- केंद्रीय कानून मंत्री और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री से मिले विधायक सारस्वत
- राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में अप्रेंटिसशिप कार्यशाला का हुआ आयोजन
- मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने दी स्वीकृति—
रियासी आतंकी हमले में मृतकों के परिवारों को पचास-पचास लाख रुपए की आर्थिक सहायता
- स्वच्छ भारत अभियान की तर्ज पर चलाएं बिजली-पानी बचत अभियान - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा
- राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र के बाद आने वाला सत्र पेपर लेस होगा
- 17 पुलिस अधिकारी व कार्मिक डीजीपी डिस्क-प्रशस्ति रोल व 148 सेवा चिन्हों से सम्मानित— डीजी इंटेलिजेंस संजय अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ समारोह
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- झटका : 54 पैसा प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज की वसूली अगले बिल से
- राजस्थान में ई-मित्र पर होंगे सभी कार्य
दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे; सरकार ने यूनिवर्सिटी, निगम और विभागों को आदेश दिए
- राज्यपाल कलराज मिश्र पहुंचे नाल एयरपोर्ट
- जल-जंगल और युवाओं को केंद्र में रखकर बने कार्ययोजना, ईमानदारी से हो क्रियान्वयनः खराड़ी
विकसित राजस्थान - 2047 को लेकर टीएडी हितधारकों की बैठक में टीएडी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों ने दिए सुझाव
- विकसित राजस्थान- 2047 के लिए पशुपालन तथा संबंधित विभागों की परामर्श बैठक आयोजित 2047 तक राजस्थान को विकसित राज्य बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध - प्रमुख शासन सचिव
- आईपीडी टावर पर हुआ मंथन, 24 मंजिला होगा आईपीडी टॉवर —30 जून तक सभी ड्राईंग की जायेंगी अनुमोदित —आईपीडी टावर के निर्माण से मरीजों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण इलाज
- विश्व बैंक के 3674 करोड़ रूपये के ऋण से आरयूआईडीपी, पंचम चरण में होंगे विकास कार्य
- ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक- प्रदेशवासियों को मिले निर्बाध विद्युत आपूर्ति, प्रोजेक्ट्स को करें समयबद्ध पूरा
- खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत जुलाई माह का गेहूं आवंटित
- जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति की बैठक 20 जून को
- बीकानेर में हाथ पर गोविन्दराम अंकित व्यक्ति का शव मिला, शिनाख्त के प्रयास जारी
- चिकित्सालय एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कालू बास में रिक्त पदों को भरा जाए - विधायक सारस्वत
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खबरों में बीकानेर 📰
*राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में अप्रेंटिसशिप कार्यशाला का हुआ आयोजन*
बीकानेर, 11 जून। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में मंगलवार को अप्रेंटिसशिप कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि उद्योगपति सुभाष मित्तल थे।संस्थान के उपनिदेशक कैलाश शर्मा एवं अधीक्षक मोनिका गोदारा ने अप्रेंटिसशिप एक्ट 1961 की जानकारी दी एवं इसकी महत्त्ता पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला में उरमूल डेयरी, आरएसआरटीसी, आरवीपीएनएल, गजनेर पैलेस होटल, ऑडी मोटर्स, बीकानेर सिरेमिक्स, ईश्वर प्राईवेट आईटीआई, बीकाणा प्राईवेट आईटीआई, सर्वोदय प्राईवेट आईटीआई, राजीव गांधी प्राईवेट आईटीआई, एमबीडी प्राईवेट आईटीआई, रमन प्राईवेट आईटीआई की गरिमापूर्ण उपस्थिति रही।
इस अवसर पर समूह अनुदेशक विनोद कुमार काला, ओम प्रकाश भादू, सुरेंद्र कुमार किलानियां, रामदयाल, मनोज का सहयोग रहा।
*राज्यपाल श्री कलराज मिश्र पहुंचे नाल एयरपोर्ट*
बीकानेर, 11 जून। राज्यपाल श्री कलराज मिश्र मंगलवार प्रातः नाल एयरपोर्ट पहुंचे। यहां पहुंचने पर संभागीय आयुक्त श्रीमती वंदना सिंघवी, जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि, पुलिस अधीक्षक श्रीमती तेजस्विनी गौतम, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरुण कुमार, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सतीश के. गर्ग, पूर्व कुलपति राजूवास प्रो. ए.के. गहलोत, उपखंड अधिकारी बीकानेर श्रीमती कविता गोदारा ने उनकी अगवानी की। गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने दी स्वीकृति—
रियासी आतंकी हमले में मृतकों के परिवारों को पचास-पचास लाख रुपए की आर्थिक सहायता
जयपुर, 11 जून। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने जम्मू-कश्मीर के रियासी में रविवार को आतंकी हमले के कारण बस खाई में गिरने से जयपुर जिले के मृत 4 व्यक्तियों के 2 परिवारों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से पचास-पचास लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री सहायता कोष के नियमों में शिथिलता प्रदान करते हुए कोष के रिवॉल्विंग फण्ड से यह अपवाद स्वरूप सहायता स्वीकृत की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विपरीत समय में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है और उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेन्स की नीति है। उन्होंने कहा कि आतंकी हमले के दोषी बच नहीं पाएंगे और इस कायराना हमले में शामिल कोई भी आतंकी सुरक्षा बलों द्वारा बख्शा नहीं जाएगा।
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लेखा-अनुदान एवं सौ दिवसीय कार्ययोजना की समीक्षा बैठक- आमजन की सेवा ही हमारी योजनाओं-कार्यक्रमों का केन्द्र बिन्दु, डेडलाइन तय करते हुए शेष घोषणाओं को करें अविलंब पूर्ण -स्वच्छ भारत अभियान की तर्ज पर चलाएं बिजली-पानी बचत अभियान - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, 11 जून। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में गुड गवर्नेंस का मॉडल स्थापित करके आमजन की सेवा करना राज्य सरकार का प्रमुख ध्येय है। हमारी सरकार अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के बारे में सबसे पहले सोच कर नीति-कार्यक्रमों का निर्धारण कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को समर्पण-निष्ठा के साथ राज्य सरकार की घोषणाओं एवं लक्ष्यों को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
श्री शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में बजट घोषणा 2024-25 (लेखा-अनुदान), सौ दिवसीय कार्य योजना एवं उनके द्वारा की गई घोषणाओं की क्रियान्विति पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने लेखा-अनुदान में शेष रही घोषणाओं की डेडलाइन तय करते हुए अधिकारियों को इन्हें पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि इन घोषणाओं से संबंधित कार्य किसी भी स्तर पर लंबित नहीं हो और संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही, इन लंबित घोषणाओं को संबंधित विभाग की समीक्षा बैठक में भी शामिल किया जाए, ताकि विभागीय स्तर पर त्वरित निर्णय लिए जा सके। उन्होंने सभी विभागों को विकास कार्य प्रारंभ करने से पूर्व जमीनों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने गृह विभाग की लाडली सुरक्षा योजना की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि बालिकाओं-महिलाओं की सुरक्षा राज्य सरकार का प्रमुख ध्येय है। इसी को ध्यान में रखते हुए योजनान्तर्गत प्रदेशभर में सार्वजनिक स्थलों, बालिका छात्रावासों एवं नारी निकेतनों पर प्राथमिकता से सीसीटीवी कैमरे लगाये जा रहे हैं। अब तक 11 हजार 570 कैमरे लगाए भी जा चुके हैं।
श्री शर्मा ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान की तर्ज पर बिजली-पानी की बचत के लिए एक बड़ा जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। राजस्थान की विषम भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए कृषि विभाग भी ऐसी योजना तैयार करें, जिसमें किसानों को ड्रिप स्पिं्रकलर पद्धति अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही, किसानों को उन मिलेट्स की खेती के लिए बढ़ावा दिया जाए, जिनमें अपेक्षाकृत कम पानी की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ाने के लिए किसानों को बाजरा, मक्का, मूंग, ज्वार एवं मोठ के निःशुल्क मिनिकिट वितरण कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य की आंगनबाड़ियों के विद्युतीकरण के बारें में निर्देश दिए कि जहां विद्युत कनेक्शन में भौतिक समस्या आ रही है, वहां रूफटॉप सोलर पैनल लगाकर बिजली उपलब्ध करायी जाए।
आमजन को मिले गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, मेडिकल कॉलेजों के कार्य में लाएं गति-
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रही है। इसी क्रम में लेखानुदान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेजों के निर्माण की घोषणा की गई थी। उन्होंने इन कॉलेजों के निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और तय लक्ष्य को प्राप्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस को संचालित करने की घोषणा की शीघ्र क्रियान्विति के निर्देश भी दिए।
मानसरोवर से अजमेर रोड तक मेट्रो विस्तार में लाए गति-
श्री शर्मा ने सीतापुरा से अंबाबाड़ी तक प्रस्तावित मेट्रो परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने और मानसरोवर से अजमेर रोड तक मेट्रो विस्तार के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का विस्तार करते हुए प्रदेश के कई शहरों में 500 इलेक्ट्रिक बसें शीघ्र संचालित होंगी।
कार्मिकों को घर पर मिलेगी दवाइयां-
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्मिकों के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शीघ्र ही राज्य सरकार राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के अंतर्गत राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ के माध्यम से कार्मिकों-पेंशनरों को दवाईयों की होम डिलिवरी करेगी। पायलट बेसिस पर यह कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग द्वारा इंटीग्रेटेड फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) 3.0 में भी कार्मिकों को कई आनलॉईन सुविधा दी जा रही है। इस सिस्टम के माध्यम से कार्मिक जीपीएफ आहरण करने के साथ ही राज्य बीमा ऋण भी ले सकेंगे।
16 हजार 678 पदों पर दी नियुक्ति-
श्री शर्मा ने कहा कि युवाओं को रोजगार के उचित अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने लेखा-अनुदान में 70 हजार पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। इनमें से कुल 46 हजार 911 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। वहीं 16 हजार 678 पदों पर नियुक्ति भी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार मिशन ओलंपिक 2028 के लिए स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं के निखारने का कार्य कर रही है।
जल जीवन मिशन कार्यों की नियमित रूप से की जाए मॉनिटरिंग-
मुख्यमंत्री ने सौ दिवसीय कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए जल जीवन मिशन के तहत आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एडीएम स्तर के अधिकारी द्वारा कार्यों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुई अनियमितताओं के कारण मिशन के तहत आवंटित राशि तय समय सीमा में खर्च नहीं हो सकी। इसलिए इस मद में प्राप्त धनराशि का सदुपयोग करने के लिए इसके कार्यों को गति देना आवश्यक है।
प्रवासी राजस्थानियों की सुविधाओं का रखा जाए विशेष ध्यान-
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और विदेश में रह रहे प्रवासी राजस्थानियों को राज्य में निवेश करना आसान हो इसके लिए एक मजबूत सिंगल विंडो सिस्टम विकसित किया जाए। इस सिस्टम में नियमों का सरलीकरण कर इसे अधिक सुविधाजनक बनाया जाए जिससे राज्य में निवेश बढ़े। श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक राज्य में राजस्थान हाउस के निर्माण के लिए भूमि आवंटन हेतु संबंधित राज्यों से पत्र व्यवहार करें।
प्रत्येक जिले में नियमित रूप से हो जनसुनवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर सक्षम स्तर के अधिकारी प्रतिदिन कम से कम एक घंटा जनसुनवाई करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाकर उसे लाभान्वित करें।
श्री शर्मा ने महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना सहित लेखानुदान की अन्य प्रगतिरत घोषणाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिखर अग्रवाल एवं प्रमुख सचिव श्री आलोक गुप्ता, विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव एवं शासन सचिव उपस्थित थे। वहीं विभिन्न जिलों के कलक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
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हाउस कमेटी फॉर ई-गवर्नेंस एंड जनरल परपज की बैठक, नेवा प्रोजेक्ट की प्रक्रिया शुरू -अध्यक्ष, राजस्थान विधानसभा —राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र के बाद आने वाला सत्र पेपर लेस होगा
जयपुर, 11 जून। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राजस्थान विधानसभा के सभागार में सदस्यों की सीटों पर कम्प्यूटर उपकरण स्थापित करने और विधानसभा सचिवालय को पेपरलैस किये जाने हेतु नेवा प्रोजेक्ट की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंगलवार को विधान सभा में श्री देवनानी की अध्यक्षता में आयोजित हाउस कमेटी फॉर ई-गवर्नेंस एण्ड जनरल परपज की बैठक में सदस्यों ने नेवा प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान विधानसभा को डिजिटल बनाने के लिए पहली किस्त्त जारी किये जाने का केन्द्र व राज्य सरकार को आग्रह किया।
विधान सभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधान सभा की अनुशंषा पर सदन में विधायकों की मेजों पर कम्प्यूटर उपकरण स्थापित करने और विधानसभा को पेपरलेस बनाने के लिए भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। परियोजना के तहत केन्द्र व राज्य सरकार के वित्त का उपयोग 60 व 40 के अनुपात में किया जायेगा। तीन किश्तों में वित्तीय सहायता कार्य के लिए उपलब्ध कराई जायेगी।
सदन में विधायकगण की प्रत्येक सीट पर लगेंगे आई-पैड -
श्री देवनानी ने बताया कि सदन में विधायकगण की प्रत्येक सीट पर एक आई-पैड लगाया जायेगा और एक लैपटोप मय प्रिन्टर विधायकगण को उनके आवास के लिए उपलब्ध कराया जायेगा। इस परियोजना में 12.61 करोड़ रूपये की राशि अनुमोदित की गई है। इस राशि में 60 प्रतिशत केन्द्र सरकार एवं 40 प्रतिशत भागीदारी राज्य सरकार की होगी।
विधायकों को प्रशिक्षण, सदन में भी तकनीकी मदद मिलेगी -
श्री देवनानी ने बताया कि विधानसभा में नेवा सेवा केन्द्र (ई लर्निंग कम ई-फैसिलेशन सेन्टर) की स्थापना की जायेगी। इसके तहत विधायकगण, अधिकारियों व कर्मचारियों को नेवा मॉडूयल्स का प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण सामग्री अंग्रेजी, हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराई जायेगी। परियोजना लागू होने पर प्रारम्भ में सत्र के दौरान विधायकगणों की सुविधा के लिए प्रोजेक्ट के तहत सहायता उपलब्ध कराने के लिए तकनीकी कर्मचारी सदन में उपस्थित रहेंगे। जिस भी विधायकगण को ऑनलाईन कार्य करने में असुविधा होगी उसके लिए मौके पर ही तकनीकी सहायता उपलब्ध करा दी जायेगी।
समय-समय पर होगी परियोजना की समीक्षा -
अध्यक्ष श्री देवनानी ने बताया कि राजस्थान विधान सभा को डिजिटल करने की इस महत्वपूर्ण परियोजना की समय-समय पर समीक्षा की जायेगी। बजट सत्र के बाद परियोजना में कार्य तीव्र गति से किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कार्य की डी.पी.आर तैयार हो गई है। त्रिपार्टी मेमोरेंडम ऑफ अण्डर स्टेण्डिंग भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय, राजस्थान सरकार और राजस्थान विधानसभा के मध्य हो गया है। केन्द्र सरकार की राज्य की विधानसभाओं को डिजिटल बनाये जाने के लिए "वन नेशन-वन एप्लीकेशन" के तहत नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन का उपयोग किया जा रहा है। नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) से अब राजस्थान विधानसभा का सदन और सचिवालय डिजिटल हो जायेगा। इससे विधानसभा व सचिवालय की कार्यवाही पेपरलैस हो जायेगी। इस ई-विधान एप्लीकेशन से राज्य विधानसभा के सदस्यों और अधिकारियों को कार्य करने में आसानी होगी। इस एप्लीकेशन से विधानसभा के सदन से संबंधित विधेयक, रिपोर्टस आदि की जानकारी मीडिया, अनुसंधानकर्ता और आम नागरिक देख सकेंगे। ई-विधान एप एन्ड्रोएड और आई.ओ.एस. दोनों तरह के मोबाइल पर चल सकेगा। यह ऐप ई-बुक और वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगा। नेवा के तहत सदन की कार्यवाही विवरण, सदन में रखे जाने वाले पेपर्स, विधेयक से संबंधित जानकारी, समितियों की रिपोर्ट, प्रश्न और उनके जवाब, बुलेटिन, कार्यवाही विवरण, डिजिटल लाईब्रेरी, सूचनाएं और सदस्यों से संबंधित जानकारी एक ही एप्लीकेशन में उपलब्ध होगी।
देश के अन्य विधान मण्डलों में भी नेवा प्रोजेक्ट-
श्री देवनानी ने बताया कि नेवा प्रोजेक्ट के तहत देश के 13 राज्यों के विधान मण्डलों में भी विधान सभाओं को डिजिटल बनाने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि छ: राज्यों में इस संबंध में एम.ओ.यू. हो गया है। श्री देवनानी ने बताया कि उन्होंने गुजरात विधान सभा में नेवा प्रोजेक्ट के तहत हुये डिजिटल कार्य का अवलोकन किया है।
विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली, विधायक श्री केसाराम चौधरी, श्री पब्बाराम विश्नोोई, डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, डॉ. प्रियंका चौधरी, विधान सभा के प्रमुख सचिव श्री महावीर प्रसाद शर्मा, सूचना प्रौद्योगिकी आयुक्त श्री इन्द्रजीत सिंह, वरिष्ठं उप सचिव श्री श्रीकृष्ण, वरिष्ठ तकनीकी निदेशक श्री एस.एल. कुमावत, मुख्य लेखाधिकारी श्री कैलाश चन्द्र सेन और प्रोजेक्ट के नोडल ऑफिसर श्री नरेश कुमार जैन मौजूद थे।
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आरपीए ऑडिटोरियम में राज्य विशेष शाखा का अलंकरण समारोह आयोजन सम्पन्न— 17 पुलिस अधिकारी व कार्मिक डीजीपी डिस्क-प्रशस्ति रोल व 148 सेवा चिन्हों से सम्मानित— डीजी इंटेलिजेंस संजय अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ समारोह
जयपुर 11 जून। महानिदेशक पुलिस इंटेलिजेंस श्री संजय अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में राज्य विशेष शाखा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का पदक वितरण समारोह मंगलवार को राजस्थान पुलिस अकादमी स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर 17 पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को डीजीपी डिस्क-प्रशस्ति रोल एवं 148 को सर्वोत्तम, अति उत्तम एवं उत्तम सेवा चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान डीजीपी इंटेलिजेंस श्री अग्रवाल एवं आईजी सुरक्षा श्री राजेश मीणा द्वारा अपने उद्बोधन में पदक विजेताओं को बधाई दी और भविष्य में इसी प्रकार और अधिक बेहतर कार्य के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम से पहले मुख्य अतिथि श्री अग्रवाल के राजस्थान पुलिस अकादमी स्थित ऑडिटोरियम में पहुंचने पर उन्हें गॉड ऑफ ऑनर दिया गया। मंच पर इंटेलिजेंस ट्रेनिग अकादमी (ईटा) के निदेशक श्री दीपक भार्गव द्वारा पौधे भेंट कर उपस्थित अधिकारियों का ग्रीन वेलकम कर स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती जया सिंह द्वारा किया गया।
ईटा के डायरेक्टर श्री भार्गव ने बताया कि अलंकरण समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वश्री पीयूष दीक्षित, आलोक सिंघल, महेंद्र भगत, सुमित गुप्ता व श्रीमती शालिनी सक्सेना सहित 17 अधिकारियों को डीजीपी डिस्क से, वहीं बेहतरीन और बेदाग सेवा के लिए 25 कार्मिकों को सर्वोत्तम, 59 को अति उत्तम और 64 कार्मिकों को उत्तम सेवा चिन्ह प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में उप महानिरीक्षक पुलिस श्री विकास शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
इस अवसर पर एसपी सुरक्षा श्री राजकुमार गुप्ता सहित राज्य विशेष शाखा में पदस्थापित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। इस बार सम्मानित होने वाले कार्मिकों के परिजनों को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था।
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झटका : 54 पैसा प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज की वसूली अगले बिल से
बिजली अपने झटके देने की प्रवृति नहीं छोड़ेगी, सरकार भाजपा की हो कांग्रेस की। प्रदेश में विधानसभा-लोकसभा चुनाव के चलते लगातार आचार संहिता लागू रही है। अब आचार संहिता से क्षणिक राहत मिलते मिलते बिजली कंपनी ने अपना तोप छोड़ दिया है। यह तोप ऐसे समय में छोड़ा गया है जब प्रदेशवासी भीषण गर्मी से त्राहिमाम त्राहिमाम कर रहे हैं।
उदयपुर । भीषण गर्मी में - बिजली का खर्च बढ़ने के साथ ही जुलाई का बिल उपभोक्ताओं को बड़ा झटका देने - वाला है। विद्युत निगम ने 54 पैसा प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज लगाया है, जिसकी - वसूली अगले बिल से की जाएगी। खास - बात ये कि विद्युत निगम तय मापदंड से - ज्यादा वसूली करेगा। नियम ये है कि बिजली खरीद दर पर 15 प्रतिशत तक - सरचार्ज लगाया जा सकता है, लेकिन - हकीकत ये है कि नए फ्यूल सरचार्ज के - अनुसार राशि औसत खरीद दर की 15 प्रतिशत से अधिक हो रही है। जैसे कि
निगम की बिजली खरीद दर 4 रुपए प्रति यूनिट है, जिस पर 60 पैसा तक सरचार्ज जोड़ा जा सकता है। विद्युत निगम ने 7 पैसे प्रति यूनिट के विशेष ईंधन अधिभार के अतिरिक्त 54 पैसा प्रति यूनिट बेस फ्यूल सरचार्ज वसूलने का आदेश जारी किया है। ये सरचार्ज पूरे सालभर लिया जाएगा। जिसे अगले माह में आने वाले बिल में चुकाना होगा। पिछले साल 52 पैसा प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज वसूला गया था। इस साल प्रति यूनिट दो पैसे की बिना आधार बढ़ोतरी की गई है। प्रदेश के 60 लाख उपभोक्ताओं से इसकी वसूली की जाएगी।
राजस्थान में ई-मित्र पर होंगे सभी कार्य
दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे; सरकार ने यूनिवर्सिटी, निगम और विभागों को आदेश दिए
जयपुर,
राजस्थान में लोगों को आने वाले समय में छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी ऑफिस और विभागों में चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार ने हर विभाग को कहा है कि अपने वो काम ई-मित्र सर्विस से जोड़ें जो सीधे जनता से जुड़े हैं। मुख्य सचिव सुधांत पंत ने पिछले दिनों एक पत्र सभी विभागों, सरकारी उपक्रमों, निगमों और यूनिवर्सिटी को लिखा है। इसमें अपने यहां तमाम सर्विस को ई-मित्र से जोड़ने के आदेश दिए हैं। वर्तमान में सरकार की 500 से ज्यादा फ्लैगशिप स्कीम, विभागों से जुड़े आमजन के काम ई-मित्र से जुड़े हैं। इसमें बिजली-पानी बिल जमा करवाने के साथ, सामाजिक सुरक्षी पहार, जन आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, पानी कनेान के लिए आवेदर बैंकिंग सर्विस, टैक्स पेमेंट, जमाबंदी की नकल समेत अन्य सुविधाएं हैं। इसके अलावा पुलिस वेरिफिकेशन का भी काम ई-मित्र के जरिए ही होता है। सरकार अब चाह रही है कि सभी विभाग आमजन से जुड़े हर काम को ई-मित्र के जरिए करवाए जा सकें। इसके लिए हर विधान को अपने अपने यहां आमजन से जुड़ी सर्विस को ई-मित्र से जोड़ने के लिए कहा है।
प्रदेश की नगरीय निकायों जैसे नगर निगम, नगर परिषद नगर पालिका के अलावा यूआईटी, विकास प्राधिकरण में आमजन के सबसे वादा काम पड़ते हैं। यहां सामुदायिक केंद्र बुक करवाने, जन्म-मृत्यु और विवाह का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट लेने, जमीन-मकानों के नाम ट्रांसफर, लीज डीड और एनओसी के लिए दफ्तरों में चक्कर काटना पड़ता है। इन सभी कामों के लिए अनर आवेदन ई-मित्र के जरिए शुरू हो जाए तो लोगों को स्तरों के चकर
आदेश में सरकार ने प्रदेश के तमाम विश्वविद्यालयों और उनके जुड़े संगठन कॉलेजों की ऑनलाइन एडमिशन की प्रक्रिया शुरू करने समेत स्टूडेंट्स से जुड़े अन्य कार्यों को ई-मित्र पोर्टल के जरिए करचाने के निर्देश दिए। हैं। इसके लिए मुख्य सचिव ने सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को पत्र लिखा है। ताकि इस सर्विस के शुरू होने से स्टूडेंट्स को अपने छोटे-छोटे काम के लिए यूनिवर्सिटी या कॉलेज के कैंपस तक न आना पड़े।
निकायों में काटने पड़ते हैं चक्कर
सरकार ने हर विभाग को कहा है कि अपने वो काम ई-मित्र सर्विस से जोड़ें, जो सीधे जनता से जुड़े हैं। मुख्य सचिव सुधांश पंत ने पिछले दिनों एक पत्र सभी विभागों, सरकारी उपक्रमों, निगमों और यूनिवर्सिटी को लिखा है।
यूनिवर्सिटी में आवेदन से लेकर अन्य कार्यों को ई-मित्र से जोड़ने की कवायद राजस्थान सरकार सूचना प्रोद्योगिकी और संचार विभाग ई-मित्र
emitra
WWW.EMITRA.RAJASTHAN.GOV.IN
नहीं काटने पड़ेंगे।
नेशनल लेवल की स्कीम ई-मित्र पर लाने की तैयारी
डीओआईटी अमिश्नर इंद्रजीतसिंह
सरकार का उद्देश्य है कि आमजन को किसी तरह सरकारी दफ्तरों में चक्कर काटने पड़ते हैं। इसे देखते हुए सरकार ई-मित्र और ई-मित्र प्लस के जरिए सर्विस दे रही है। हम अभी 600 से सेवा-मित्र के जरिए आमजन को उपलब्ध करवा रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने सभी विभाों को अननी सभी सर्विस को ई-मित्र या लाने के लिए कहा है। अभी पूरे प्रदेश में७० हजार से ज्यादा ई-मित्र कियोस्क संचालित है।
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*जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति की बैठक 20 जून को*
बीकानेर, 11 जून। जिला जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति की बैठक 20 जून (तृतीय गुरूवार) को प्रातः 10.30 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की जाएगी। यह जानकारी जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति के सचिव ने दी ।
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*खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत जुलाई माह का गेहूं आवंटित*
बीकानेर,11 जून। खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत जुलाई माह के लिए जिले को 67 हजार 366.64 क्विंटल गेहूं का आंवटन किया गया है। जिला कलक्टर (रसद) नम्रता वृष्णि ने भारतीय खाद्य निगम बीकानेर से गेहूं का सम्पूर्ण उठाव 30 जून तक सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए हैं। गेहूं का वितरण अन्त्योदय, बीपीएल, स्टेट बीपीएल, पीएचएच श्रेणी के राशनकार्डधारियों को निःशुल्क किया जाएगा। योजनान्तर्गत अन्त्योदय परिवारों को 35 किग्रा गेहूं प्रति राशन कार्ड तथा बीपीएल, स्टेट बीपीएल, पीएचएच अन्य श्रेणी के राशन कार्डधारियों को 5 किग्रा प्रति व्यक्ति निःशुल्क वितरित किया जाएगा।
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ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक- प्रदेशवासियों को मिले निर्बाध विद्युत आपूर्ति, प्रोजेक्ट्स को करें समयबद्ध पूरा -आगामी 10 वर्ष की मांग के आधार पर बनाएं कार्ययोजना -पीएम-कुसुम योजना का अभियान चलाकर करें प्रचार-प्रसार - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा - एमओयू के क्रियान्वयन हेतु कार्य प्रारंभ, साइट विजिट जारी - रबी सीजन में किसानों को मिले सुचारू विद्युत आपूर्ति
जयपुर, 11 जून। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में विद्युत तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न विद्युत निगमों एवं केन्द्रीय उपक्रमों के साथ हुए एमओयू को समयबद्ध पूरा करें जिससे आमजन को सुचारू रूप से निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन प्रोजेक्ट्स की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही, विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो जिससे आमजन, किसान तथा उद्यमी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
श्री शर्मा मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक स्थिति के दृष्टिगत कुछ माह राज्य में विद्युत की मांग उपलब्धता से कहीं अधिक रहती है लेकिन अब राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा क्षेत्र में हाल ही में किए गए एमओयू के क्रियान्वयन से राजस्थान की विद्युत मांग की भी पूर्ति होगी तथा राज्य विद्युत उत्पादन में सरप्लस की श्रेणी में आ जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केन्द्रीय उपक्रमों से समन्वय स्थापित कर इन एमओयू का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी रबी फसल के सीजन को देखते हुए विभाग अपनी तैयारियां पूरी रखें जिससे किसानोें को सिंचाई हेतु सुचारू विद्युत आपूर्ति मिल सके।
कलक्टर करें बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक-
श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने में वित्तीय सहयोग के लिए जिला कलक्टर बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करें जिससे इस प्रक्रिया में किसानों के लिए वित्तीय बाधा को दूर किया जा सके। उल्लेखनीय है कि पीएम-कुसुम कंपोनेंट ‘बी’ के तहत 70 हजार से अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को आगामी 10 वर्ष की मांग को ध्यान में रखकर कार्ययोजना बनानी चाहिए जिससे भविष्य की मांग को वर्तमान के प्रोजेक्ट्स में शामिल किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को सरकारी कार्यालयों में रूफटॉप पर सोलर प्लांट के इंस्टालेशन के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिससे भविष्य में इन कार्यालयों में होने वाले बिजली व्यय को शून्य किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में इन माध्यमों की क्षमता बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाई जाए तथा ट्रांसमिशन सिस्टम के सुदृढ़ीकरण के लिए भी केन्द्र सरकार के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित करें।
बैठक में बताया गया कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा केन्द्रीय उपक्रमों के मध्य हुए एमओयू-पीपीए के माध्यम से राज्य में ऊर्जा क्षेत्र के विकास में 1.60 लाख करोड़ के निवेश से 31 हजार 825 मेगावाट से अधिक की परियोजनाओं की स्थापना की जाएगी। इसकी प्रगति की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि केन्द्रीय उपक्रमों द्वारा इस संबंध में साइट विजिट की जा चुकी है। बैठक में पीएम-कुसुम योजना के ‘अ’, ‘ब’ तथा ‘स’ घटकों की प्रगति, सोलर रूफटॉप इंस्टालेशन, राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के वित्तीय संसाधनों की जानकारी सहित ऊर्जा विभाग के विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
किसानों को दिन में बिजली आपूर्ति के लिए मिशन मोड पर करें काम-
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को सिंचाई हेतु दिन में बिजली आपूर्ति उपलब्ध करवाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा पीएम कुसुम योजना के माध्यम से इस लक्ष्य को पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके लिए मिशन मोड पर काम किया जाए। अभियान चलाकर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस योजना का आमजन में प्रचार-प्रसार करें तथा किसानों को योजना से मिलने वाले लाभ के बारे में अधिक से अधिक जागरूक करें। इस योजना के क्रियान्वयन से स्थानीय क्षेत्र में रोजगार सृजन भी होगा।
बैठक में ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर, मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा श्री आलोक, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री आलोक गुप्ता, डिस्कॉम्स अध्यक्ष श्री भानूप्रकाश एटरू, राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम के प्रबंध निदेशक श्री नथमल डिडेल सहित मुख्यमंत्री कार्यालय तथा संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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विश्व बैंक के 3674 करोड़ रूपये के ऋण से आरयूआईडीपी, पंचम चरण में होंगे विकास कार्य
जयपुर, 11 जून। आरयूआईडीपी के पंचम चरण में विश्व बैंक ने आधारभूत संरचनाओं के विकास एवं उन्नयन हेतु 3674 करोड़ रूपये के ऋण का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। इस संबंध में विश्व बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने नगरीय एवं स्वायत्त शासन मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा के साथ विचार विमर्श किया।
सचिवालय में आयोजित इस बैठक में शहरी क्षेत्रों के समावेशी विकास की प्राथमिकताओं को मद्देनज़र रखते हुए विश्व बैंक की सहायता से सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट, अरबन मोबिलिटी, हरित ऊर्जा, आजीविका एवं बाजारों को उन्नत करना, नगरीय निकायों की संस्थागत क्षमता बढाकर विकास की संभावनाओं को चिन्हित किया गया। विश्व बैंक ने राजस्थान के चिन्हित 27 शहरों में आधारभूत संरचनाओं के विकास एवं उन्नयन हेतु ऋण प्रस्तावों को बैठक में रखा जिसे स्वीकार कर लिया गया।
प्रतिनिधि मंडल ने अवगत कराया कि चिन्हित शहरों में आधारभूत सुविधाओं में कमी के कारणों के अध्ययन हेतु विषय विशेषज्ञों को शीघ्र ही मोबिलाईज किया जाएगा। मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा ने विश्व बैंक द्वारा प्रस्तावित विकास का स्वागत करते हुए कहा कि राजस्थान में नगरीय स्वच्छता, पर्यावरण एवं जल प्रबंधन प्राथमिकताएं हैं। इसके साथ ही यातायात प्रबंधन, सैटेलाईट शहरों का विकास एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं शहरों की आवश्यकता है। इन सभी क्षेत्रों में नवाचार द्वारा गुणात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। विश्व बैंक अपने सभी प्रस्तावों में विश्व की बेस्ट प्रेक्टिसेज को ध्यान में रखते हुए नवाचार सम्मिलित कर इन क्षेत्रों में कार्य करें।
इस उच्च स्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया कि विश्व बैंक की बाह्य सहायता हेतु आरयूआईडीपी, पंचम चरण की कार्य योजना तैयार करें। विश्व बैंक के प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व मुख्यालय की वरिष्ठ शहरी विशेषज्ञ डॉ. पूनम पिल्लई ने किया । बैठक में आरयूआईडीपी के परियोजना निदेशक श्री प्रकाश चंद्र शर्मा, अतिरिक्त परियोजना निदेशक-प्रथम, श्री देवेन्द्र कुमार मीणा, अतिरिक्त परियोजना निदेशक-द्वितीय, डॉ. हेमन्त कुमार शर्मा, वित्तीय सलाहकार, श्रीमती जिज्ञासा गौड़, उप परियोजना निदेशक (तकनीकी), श्री कपिल गुप्ता एवं अन्य तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे।
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आईपीडी टावर पर हुआ मंथन, 24 मंजिला होगा आईपीडी टॉवर —30 जून तक सभी ड्राईंग की जायेंगी अनुमोदित —आईपीडी टावर के निर्माण से मरीजों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण इलाज
जयपुर, 11 जून। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार प्रदेश में हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल परिसर में देश के सबसे ऊंचे अस्पताल का निर्माण करवा रही है।
नगरीय विकास मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा की अध्यक्षता एवं चिकित्सा मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर की उपस्थिति में मंगलवार को एम्पावर्ड कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में आईपीडी टॉवर पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में चिकित्सा मंत्री द्वारा आईपीडी टॉवर को 24 मंजिला ही बनाने की आवश्यकता जताई गई। इसके लिए आवश्यक वित्त प्रबन्धन शीघ्र करने का आश्वासन दिया।
बैठक में चिकित्सा विभाग द्वारा आईपीडी टॉवर के लिए कम से कम 600 कारों की अतिरिक्त पार्किंग की आवश्यकता भी जताई गई। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन, जविप्रा एवं पीडब्ल्यूडी द्वारा संयुक्त मौका निरीक्षण कर विभिन्न प्रस्तावों की रिपोर्ट बनाने के निर्देश प्रदान किए गए।
नगरीय विकास मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा ने फिजीबिलेटी रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। फिजीबिलेटी रिपोर्ट के बाद ही मोर्चरी एवं पार्किंग बिल्डिंग ड्राईंग अनुमोदित की जायेगी। उन्होंने कहा कि एसएमएस अस्पताल प्रशासन को 30 जून, 2024 तक आईपीडी टॉवर की सभी ड्राईंग का अनुमोदन के निर्देश दिए। इस टाईमलाईन के बाद किसी अन्य ड्राईंग/नक्शे पर विचार नहीं किया जाएगा।नगरीय विकास मंत्री ने अधिकारियों को जयपुर विकास प्राधिकरण को योगदान राशि ट्रांसफर करने के निर्देश दिए।
बैठक में आईपीडी टॉवर की उंचाई पर भी चर्चा की गई। इस संबंध में सर्वसम्मति से आईपीडी टॉवर की उंचाई 24 मंजिला रखने का निर्णय लिया गया।
बैठक में आईपीडी टॉवर को तीव्रगति से पूर्ण किये जाने पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में यूडीएच मंत्री द्वारा विभिन्न दिशा-निर्देश प्रदान किये।
बैठक में बताया गया कि कॉर्डियोलोजी बिल्डिंग का निर्माण 31 अगस्त, 2024 तक पूर्ण कर लिया जायेगा। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन द्वारा जेडीए को आवश्यक भूमि शीघ्र उपलब्ध करवाने एवं उनकी निविदाओं को शीघ्र स्वीकृत कराने के निर्देश दिए।
जेडीसी श्रीमती मंजू राजपाल ने बताया कि प्रोजेक्ट का 67 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका हैं। भूमिगत एवं भूतल ढांचा, 03 सर्विस तल का ढॉंचा, 14 मंजिल ढांचे का 60 प्रतिशत कार्य, मुख्य कोर (सीढ़ी, रेम्प व लिफ्ट क्षेत्र) 19वीं मंजिल तक (80 प्रतिशत पूर्ण) एवं विद्युत व फिनीशिंग इत्यादि का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि निर्माणकर्ता एजेंसी को प्रोजेक्ट का कार्य बूस्ट करने हेतु निरन्तर भुगतान की आवश्यकता रहती है। इस संबंध में अन्य विभागों से अपेक्षित योगदान राशि प्राप्त की जानी प्रस्तावित है।
उल्लेखनीय है कि आईपीडी टॉवर का निर्माण कार्य तेजी से करवाया जा रहा है। यह आईपीडी टॉवर अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाओं से युक्त होगा।
24 मंजिला इस टावर में 1243 बैड की क्षमता होगी। एयर एंबुलेंस के लिए हेलीपैड, आईपीडी टॉवर में हेलीपैड से लेकर अत्याधुनिक ओटी, सुपर लग्जरी कॉटेज समेत तमाम सुविधाएं होंगी। 1243 बैड्स में 792 जनरल, 150 कॉटेज, 166 आईसीयू और 92 प्रीमियम बैड होंगे। इसके अलावा डबल बेसमेंट पार्किंग, मरीज परिजन के लिए दो बड़े वेटिंग हॉल, मेडिकल साइंस गैलेरी, 20 ऑपरेशन थिएटर, फूडकोर्ट के अलावा रेडियो और माइक्रोबायोलॉजी जांच संबंधित एडवांस लैब होंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को 2 फेज में पूरा किया जा रहा है। देश में अपनी तरह का यह पहला टॉवर होगा, जहां अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। एसएमएस अस्पताल में आउटडोर मरीजों की संख्या प्रतिदिन करीब 15 हजार है, ऐसे में इसके बनने के बाद इलाज के लिए एसएमएस आने वाले मरीजों को राहत मिलेगी और उन्हें समस्त सुविधाएं एक बिल्डिंग में उपलब्ध होंगी। जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में आईपीडी टावर बनाया जा रहा है ताकि कोई भी मरीज गुणवत्तापूर्ण उपचार से वंचित ना हो और सरकारी अस्पताल में ही बेहतरीन इलाज मिल सके। टावर के निर्माण से प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से आने वाले मरीजों को भी अच्छा इलाज मिल सकेगा।
टावर के भूतल में अत्याधुनिक मोर्चरी का निर्माण होगा। टॉवर की छत पर गंभीर मरीजों के लिए एयर एंबुलेंस हेलीपैड बनाया जायेगा।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा विभाग शुभ्रा सिंह, प्रमुख शासन सचिव,नगरीय विकास विभाग, टी.रविकान्त, प्रिसिंपल एसएमएस, निदेशक (अभियांत्रिकी) देवेन्द्र गुप्ता, निदेशक अभियांत्रिकी यूडीएच अशोक चौधरी, जेडीए एवं चिकित्सा विभाग के संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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विकसित राजस्थान- 2047 के लिए पशुपालन तथा संबंधित विभागों की परामर्श बैठक आयोजित 2047 तक राजस्थान को विकसित राज्य बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध - प्रमुख शासन सचिव
जयपुर, 11 जून 24। राजस्थान वर्ष 2047 तक देश में अग्रणी राज्य बने इसके लिए राज्य सरकार द्वारा विकसित राजस्थान- 2047 दस्तावेज तैयार किया जा रहा है। इसी कडी में पशुपालन विभाग द्वारा मंगलवार को पशुधन भवन में प्रमुख शासन सचिव, पशुपालन विभाग श्री विकास सीताराम भाले की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग के दस्तावेज को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पशुपालन विभाग से जुड़े राज्य स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।
प्रमुख शासन सचिव, श्री भाले ने कहा कि पशुपालन विकास राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र मे आता है इसलिए राज्य में पशुपालन के विकास के लिए प्रारूप तैयार करना और पशुपालन क्षेत्र की प्रगति को सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य के साथ विकसित राजस्थान के प्रारूप को तैयार किया गया है। इसका लक्ष्य पशुपालक की आय वृद्धि तथा किसानों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ साथ पशुओं के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाना भी है।
श्री भाले ने कहा कि आज राजस्थान देश भर में दूध और ऊन के उत्पादन में पहले स्थान पर जबकि पशुओं की संख्या के आधार पर दूसरे स्थान पर है। लेकिन अभी हमारे सामने कई चुनौतियां भी हैं। पशुपालन क्षेत्र अब नई चुनौतियों का सामना कर रहा है। नई नई किस्म की बीमारियां, चारे की कमी, पशुपालन की नई तकनीक तक पशुपालकों की पहुंच, पशुपालन को उद्योग का दर्जा दिलाना कुछ ऐसी ही चुनौतियां हैं जिन पर गंभीरता से काम किया जाना है। उन्हीं चुनौतियों को देखते हुए विकसित राजस्थान के दस्तावेज का रोड मैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि हर जिले में पशु विज्ञान केंद्र खोलने का भी प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम स्तर पर पशुपालकों को नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी विकसित राजस्थान के दस्तावेज का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान दस्तावेज का जो रोडमैप तैयार किया गया है वह निश्चित रूप से आने वाले समय में राज्य के पशुपालन क्षेत्र में संभावनाओं के द्वार खोलने वाला सिद्ध होगा।
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ भवानी सिंह राठौड़ ने कहा कि पशुपालन राज्य के कृषि अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है और ग्रामीण जनसंख्या को आजीविका प्रदान करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान 2047 के दस्तावेज को तैयार करते समय विभिन्न रोग नियंत्रण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
बैठक का संचालन करते हुए अतिरिक्त निदेशक (योजना एवं पर्यवेक्षण) डॉ आनंद सेजरा ने विकसित राजस्थान 2047 के रोडमैप की प्रस्तुति पावरप्वाइंट के माध्यम से दी। उन्होंने अधिकारियों से सुझाव भी आमंत्रित किए। श्री सेजरा ने कहा कि संभागी अपने सुझाव ई मेल के माध्यम से अगले तीन दिनों के अंदर भिजवा सकते हैं।
बैठक में पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण, पशुपालकों के प्रशिक्षण, चारा डिपो खोलने, पशु आहार पर अनुदान, ग्राम पंचायत स्तर पर पशु चिकित्सा केंद्र खोलने, पंचायत समिति स्तर पर पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान खोलने जैसे कई महत्वपूर्ण सुझाव आए। इनके अलावा पशुओं से जुड़ी समस्याओं और उनके निदान के लिए अलग से वेब पोर्टल निर्माण, गोशालाओं को स्वाबलंबी बनाने तथा पशुपालन और मत्स्य पालन को लघु उद्योग का दर्जा देने का सुझाव आया।
बैठक में विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ प्रकाशचंद भाटी, डॉ सुरेश मीणा, डॉ प्रवीण कुमार, आर सी डी एफ के प्रबंधक डॉ संतोष कुमार शर्मा सहित राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड, मत्स्य पालन विभाग, गोपालन विभाग के अधिकारियों तथा पशुपालकों ने भाग लिया।
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जल-जंगल और युवाओं को केंद्र में रखकर बने कार्ययोजना, ईमानदारी से हो क्रियान्वयनः खराड़ी
विकसित राजस्थान - 2047 को लेकर टीएडी हितधारकों की बैठक में टीएडी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों ने दिए सुझाव
जयपुर, 11 जून। केंद्र सरकार के विकसित भारत मिशन अंतर्गत विकसित राजस्थान-2047 अभियान के तहत जनजाति उपयोजना क्षेत्र का विजन दस्तावेज तैयार करने को लेकर जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग तथा माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में टीएडी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों की कार्यशाला मंगलवार को जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी की अध्यक्षता में उदयपुर आयुक्त कार्यालय सभागार में हुई। कार्यशाला में राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, नवनिर्वाचित सांसद उदयपुर डॉ. मन्नालाल रावत तथा राजसमंद सांसद श्रीमती महिमा कुमारी भी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों तथा अन्य हितधारकों ने जनजाति अंचल के समेकित विकास पर मंथन करते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। इन सुझावों को समावेशित करते हुए विजन दस्तावेज तैयार किया जाएगा।
कार्यशाला में वीडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से जुड़े शासन सचिव डॉ.जोगाराम ने विकसित राजस्थान अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 14 सेक्टर तय किए गए हैं। इसमें सामाजिक संरक्षण के तहत जनजाति कल्याण को शामिल किया गया है। जनप्रतिनिधियों और हितधारकों के सुझावों के आधार पर 30 जून तक विजन दस्तावेज तैयार कर प्रेषित किया जाएगा। प्रदेश स्तर पर दस्तावेज तैयार करने के बाद उसे केंद्र सरकार को भेजेंगे। 15 अगस्त को विजन दस्तावेज जारी किया जाना है।
श्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि जनजाति अंचल के समेकित विकास के लिए समन्वित प्रयास जरूरी हैं। योजनाएं बहुत हैं, धन की भी कोई कमी नहीं, आवश्यकता है कि क्षेत्र की जरूरत को समझते हुए ईमानदारी से काम कार्य किया जाए। उन्होंने जल-जंगल और युवाओं को केंद्र में रखकर कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचल का सही मायनों में विकास करना है तो स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग पर बल देना होगा। वन उपज संग्रहण एवं उसने उत्पाद तैयार करना और उन्हें बाजार उपलब्ध करवाना चाहिए। स्थानीय जलाशयों में स्थानीय आदिवासियों को प्रशिक्षित कर मछली पालन को बढ़ावा दिया जा सकता है। कौशल विकास सिर्फ प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहकर युवाओं को रोजगार से जोड़ने तक हो। युवाओं को लाईब्रेरी, ई-लाईब्रेरी तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग सुविधा में विस्तार की भी दरकार है। राज्यसभा सांसद श्री चुन्नीलाल गरासिया ने शिक्षा पर अधिक जोर देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा के अभाव में ही युवा दिग्भ्रमित हो रहा है। राजसमंद सांसद श्रीमती महिमा कुमारी ने भी जनप्रतिनिधियों और अधिकारिकों को ईमानदारी से काम करते हुए योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया।
उदयपुर के नवनिर्वाचित सांसद डॉ.मन्नालाल रावत ने अस्मिता, अस्तित्व और विकास में समन्वय पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचल की विरासतों और सांस्कृतिक विशिष्टताओं को पहचान दिलवाने की जरूरत है। उन्होंने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाए जाने, उसे नेशनल हाइवे से जोड़ने, बेणेश्वर धाम को विश्व पटल पर स्थापित करने, केसरियाजी, देवसोमनाथ, बेणेश्वर धाम और मानगढ़ धाम को पर्यटन सर्किट रूप में विकसित करने के सुझाव दिए। साथ ही जनजाति अंचल की सांस्कृतिक धरोहर गवरी के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर का संस्थान स्थापित किए जाने की आवश्यकता प्रतिपादित की । उन्होंने कृषि विज्ञान की तर्ज पर वन विज्ञान पर काम करते हुए वनोपज से आर्थिक उन्नयन के विकल्प तलाश करने, वन उत्पादों पर स्टार्ट अप शुरू किए जाने, उदयपुर में माइनिंग विश्वविद्यालय के लिए पुरजोर प्रयास करने, एक जिला— एक उत्पाद की तर्ज पर स्थानीय स्तर पर एक उपखण्ड-एक उत्पाद के आधार पर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, बावड़ियों को पुनर्जीवित करने, बड़े जलाशयों को आपस में जोड़ने की योजना तैयार किए जाने, आवासीय विद्यालयों को कौशल विकास केंद्र के रूप में विकसित करने, आदिवासी अंचल में स्टेच्यू ऑफ समरसता की परिकल्पना करते हुए उसे मूर्त रूप दिए जाने, उदयपुर में गो विज्ञान विश्वविद्यालय स्थापित करने आदि के सुझाव दिए।
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने कार्यशाला के उद्देश्य की जानकारी दी। निदेशक सांख्यिकी सुधीर दवे ने पीपीटी के माध्यम से जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। संचालन टीआरआई निदेशक अर्चना रांका ने किया। कार्यशाला में गोगुन्दा विधायक श्री प्रताप गमेती, सलूम्बर विधायक श्री अमृतलाल मीणा, वल्लभनगर विधायक श्री उदयलाल डांगी,उदयपुर जिला प्रमुख श्रीमती ममता कंवर व उप जिला प्रमुख श्री पुष्कर तेली, डूंगरपुर जिला प्रमुख श्री सूर्यादेवी अहारी सहित उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही, बारां, प्रतापगढ़ आदि जिलों में जनजाति कल्याण को लेकर कार्यरत स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने सुझाव दिए। अतिरिक्त आयुक्त प्रथम प्रभा गौतम अतिरिक्त आयुक्त (द्वितीय) अनिल कुमार शर्मा, उपायुक्त टीएडी अंजुम ताहिर सम्मा सहित टीएडी क्षेत्र के जिलों के विभागीय अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
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बीकानेर में हाथ पर गोविन्दराम अंकित व्यक्ति का शव मिला, शिनाख्त के प्रयास जारी
बीकानेर के उदयरामसर गाँव के पास मुख्य मार्ग के साइड में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। मृतक के शव की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है। मृतक व्यक्ति ने काले रंग की पेंट पहन रखी है। उसके दायें हाथ पर गोविन्दराम डूडी नाम का टैटू बना हुआ है।
अज्ञात शव की सूचना मिलने पर ख़िदमतगार ख़ादिम सोसाइटी के शोएब भाई, असहाय सेवा संस्थान के ताहिर हुसैन, रमज़ान, राजकुमार खड़गावत मौके पर पहुंचे। बाद में पुलिस की मौजूदगी में शव को पीबीएम अस्पताल के मोर्चरी में रखवाया गया।
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चिकित्सालय एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कालू बास में रिक्त पदों को भरा जाए - विधायक सारस्वत
बीकानेर, 10 जून। श्रीडूंगरगढ़ विधायक श्री ताराचंद सारस्वत ने क्षेत्र के उप जिला अस्पताल में रिक्त पदों को जल्दी भरने के लिए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को पत्र लिखा है। विधायक ने बताया कि चिकित्सालय में वरिष्ठ सर्जन का एक और जेएस स्त्री रोग के दो, नर्सिंग ऑफिसर के सभी छह तथा नर्सिंग ऑफिसर के 38 में से 26 पद रिक्त हैं। साथ ही एलटी के सभी पांच पद भी रिक्त हैं। उप जिला चिकित्सालय में कुल 105 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 67 पद रिक्त एवं चिकित्सा अधिकारी के दो पद रिक्त हैं। साथ ही वरिष्ठ विशेषज्ञ मेडिसिन जैसे महत्वपूर्ण पद भी रिक्त हैं।
केंद्रीय कानून मंत्री और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री से मिले विधायक सारस्वत
बीकानेर, 11 जून। श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने मंगलवार को दिल्ली में सांसद और केंद्रीय कानून मंत्री श्री अर्जुनराम मेघवाल से मुलाकात की। विधायक ने केंद्र सरकार में पुनः केन्द्रीय कानून मंत्री बनाए जाने पर उन्हें बधाई दी। विधायक ने अजमेर सांसद श्री भागीरथ चौधरी से भी मुलाकात की और उन्हें केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री बनाए जाने पर बधाई दी। विधायक श्री सारस्वत ने बताया कि श्री मेघवाल का पुनः कानून मंत्री बनना बीकानेर सहित पूरे राजस्थान के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने दोनों केंद्रीय मंत्रियों से क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की।










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