शिव पार्वती मंदिर में कृष्ण लीला, श्रद्धालु श्रीमद् भावगत कथा रसपान करने उमड़ रहे
अपने सुख का बखान नहीं, दूसरों के दुख में भागीदार बनो- पं. मुरली मनोहर व्यास
बीकानेर । किसी से मिलने जाओ, तब अपने सुख का बखान नहीं करना चाहिए, दूसरे के दुख में शामिल होना चाहिए।
किसी गरीब के पास जाओ तो अपनी अमीरी का बखान नहीं करना चाहिए। यह छोटी-छोटी बातें हमें याद रखनी चाहिए। ऐसी बातों से हो सकता है, किसी के दिल को ठेस पहुंचे।
शिव पार्वती मंदिर गोपेश्वर बस्ती के माली समाज भवन में बड़ी संख्या में मौजूद नर-नारियों को यह सद्ज्ञान व्यास पीठ पर विराजे पंडित मुरली मनोहर व्यास ने दिया। आयोजक सत्संग परिवार संस्थान के राजकुमार जैन ने बताया कि उन्होंने श्रीमद् भावगत कथा के माध्यम से सनातन संस्कृति को बचाने के साथ अपने संगी- साथियों की सहायता करने की बात कही।
शुक्रवार को कथा के छठे दिन उन्होंने पूतना वध का वृतांत बताते हुए यह बात कही। साथ ही नन्दात्मज शब्द की व्याख्या करते हुए बताया जहाँ आनन्द होता है वहा भगवान कृष्ण का निवास होता है अत: प्रत्येक मनुष्य को जीवन के प्रत्येक क्षण का आनन्द लेना चाहिए।
कथा को आगे बढ़ाते हुए मुरली मनोहर महाराज ने, पूतना वध, शकटासुरवध, माता यशोदा को विश्व दर्शन, श्रीकृष्ण को गोपिका द्वारा बन्धन, वकआकासुर वध, अधासुर वध, भगवान कृष्ण द्वारा गोचारण, धेनुकासुरवध, विषयुक्त जल पीने से मृत गायों और गोपिकाओं को पुन: जीवन प्रदान करना सहित अन्य प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया।
संस्थान के राजकुमार जैन ने बताया कि कथा स्थल पर व्यवस्था में शिवरतन अग्रवाल, रामदेव नागौरी, शशिकांत अग्रवाल, द्वारकादास, तुलसीराम जाजड़ा ,कमल सोनी ने व्यवस्था में सहयोग दिया।




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