खबरों में बीकानेर ✍🏻
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*BAHUBHASHI*
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*औरों से हटकर सबसे मिलकर*
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बीकानेर से खबर - पिता की मृत्यु पर बेटियां पितृऋण उतारने का उपक्रम कर मिसाल बनी
बेटे के अभाव में पिता को बेटी ने दी मुखाग्नि
बीकानेर। बीकानेर में रूढि़वादिता के विरुद्ध बेटियों ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया। बल्कि मुखाग्नि देकर एक बड़ी मिसाल पेश की । बेटी अपने पिता की अर्थी को शमशान घाट तक कंधा देते पहुंची और अंतिम संस्कार की रस्मों को भी पूरा कर मुखाग्नि भी दी। ऐसे में माहौल तो और अधिक गमगीन हुआ लेकिन मौजूद लोगों को बेटी के द्वारा बेटे का दायित्व निर्वहन होते देख तनु और महक बेटियों पर गर्वोक्ति भी हुई। बेटी ने ऐसा आदर्श पेश किया कि वह सबके लिए मिसाल बन गई । बेटा नहीं होने की वजह से पिता की मोक्षदायिनी बनी। बेटे की कमी को दूर करते हुए बेटी ने ही पितृऋण उतारने का उपक्रम किया । ऐसा बीकानेर में हुआ। बीकानेर के रथखाना निवासी रोडवेज से सेवानिवृत्त कर्मचारी 65 वर्षीय अशोक मुंजाल का कल देर रात निधन हो गया था । वे लम्बे समय से बीमार चल रहे थे । आज बड़ी बेटी तनु ने उनका अंतिम संस्कार किया । परदेशियो की बगेची में उनका अंतिम संस्कार किया गया। अशोक मुंजाल की दो बेटियां हैं। आज के समय मे एक बेटी ने अपने पिता को कंधा देकर समाज के लिए एक मैसेज दिया की बेटियां भी बेटों से कम नही है। एक तरफ जहाँ लोगों की ओर से बेटे को ज्यादा महत्व दिया जाता है और हर रीति रिवाज में बेटों को ही आगे रखा जाता है लेकिन इस बेटी ने इन दकियानूसी रिवाजों से ऊपर उठ कर अपना फर्ज निभाया।
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