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*बीकानेर डेली न्यूज*
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प्रचार रथ से आगे बढ़ा स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान
बीकानेर, 1 फरवरी। कुष्ठ रोग निवारण दिवस से शुरू हुए "स्पर्श" कुष्ठ जागरूकता अभियान के अंतर्गत मंगलवार को प्रचार रथ द्वारा माइकिंग अभियान शुरू हुआ। स्वास्थ्य भवन से उपनिदेशक बीकानेर जोन डॉ राहुल हर्ष, डिप्टी सीएमएचओ डॉ योगेन्द्र तनेजा ने प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रचार रथ द्वारा प्रतिदिन विभिन्न शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के क्षेत्र में घूम-घूम कर कुष्ठ रोग के लक्षण, कारण, जांच, बचाव व उपचार के बारे में जन-जन को जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमएचओ स्वास्थ्य डॉ लोकेश गुप्ता ने बताया कि शहरी क्षेत्र के आलावा प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर भी माइकिंग व जागरूकता गतिविधियाँ जारी हैं जो 13 फरवरी तक चलेंगी। विशेषकर जिन क्षेत्रों से कुष्ठ रोग के केस रहे हैं उन स्थानों पर फोकस किया जा रहा है ताकि आमजन जागरूक होकर जांच के लिए आगे आएं।
*डीवर्मिंग मॉप-अप राउंड का हुआ शुभारम्भ*
*कृमि नाशक दवा खाने से वंचित रहे बच्चों को खिलाई दवा, सात फरवरी तक चलेगा राउंड*
बीकानेर, 1 फरवरी। कुपोषण व एनीमिया से बचाव के उद्देश्य से विगत अक्टूबर 2021 में आयोजित हुए कृमि मुक्ति अभियान में कृमि नाशक दवा से वंचित रहे बच्चों के लिए जिले में मंगलवार से डीवर्मिंग मॉप-अप राउंड कोविड गाइडलाइन के साथ प्रारंभ हुआ। अभियान 7 फरवरी तक चलेगा। जिला मुख्यालय पर राजकीय लेडी एल्गिन उच्च माध्यमिक विद्यालय, दयानंद मार्ग से अभियान की विधिवत शुरूआत अभियान के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमएचओ परिवार कल्याण डॉ योगेन्द्र तनेजा, आरसीएचओ डॉ राजेश कुमार गुप्ता व डॉ एम. अबरार पंवार ने की। पहले सभी अधिकारीयों व शिक्षकों ने गोली खाई फिर विद्यार्थियों को खिलाई गई। इस दौरान विद्यालय प्रधानाचार्या जागृति पुरोहित, शिक्षिका योगेश्वरी आचार्य, आई.ई.सी. समन्वयक मालकोश आचार्य, ईशान पुष्करणा, पीएचएम रोहित शर्मा आदि मौजूद रहे।
सीएमएचओ डॉ बी.एल. मीणा ने बताया कि कृमि नाशक दवा 01 से 19 वर्ष तक के बच्चों-किशोर-किशोरियों को एक से सात फरवरी तक दी जाएगी। कृमि संक्रमण से बच्चों में कुपोषण और खून की कमी होती है। जिसके कारण बच्चों में हमेशा थकावट रहती है जो संपूर्ण शारीरिक व मानसिक विकास को प्रभावित करती है।
डॉ योगेन्द्र तनेजा ने जानकारी दी कि एल्बेन्डाजोल दवा सभी विद्यालय, आंगनबाडी केन्द्र, सिटी डिस्पेंसरी और सब सेंटर पर खिलाई जाएगी ताकि बच्चों के पेट के कीड़ों से छुटकारा मिल सके। हालांकि दवा उन बच्चों को नहीं दी जाएगी जो बीमार व उपचाररत है। कृमि संक्रमण से बचाव के लिए बच्चों व अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे नाखून साफ रखें, हमेशा साफ पानी पीएंं, आस-पास सफाई रखें, खाने को ढक कर रखें, खुले में शौच न करें, फल व सब्जियों को साफ पानी से धोएं और जूते-चप्पल पहनकर कृमि से बचाव करें।
C P MEDIA


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