31 दिन का मासख्मण तप करने वाली प्रियंका रांका का किया अभिनन्दन
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31 दिन का मासख्मण तप करने वाली प्रियंका रांका का किया अभिनन्दन
गंगाशहर। तेरापंथ भवन में मासखमण तप 31 दिन का करने वाली श्रीमती प्रियंका रांका का अभिनन्दन मुनिश्री सुमति कुमार जी के सान्निध्य में किया गया। इस अवसर पर तेरापंथ धर्मसंघ की असाधारण साध्वी प्रमुखा कनकप्रभाजी ने बैगलूरू से संदेश भेजकर तप की अनुमोदना की है।
साध्वी प्रमुखा जी ने लिखा कि तपस्या एक विशेष अनुष्ठान है। इस अनुष्ठान को वही सम्पादित कर सकता है जिसका मनोबल पुष्ट हो, संकल्पबल दृढ़ हो और शरीरबल अनुकूल हो। तपस्या करने वाला व्यक्ति अपनी आत्मा को तो उज्ज्वल बनाता ही है। उन्होंने लिखा कि तपस्वी जैन शासन की प्रभावना में भी योगभूत बनता है। समारोह को सम्बोधित करते हुए मुनिश्री सुमतिकुमार जी ने कहा कि हमारे चातुर्मास का यह प्रथम मासखमण हुआ है। बहन प्रियंका रांका ने बहुत साहस व संयम का परिचय दिया है। मुनिश्री देवार्य कुमार जी ने भी तपस्या को आत्मकल्याण का मार्ग तथा कर्म निर्जरा का हेतु बताया। आदित्य मुनि ने गीतिका के द्वारा अभिनन्दन किया। तेरापंथ सभा के मंत्री अमरचन्द सोनी ने तपस्वी का अभिनन्दन करते हुए कहा कि तपस्या आत्मा का टॉनिक है। तप शक्ति, तप मंगल है जो मन और बुद्धि चारों मंगल बनते हैं। सोनी ने कहा कि जैन धर्म में तपस्या की साधना से मोक्ष प्राप्ति व आत्म कल्याण के लिए करते है। तपस्विनी प्रियंका रांका को अभिनन्दन पत्र, साहित्य, पताका पहनाकर जैन लूणकरण छाजेड़, मनोहर नाहटा, जतनलाल दूगड़, जीवराज सामसुखा, डॉ. पी.सी. तातेड़ एवं अमरचन्द सोनी व किशन बैद ने किया। परिजनों ने गीतिका के माध्यम से अभिन्दन किया। तेरापंथ महिला मण्डल व तेरापंथ युवक परिषद द्वारा साहित्य भेंट कर तपस्विनी को सम्मानित किया।







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