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राजस्थान बोल रहा है : रायशुमारी से मंत्रिमंडल में फेरबदल नहीं होगा...!
फिर ये सारी कवायद किसलिए...
सांच को आंच नहीं : डॉ. कल्ला
विधायक फंड कटौती का फैसला वापस
सीएम आवास पर डिनर में डिप्लोमैसी परवान पर,
मंत्रियों पर फिर लगाए आरोप, मंत्रियों ने नकारे
जयपुर। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन
की 2 दिन की रायशुमारी गुरुवार शाम खत्म हो गई। दूसरे दिन करीब 8 घंटे तक उन्होंने विधायकों की राय जानी। वह 117 विधायकों से वन टू वन चर्चा कर चुके हैं। विधायकों ने मंत्रियों के खिलाफ खूब शिकायतें की हैं। कई विधायकों ने मंत्रियों के खराब बर्ताव की शिकायत की तो कइयों ने काम नहीं करने के आरोप लगाए। खासकर सचिन पायलट खेमे के विधायकों ने। पायलट समर्थक परबतसर विधायक रामनिवास गावडिय़ा ने कहा
कि सरकार बनाने के लिए जिन लोगों ने खून पसीना बहाया, उनको साथ में भागीदारी नहीं मिलेगी तो आने वाले समय में और गतिरोध बढ़ेगा। इसका खमियाजा भी पार्टी को भुगतना पड़ेगा। समय पर काम नहीं करने वाले मंत्रियों की भी प्रभारी से शिकायत की है। गुरुवार को दिनभर माकन 20 जिलों के 52 विधायकों से वन टू वन चर्चा करने में व्यस्त रहे। रायशुमारी के बाद शाम को सभी विधायकों को मुयमंत्री की तरफ से सीएम निवास पर डिनर पर आमंत्रित किया गया इसमें माकन भी शामिल हुए। रायशुमारी के बाद गहलोत के डिनर की सियासी हलकों में चर्चा है। डिनर को रायशुमारी के परिणाम से जोड़कर देखा जा रहा है। रायशुमारी के दूसरे दिन टोंक से विधायक पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट नहीं आए। पायलट दो दिन से दिल्ली में हैं और माकन के जयपुर आने से पहले करीब घंटे भर तक उनसे चर्चा कर चुके हैं। इन 20 जिलों के विधायकों से हुई बात आज 20 जिलों के 52 विधायकों से वन टू वन चर्चा की। आज अजमेर,नागौर, भीलवाड़ा, टोंक, उदयपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, चिाौडग़ढ़, बांसवाड़ा,बीकानेर,चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बाड़मेर, जोधपुर, जैसलमेर, जालौर, पाली और सिरोही के विधायकों से वन-टू-वन बात की।
रायशुमारी के पहले दिन की तरह आज भी कई विधायक मंत्रियों की शिकायत कर रहे हैं। निशाने पर वे ही मंत्री हैं जो कल थे। स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, जलदाय मंत्री बीडी कल्ला आज भी कई विधायकों के निशाने पर हैं। मंत्रियों पर विधायकों के काम नहीं करने, ठीक से बर्ताव नहीं करने जैसे आरोप हैं। वहीं सचिन पायलट समर्थक विधायकों को 13 निर्दलीय विधायकों से फीडबैक लेने पर आपत्ति है। पायलट समर्थक विधायकों ने कल भी प्रभारी माकन को सुझाव दिया था कि जिन सीटों पर कांग्रेस हारी वहां के उमीदवारों से भी बुलाकर फीडबैक लिया जाए।
सांच को आंच नहीं : डॉ. कल्ला
इस बीच विधायकों के निशाने पर आए जलदाय मंत्री बीडी कल्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा, मैं कोई जवाब नहीं देना चाहता। सब लोग जानते हैं कि मैं या करता हूं, या नहीं करता। संगठन के
बारे में बात हुई है। आज जिलों के बारे में बात हुई है। हमारा विभाग या काम कर रहा है। या प्रोग्रेस है। इस बारे में बात हुई है। जिन विधायकों ने शिकायत की है, उनसे पूछो कि या है मेरे परिवार में किसी भी व्यक्ति का कोई ठेका नहीं है। सांच को कोई आंच नहीं है।
नॉन परफॉर्मर मंत्रियों को हटाएं : बैरवा अजय माकन के फीडबैक कार्यक्रम में निवाई से विधायक प्रशांत बैरवा ने कहा- मंत्रिमंडल में जल्द होना चाहिए। जो नॉन परफॉर्मर मंत्री हैं, उन्हें हटाकर नए लोगों को मौका मिलना चाहिए।
मीडिया से बातचीत में भी प्रशांत बैरवा ने यही बातें दोहराईं। बैरवा ने कहा- पार्टी में सभी नेताओं का अपना महत्व होता है। जो लोग मंत्रिमंडल में अच्छा नहीं कर पा रहे, उन्हें संगठन में मौका दिया जा सकता है। मंत्री ठीक तरीके से काम नहीं कर पाते तो इससे पार्टी की भी किरकिरी होती है। मंत्रिमंडल में युवाओं को भी पूरा मौका मिलना
चाहिए। सचिन पायलट की भूमिका आलाकमान तय करेंगे। जो तय होगा, उसी के साथ हमलोग हैं।
विधायकों की शिकायतों पर स्वास्थ्य मंत्री भड़के
रायशुमारी से मंत्रिमंडल में फेरबदल नहीं होगा, जो सुर्खियां देखकर राजी होना चाहते हैं उन्हें मुबारक हो : रघु शर्मा
जयपुर। अजय माकन की रायशुमारी में विधायकों ने स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा की शिकायतें की है। खुद को हटाए जाने की चर्चाओं को लेकर मंत्री रघु शर्मा ने बिना नाम लिए सचिन पायलट खेमे पर
निशाना साधा। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, रायशुमारी मंत्रिमंडल फेरबदल के लिए नहीं है, जो सुर्खियां बन रही हैं, उनमें सच्चाई नहीं है। जो लोग अखबारों की सुर्खियां देखकर राजी होना
चाहते हैं, उन्हें मुबारक हो। इसका मंत्रिमंडल फेरबदल से कोई लेना देना नहीं है। यह सब बातें नियोजित रूप से छपवाई जा रही हैं। मेरे खिलाफ कोई प्रोपेगेंडा टिकेगा नहीं। रघु शर्मा ने बताया कि यह कहा गया कि स्वास्थ्य मंत्री, शांति धारीवाल और गोविंद सिंह डोटासरा के बारे में विधायकों ने शिकायत की है, बेबुनियाद बात है। शांति धारीवाल ने कोरोना में शानदार काम किया है। गोविंद सिंह डोटासरा हमारे अध्यक्ष हैं। जब सब अच्छा काम कर रहे हैं तो मंत्रियों की शिकायतें यों करेंगे। मेरे खिलाफ विधायकों की शिकायतें करने की बेबुनियाद बातें कही जा रही हैं। रायशुमारी में आम विधायकों की राय ली जा रही है, इसे लेकर दूसरी चर्चाएं गलत है।
विधायक फंड कटौती का फैसला वापस
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन की विधायकों के साथ दो दिन की वन टू वन रायशुमारी के बाद शाम को सीएम आवास पर मुख्यमंत्री ने डिनर दिया। डिनर से पहले सीएम निवास पर कांग्रेस और समर्थक विधायक दल की बैठक में फिर एकजुटता की बात दोहराई गई। विधायकों को खुश करने के लिए कोरोना काल में वैक्सीनेशन के लिए एमएलए फंड से 3 करोड़ रुपए काटने के प्रावधान को वापस लेने की घोषणा की गई। अब विधायक फंड का पूरा 5 करोड़ विधायकों की
सिफारिश पर ही खर्च होगा। विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- सब विधायक पुरानी बातों को भूलक मिलजुलकर एकजुटता से आगे बढ़ें। विकास के कामों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। आप मांगते-मांगते थक जाओगे, मैं देते-देते नहीं थकूंगा। हमने पहले भी खूब विकास किया है। आगे भी यह गति बरकरार रहेगी। हमारी एक ही कमी रह जाती है। हम हमारे अच्छे कामों को जनता तक नहीं पुहंचा पाते। हर विधायक अपने क्षेत्र में विकास के कामों की डायरेक्ट्री छपवाए और उसे जनता में बांटे ताकि सबको पता लगे। गहलोत ने कहा- विधायकों के तीन माह के कामकाज का परफॉर्मेँस कार्ड बनेगा, इसे हाईकमान के पास भेजा जाएगा प्रभारी अजय माकन बोले-सरकार के काम से विधायक खुश प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने कहा- दो दिन के विधायकों के फीडबैक में हमें सरकार को लेकर बहुत अच्छा रिस्पांस मिला है। सभी विधायकों ने एक सुर में बजट घोषणाओं को तुरंत लागू करने की बात कही है और बताया है कि सरकार का विकास पर पूरा फोकस है। अब हमें 2023 में वापस सरकार कैसे बने, इस मिशन पर लगना है। इस बार सरकार जिस तरह काम कर रही है, उसे देखकर लगता है सरकार फिर से बनने से कोई नहीं रोक सकता। मुयमंत्री इसी तरह विकास के कामों को आगे बढ़ाते रहें। 70 साल में जितना काम नहीं हुआ, उतना काम हुआ है। इसलिए सरकार रिपीट होने से कोई नहीं रोक सकता।
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