जमीन का उपयोग करने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान जिला कलक्टर ने आमजन की समस्या सुनी और सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर उप खंड अधिकारी सविना विश्नोई, तहसीलदार सुभाषचंद सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।
----
संवेदनशीलता व गंभीरता से कार्य कर परिणाम दें विकास अधिकारी-गौतम
वर्ष 2007-08 से 2017-15 के कार्यों की जांच के लिए कमेटी गठित
बीकानेर, 03 सितम्बर। जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम ने सीमान्त क्षेत्र विकास योजना में हुए कार्यों की अभी तक यू.सी.नहीं दिए जाने को गंभीरता से लिया और पूर्ण हो चुके कार्यों का भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
गौतम ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए बीएडीपी में वर्ष 2007-08 से 2014-15 तक के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं प्राथमिकता के साथ उन का भौतिक निरीक्षण करें और इसकी जांच की जाए कि अब तक यूसी क्यों जारी नहीं की गई। इस संबंध में एक कमेटी गठित कर,जांच के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि यह कमेटी इस अवधि में स्वीकृत हुए कार्यों की स्थिति, जारी राशि के समायोजन आदि की जांच करेंगी। साथ ही यह भी देखा जायेगा कि इस अवधि में स्वीकृत कार्य पूर्ण किए गए या नहीं । योजना के तहत खर्च दिखाई गई राशि का योजना के अनुसार उपयोग हुआ या नहीं इसकी जांच भी करें।
गौतम ने कहा कि विकास अधिकारी पंचायती राज विभाग तथा ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं पर गंभीरता से कार्य करते हुए आमजन को राहत दें। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में नियोजित श्रमिकों संख्या को नाकाफी बताया और निर्देश दिए इस योजना में एक कार्य पर कम से कम चार श्रमिक अनिवार्य रूप से नियोजित किए जाएं। ग्राम सेवक, रोजगार सहायक और पीओ को इसके लिए पाबंद करंे। उन्होंने सभी विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्वयं श्रमिकों की संख्या की माॅनिटरिंग करें। ज्यादा से ज्यादा भुगतान आधार पर आधारित हो, इसके लिए आधार लिंकेज के कार्य में तेजी लाएं। मनरेगा के कार्यों में भुगतान समय पर होना चाहिए।
श्रमिक संख्या नहीं बढ़ने पर होगी कार्यवाही-जिला कलक्टर ने कहा कि ग्राम सेवक और रोजगार सहायक के सक्रिय नहीं होने से श्रमिक संख्या नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि ग्राम सेवक और रोजगार सहायकों को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए पाबंद किया जाए। जो कार्मिक योजनाओं की क्रियान्विति पर ध्यान नहीं दे रहें हैं, उनके ख्ेिालाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाए। उन्होंने विकास अधिकारियों से कहा कि सभी ग्राम पंचायतों के राजीव गांधी सेवा केन्द्र नियमित रूप से खुले और यहां आमजन से जुड़े कार्य समय पर हो,यह सुनिश्चित किया जाए।
जिला कलक्टर ने मनरेगा में श्रमिकों को भुगतान के बारे मंे जानकारी ली और कहा कि जो कार्य स्वीकृत हो चुके हैं,उनके मस्टरोल समय पर भरवाएं जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वीकृत कार्यों के मस्टरोल जारी करने में देरी का कारण पूछा और निर्देश दिए कि अगर समय पर कार्य प्रारंभ नहीं किया जाता है,तो संबंधित के ख्ेिालाफ कार्यवाही करें। साथ ही जिन कार्यों में विवाद है,उन्हें तुरन्त प्रभाव से बंद किया जाए।
उन्होंने जल शक्ति योजना में शुरू हुए कार्यों का पूरा करने और मनरेगा में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के पात्र परिवारों को न्यूनतम 100 दिन का रोजगार देना सुनिश्चित किया जाए। सभी ग्राम पंचायतों में अनिवार्य रूप से मनरेगा के काम हो। विकास अधिकारी मनरेगा कार्यों को प्राथमिकता पर रख कर करवाएं। उन्होंने बीकानेर पंचायत समिति की 9 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य नहीं चलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर वेज रेट कम आ रही है। ऐसे में नियुक्त जेटीए के विरूद्ध कार्यवाही की जाए, साथ ही जांच करें कि कहीं फर्जी लेबर तो नहीं लगी है।
जिला कलक्टर ने 100 दिवसीय कार्य योजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि चारागाह विकास के सभी कार्य पूर्ण किए जाए। 100 दिवसीय कार्ययोजना के तहत जो भी कार्य बकाया है, वे शीघ्र पूरे किए जाएं। अधिकारी ब्लाॅक से अपनी भावनाएं जोड़ कर कार्य करें, तभी वहां स्थिति सुधरेगी। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जन जाति के लोगों को ज्यादा से ज्यादा नियोजित किया जाए। जिन श्रमिकों ने 80 दिन रोजगार प्राप्त किया है,उन श्रमिकों को रोजगार प्राथमिकता से दिया जाए।
जिला कलक्टर ने कहा कि पीएमएवाई के तहत जो मकान पूर्ण नहीं हो सकें है उन्हें पूर्ण करने के लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए। सांसद व विधायक निधि कोष के कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण हो यह सुनिश्चित करें, साथ ही जो कार्य पूर्ण हो चुके हैं उनकी सीसी जारी करें। पात्र को पेंशन मिले इसके लिए राज्य सरकार गंभीर है। विकास अधिकारी पेंशन सत्यापन के प्रकरणों में प्राथमिकता पर रख कर कार्य करें।
स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने माॅडल टाॅयलेट का कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा कचरा प्रबंधन में स्थानीय निवासियों को जोड़ने के निर्देश दिए। गौतम ने कहा कि पंचायत समितियों के द्वारा मोबाइल टाॅयलट क्रय किए जाएं ताकि मेले व अन्य सार्वजनिक आयोजनों में आवश्यकता पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जाए सके और क्षेत्र को साफ-सथुरा बनाए रखने में मदद मिले। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जो आवास बनाए जा रहे हैं उनमें भी शौचालय बनवाना सुनिश्चित करें।
जिला कलेक्टर कुमार पाल गौतम ने कहा कि आमजन स्वच्छता के लिए जागरूक हो, जिले में स्वच्छता का वातावरण बने। गंदगी भगाकर बीकानेर स्वच्छ सुंदर बने, पाॅलीथीन मुक्त बने इसके लिए आमजन को प्रयास करना चाहिए। देश में स्वच्छता को लेकर बीकानेर अग्रगामी बने इसके लिए ैैळ2019 ंचच पदेजंससमक कर एक वोट बीकानेर के लिए जरूर दें और स्वच्छ बीकाणा-सुंदर बीकाणा बनाने संकल्प लें।
जिला कलक्टर ने सम्पर्क पोर्टल पर लम्बित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि पोर्टल पर कई प्रकरण 6 माह से अधिक अवधि से लम्बित हैं, इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नियमित रूप से आयोजित होने वाली जनसुनवाई में जो प्रकरण मौके पर ही निस्तारित किए जाते हैं उन्हें पोर्टल पर इन्द्राज करवाएं। जिला कलक्टर ने कहा कि आम जनता जिन मुद्दों से सीधे तौर पर प्रभावित होती हैं वे कार्य रोजना निपटाएं। बैठक में सीईओ जिला परिषद सहित सभी विकास अधिकारी व अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।
------
नारी चैपाल व वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित
बीकानेर, 3 सितम्बर। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनान्तर्गत गांव बदरासर में महिला अधिकारिता विभाग द्वारा नारी चैपाल व वृक्षारोपण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपनिदेशक महिला अधिकारिता मेघा रतन द्वारा नारी चैपाल में महिलाओं को महिलाओं से संबंधी योजनाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर लिंग चयन रोकथाम, बाल विवाह रोकथाम की जानकारी के साथ-साथ स्वरोजगार व इसके लिए स्वयं सहायता समूह से जुड़कर कुछ प्रशिक्षण प्राप्त करने सम्बंधी योजनाओं की जानकारी दी गई। डाॅ गुरजीत कौर द्वारा माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर चर्चा कर उन्हें माहवारी के दौरान स्वच्छता रखने हेतु प्रेरित किया गया।
नारी चैपाल कार्यक्रम मंे महिला सुरक्षा सलाह केन्द्र समन्वयक श्रीमती मंजू नांगल द्वारा घरेलू हिंसा अधिनियम के बारे में जानकारी दी गई। नारी चैपाल में 50 महिलाएं व किशोरियां उपस्थित थी। प्रचेता विजय लक्ष्मी जोशी द्वारा मंच संचालन किया गया। गांव की साथिन मनीषा कंवर द्वारा आभार प्रकट किया गया। इसके बाद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
खबरों में बीकानेर 🎤 🌐 ✍️




यहां व्यक्त कीजिए - खबर आपकी नजर में...