खबरों में बीकानेर...
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*जीवन में नैतिकता, सद्भावना, और नशामुक्ति के भाव ही श्रेयस्कर है - आचार्य महाश्रमण ...*
आरएसएस कार्यकर्त्ता पहुंचे शांतिदूत की सन्निधि में*
*आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान की टीम पहुंची शांतिदूत के चरणों में ...*
बीकानेर 10 जून
आचार्य श्री महाश्रमण जी आज प्रात: देशनोक से विहार कर निकटवर्ती पलाना गांव पहुंचे रास्ते में श्रद्धालु लोग सेवा भाव से अपने आराध्य के दर्शन हेतु राजमार्ग के दोनों और बड़ी संख्या में उपस्थित रहे । आचार्य प्रवर अपनी इस यात्रा में जगह जगह पर प्रवास के समय जन-जन को अपने जीवन में नैतिकता, सद्भावना और नशा मुक्ति का संदेश दे रहे हैं । लोग आचार्य श्री महाश्रमण जी के प्रवचन को सुनकर उनके समक्ष ही इन मानवीय मूल्यों को आपने जीवन व्यवहार और आचरण में डालने की बात कर रहे हैं ।
मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र डाकलिया के अनुसार आज भी आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान की टीम अध्यक्ष महावीर रांका और महामंत्री हंसराज डागा के नेतृत्व में आचार्य श्री महाश्रमण जी के दर्शनार्थ उपस्थित हुई। आचार्य प्रवर ने विहार के दौरान भी मार्ग में रुककर कार्यकर्ताओं को आशीर्वाद प्रदान किया । गुरुदेव का मुख कमल और आशीर्वाद प्राप्त कर सब खुश हुए ।
आज के इस रास्ते की सेवा में पूनमचंद तातेड, जीवराज सामसुखा, विमलसिंह चौरड़िया, नारायण जी गुलगुलिया, भेरूदान सेठिया, धर्मेंद्र डाकलिया, दीपक आंचलिया, करनीदान रांका, मनीष बाफना, विनोद भंसाली, नवरतन सेठिया आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
भीनासर तेरापंथ सभा के अध्यक्ष पानमल डागा ने बताया कि आचार्य श्री महाश्रमण जी शनिवार प्रात: पलाना गांव से लगभग 14 किलोमीटर का विहार कर भीनासर प्रवेश करेंगे ।
भीनासर नोखा रोड पेट्रोल पंप के पास लगभग 9.30 और 10 बजे के पास बीकानेर सांसद अर्जुन राम जी मेघवाल, बीकानेर महापौर श्रीमती सुशीला कंवर आदि गणमान्य लोग आचार्य प्रवर का स्वागत अभिनंदन करेंगे ।
विमल सिंह बेद ने बताया कि वहां से जुलूस के माध्यम से नोखा रोड, सेठिया मोहल्ला होते हुए गुरुदेव अपनी धवल सेना के साथ तेरापंथ भवन, भीनासर पधारेंगे । और वहीं पास में स्थित बांठिया पैलेस में सुबह का प्रवचन होगा ।
🌸 *धर्माचरण से बने अच्छे गृहवासी – आचार्य महाश्रमण*🌸
*- बीकानेर की ओर अग्रसर युगप्रधान गुरूदेव
*– आरएसएस कार्यकर्त्ता पहुंचे शांतिदूत की सन्निधि में*
*10.06.2022, गुरुवार, देशनोक, बीकानेर (राजस्थान)*
पांव–पांव चल कर भारत के 23 राज्यों में जनकल्याण के लिए हजारों किलोमीटर पदयात्रा करने वाले अहिंसा यात्रा प्रणेता युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी कालू, लूणकरणसर, उदासर, मोरखाणा, देशनोक आदि क्षेत्रों से होते हुए बीकानेर की ओर अग्रसर है। आज आचार्यश्री का लगभग 10 किलोमीटर विहार कर पलाना पधारना हुआ। कल 11 जून को भीनासर, 12, 13 को बीकानेर, 14 से 17 जून तक गंगाशहर में गुरूदेव का प्रवास रहेगा। इस दौरान आचार्यप्रवर के सान्निध्य में विभिन्न कार्यक्रमों का भी समायोजन होगा।
पलाना के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय में उपस्थित जनता को प्रतिबोध देते हुए गुरुदेव ने कहा - मानव जीवन का परम लक्ष्य क्या है? यह चिंतन हमारे भीतर होना चाहिए। मोक्ष हमारा परम लक्ष्य है। अध्यात्म की दृष्टि से मोक्ष सर्वोच्च स्थिति होती है। मोक्ष में किसी प्रकार का कोई दुख नहीं कोई तकलीफ नहीं केवल सुख ही सुख होता है। मोक्ष प्राप्ति के लिए कषाय मुक्ति की साधना जरूरी है। क्रोध, मान, माया, लोभ रूपी कषाय मोक्ष की राह में बाधक तत्व है। क्रोध को मनुष्य का शत्रु कहा गया है। गुस्से में व्यक्ति क्या कर रहा है इसका उसे भान भी नहीं रहता। क्रोध का फल भी बुरा ही होता है।
आचार्यश्री ने आगे कहा की किसी को अपने ज्ञान, पद, पैसे का घमंड हो सकता है। पर घमंड किस बात का। जब मृत्यु होती है तो सब यही रह जाता है। किसी के बारे में दुर्वचन, चुगली आदि भी नहीं कहनी चाहिए। जीवन में जितने सद्गुण होंगे उतना ही जीवन उत्तम बन सकेगा। हर कोई सन्यासी नहीं बन सकता पर गृहस्थ होकर भी जीवन में धर्माचरण कर अच्छे गृहवासी बनने का प्रयास करे।
तत्पश्चात आचार्यश्री के आव्हान पर पलाना ग्रामवासियों ने सद्भावना, नैतिकता एवं नशामुक्ति के संकल्पों को स्वीकार किया।
मध्यान्ह में आचार्यप्रवर के सान्निध्य में आरएसएस कार्यकर्त्ता दर्शनार्थ पहुंचे। आचार्यश्री ने उन्हें प्रेरणा प्रदान करते हुए कार्यकर्ता कैसा हो, कार्यकर्ता के क्या कर्तव्य होने चाहिए आदि के बारे में उद्बोधन दिया। शांतिदूत ने कहा कि स्वयं का जीवन अच्छा हो तो दूसरों का जीवन सुधारना चाहिए। कार्यकर्ताओं को हर परिस्थिति में अपना मनोबल बनाए रखना चाहिए। कार्यकर्ताओं कि परिभाषा बताते हुए कहा कि निम्न श्रेणी के कार्यकर्ता बाधाओं को देख कर काम शुरू ही नहीं करते । मध्यम श्रेणी के कार्यकर्ता काम शुरू कर देते हैं परंतु बाधाएं आने पर काम छोड़ देते हैं वहीं श्रेष्ठ श्रेणी के कार्यकर्ता बाधाएं आने पर भी नया रास्ता खोज कर सफलता प्राप्त करते हैं। संगोष्ठी में आरएसएस बीकानेर विभाग के संघचालक टेकचन्द बरडिय़ा, कार्यवाहक संघ चालक गोमाराम जीनगर, गंगाशहर नगर संघ चालक डॉ. जतनलाल बाफना, लक्ष्मीनाथ नगर संघचालक ब्रह्मदत आचार्य, प्रान्त ग्राम विकास संयोजक निर्मल बरडिय़ा आदि कई आरएसएस कार्यकर्त्ता संभागी बने। संचालन श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा गंगाशहर की ओर से जैन लूणकरण छाजेड़ ने किया।







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