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बीकानेर में छुटपुट बरसे बादल, कुछ जगह सीवर लाइन उफनी
प्रदेश में वर्षा की कमी पर मुख्यमंत्री ने व्यक्त की चिंता
बीकानेर
बीकानेर में काफी दिनों के इंतजार और उमस भरी गर्मी के बाद बुधवार दोपहर में कुछ देर के लिए बादल बरसे। लेकिन छितराए हुए बादलों ने कहीं परनाला बहाया तो कहीं चंद बूंदे ही गिरी। लेकिन इस छुटपुट बारिश से ही कुछ जगह सीवर लाइन उफन पड़ी है। तुलसी सर्किल से अंबेडकर सर्किल के बीच में एक्स-रे गली पीबीएम अस्पताल, बच्चा अस्पताल के सामने आदि कुछ जगहों पर सीवर लाइन उफनने से पानी निकासी की समस्या भी सामने आई। इस क्षेत्र के कुछ ऐसे घरों में पानी निकासी एकबारगी थम गई जहां सीवर लाइन लेवल घरों के लेवल से मेल नहीं खा रही है। एक्स-रे गली क्षेत्र के निवासी कमल कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में 15-20 घरों और तुलसी सर्किल से अंबेडकर सर्किल के बीच के कुछ और घरों में बीते काफी दिनों से बार-बार सीवरेज जाम होने से पानी निकासी की समस्या आन खड़ी होती है। आज सुबह ही ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करवाई गई लेकिन अभी दोपहर तक कोई रिस्पांस वहां से नहीं मिला है। दूसरी ओर प्रदेश में अपेक्षा से कम बारिश होने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चिंता व्यक्त की है।
प्रदेश में वर्षा की कमी पर मुख्यमंत्री ने व्यक्त की चिंता
किसानों को राहत के लिए संयुक्त सर्वे के निर्देश
शीघ्र पूरी कराएं विशेष गिरदावरी
जयपुर, 31 अगस्त। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में अल्पवृष्टि के कारण फसलों को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में अल्पवृष्टि के कारण सूखने से फसलों को नुकसान हुआ है। राज्य सरकार इस स्थिति को लेकर गंभीर है। मुख्यमंत्री ने अल्पवृष्टि से किसानों को हुए नुकसान का संयुक्त सर्वे दल के माध्यम से आंकलन करने के निर्देश दिए हैं।
श्री गहलोत ने निर्देश दिए हैं कि राजस्व विभाग, कृषि विभाग तथा इंश्योरेंस कंपनी संयुक्त रूप से सर्वे कर किसानों को हुए नुकसान का आंकलन करे। इसके आधार पर प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए फसल बीमा योजना के तहत मुआवजे की कार्यवाही की जाए।
उल्लेखनीय है कि 31 अगस्त तक प्रदेश में सामान्य औसत से 12.30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। राज्य के 14 जिलों- सिरोही, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, श्रीगंगानगर, जालौर, झुंझुनूं, जोधपुर, पाली, राजसमंद एवं उदयपुर में औसत से कम वर्षा हुई है। मात्र पांच जिले- बारां, बूंदी, झालावाड़, कोटा और सवाई माधोपुर में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि बीते दिनों बारां, बूंदी, झालावाड़, कोटा, सवाई माधोपुर, धौलपुर, करौली, भरतपुर एवं टोंक जिलों में अतिवृष्टि के कारण फसलों में खराबा हुआ था, उसके आंकलन के लिए राज्य सरकार ने उसी समय विशेष गिरदावरी के निर्देश दे दिए थे। संबंधित जिला कलेक्टर इस काम को जल्द से जल्द पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने अल्पवर्षा वाले जिलों में पेयजल, चारा डिपो, पशु शिविर आदि के लिए अभी से समस्त अग्रिम तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य ने मंगलवार को जिला कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चर्चा कर वर्षा की कमी के कारण फसलों में खराबे की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर खराबा हुआ है, वहां सर्वे एवं गिरदावरी की कार्यवाही जल्द से जल्द पूरी करवाकर रिपोर्ट भिजवाएं ताकि किसानों को शीघ्र राहत दी जा सके।
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